ट्रेन सफर में कुरकुरे दिलाने के बहाने मासूम को ले गया अजनबी
*जीआरपी में मुकदमा दर्ज, सीसीटीवी फुटेज से संदिग्ध की तलाश तेज
मड़िहान/मीरजापुर। संतनगर थाना क्षेत्र स्थित कमलापुर ओबराडीह गांव निवासी दिल्ली जाने के लिए घर से निकले थे। मां ने शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा कि रास्ते में मिला एक अजनबी कुछ ही घंटों में उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी चिंता बन जाएगा। ट्रेन के सफर के दौरान परिवार से घुल-मिल गए अज्ञात व्यक्ति ने प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर महज “बेटी को कुरकुरे दिलाकर लाता हूं” कहकर नौ वर्षीय मासूम को अपने साथ लिया और फिर वापस नहीं लौटा। देखते ही देखते कुछ मिनटों का इंतजार घंटों की बेचैनी में बदल गया। मां स्टेशन पर अपनी बेटी को खोजती रही, लेकिन मासूम का कहीं पता नहीं चला। मामले में पीड़ित मां की तहरीर पर जीआरपी प्रयागराज में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं घटना के बाद रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। बताया जा रहा है कि फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान करने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है। पुलिस की टीमें बच्ची को सकुशल बरामद करने और आरोपी तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हैं। घटना 08 सितंबर 2026 की बताई जा रही है। मड़िहान थाना क्षेत्र की रहने वाली आशा देवी अपनी नौ वर्षीय बेटी और मुंह बोले भाई अनुज के साथ दिल्ली जाने के लिए घर से निकली थीं। प्रयागराज से आगे की यात्रा के लिए वह मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पहुंचीं। यहीं उनकी मुलाकात एक अजनबी व्यक्ति से हुई। उसने भी स्वयं को दिल्ली जाने वाला बताया। एक ही मंजिल की बात सुनकर सामान्य यात्री की तरह बातचीत शुरू हुई और परिवार को उस समय उस पर किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। पीड़ित मां की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, उस व्यक्ति ने भी उनके साथ टिकट लिया। शाम करीब छह बजे सभी ट्रेन से प्रयागराज के लिए रवाना हुए। कुछ घंटों का यह साथ धीरे-धीरे विश्वास में बदलता गया। किसी को अंदाजा नहीं था कि यही भरोसा आगे चलकर परिवार के लिए इतनी बड़ी परेशानी का कारण बन जाएगा। प्रयागराज रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद करीब साढ़े सात बजे शाम आरोपी ने मासूम से कुरकुरे दिलाने की बात कही और उसे अपने साथ लेकर चला गया। मां को लगा कि वह बच्ची को कुछ खाने का सामान दिलाकर कुछ ही मिनट में वापस आ जाएगा। वह इंतजार करती रही। पहले पांच-दस मिनट गुजरे, फिर समय बढ़ता चला गया। लेकिन न वह अजनबी लौटा और न ही उसके साथ गई बच्ची। दुकानों, प्लेटफॉर्म और आसपास के हिस्सों में मासूम को तलाशा गया, लेकिन हर कोशिश के बाद परिवार के हाथ मायूसी ही लगी। काफी खोजबीन के बाद भी जब मासूम का कोई सुराग नहीं लगा तो परिजन जीआरपी के पास पहुंचे और पूरी घटना बताई। मां की तहरीर के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। घटना रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थान पर होने के कारण सीसीटीवी कैमरों को जांच का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया। पुलिस ने स्टेशन तथा आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। बताया जा रहा है कि कैमरों में बच्ची को साथ ले जाता संदिग्ध दिखाई पड़ा है। फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी और बच्ची की सकुशल बरामदगी के लिए तलाश तेज कर दी गई है। हालांकि पुलिस की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी होने तक उसकी पहचान को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

