जी के गोस्वामी जी द्वारा छात्रों को अपराधों के बदलते स्वरूप एवं उनके अन्वेषण तथा विचरण मे तकनीकी एवं विज्ञान को विधि में सम्मलित किये जाने पर जोर दिया गया
देश की उपासना ब्यूरो
लखनऊ: दिनांक 28 अप्रैल 26 को जय नारायण मिश्र महाविद्यालय, लखनऊ में उत्तर प्रदेश फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो (डा.) जी. के. गोस्वामी (आई.पी.एस.) द्वारा विधि के शिक्षकों एवं छात्रो की उपस्थिति में “Interface of Law & Technology : New Career Avenues for young Advocates विषय पर व्याख्यान दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्जवलित कर मुख्य अतिथि को अंग वस्त्र एवं बुके देकर किया गया।डा जी के गोस्वामी जी द्वारा छात्रों को अपराधों के बदलते स्वरूप एवं उनके अन्वेषण तथा विचरण मे तकनीकी एवं विज्ञान को विधि में सम्मलित किये जाने पर जोर दिया गया और छात्रों को प्रचलित विधि के साथ साथ नये आने वाले तकनीक से जुड़े विषयों के अध्ययन पर जोर दिया, वर्तमान में फॉरेंसिक विज्ञान के प्रभाव एवं उपयोगिता को नये विधियों से जोड़ते हुए न्याय की अवधारणा को पूर्ण करने के लिए साक्ष्य को किस प्रकार न्यायालयों के समक्ष प्रस्तुत किया जाय इस पर भी प्रकाश डाला। साथ ही साथ साक्ष्यों के सुसंगतता एवं ग्रहणीयता जैसे गंभीर विषय को बड़े तार्किक रूप से प्रस्तुत किया गया।
व्याख्यान में छात्रों के अतिरिक्त महाविद्यालय के प्रबंधक श्री सन्मय शुक्ल, प्राचार्य प्रो के के शुक्ल, खुन खुन जी गर्ल्स महाविद्यालय प्राचार्य एवं लुआक्टा महामन्त्री प्रो अंशु केडिया ,लुआक्टा के कोषाध्यक्ष डा कीर्ति प्रकाश तिवारी तथा मुमताज पी जी कालेज, लखनऊ के शिक्षक डा इमरान , डा मदनी एवं विधि विभाग जय नारायण महाविद्यालय के शिक्षक डा. बालेश्वर प्रसाद डा. दिवाकर यादव, डा. महेंद्र कुमार वैश्य, डा विपिन यादव, डा प्रमोद यादव, डा सना सिद्दीकी उपस्थित रहे। अतिथियो का आभार विधि विभाग के प्रभारी प्रो मनोज पांडेय द्वारा किया गया।

