तिरंगा यात्रा अमर बलिदानियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की अभिव्यक्ति : योगी आदित्यनाथ
गोरखपुर,लखनऊ(आरएनएस ) । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तिरंगा यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि भारत के हुतात्माओं, अमर बलिदानियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है। देश और प्रदेश के युवाओं को राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास तथा स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। मुख्यमंत्री सोमवार को ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ के अंतर्गत गोरखपुर में नगर निगम पार्क स्थित अमर वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा से रेलवे स्टेशन के समीप महाराणा प्रताप की प्रतिमा तक निकाली गई तिरंगा यात्रा में शामिल होने से पूर्व आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इससे पूर्व उन्होंने जनसेवा के लिए समर्पित एम्बुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है। देश की आजादी के आंदोलन के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अलग-अलग समय में विभिन्न प्रकार के ध्वजों के माध्यम से आंदोलन को नई गति प्रदान की। वर्ष 1905 में स्वदेशी आंदोलन भारत की आजादी का मंत्र बना। इसके बाद 1930 के दशक में तिरंगे के मध्य चरखे का चिन्ह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के ध्वज का प्रतीक बना। स्वतंत्र भारत में तिरंगे के साथ धर्मचक्र को स्थान दिया गया और राष्ट्रीय ध्वज को स्वीकार किया गया।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि जिस राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के लिए पहले भारत के नागरिकों को न्यायालय में संघर्ष करना पड़ता था, आज प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक अपने घर पर तिरंगा फहराने का अधिकार प्राप्त है। आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान वर्ष 2022 में राष्ट्रीय ध्वज संहिता में संशोधन किया गया, जिसके बाद कोई भी नागरिक सम्मानजनक ढंग से अपने घर पर तिरंगा फहरा सकता है।उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से प्रत्येक नागरिक अपने घर पर तिरंगा फहराकर गौरव की अनुभूति कर सकता है। वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 के बाद वर्ष 2026 में भी तिरंगा यात्रा के साथ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान व्यापक जनभागीदारी की ओर बढ़ रहा है। तिरंगे के प्रति जागरूकता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने के लिए प्रदेशभर में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं, जिनमें हजारों की संख्या में युवा हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र के महापुरुष और क्रांतिकारी प्रत्येक युवा के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं। तिरंगा भारत के क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान की अमिट गाथा का प्रतीक है। किसी युवा से उसके आदर्श को छीनना उसे गौरव के भाव से वंचित करने के समान है। युवाओं को राष्ट्रगौरव की अनुभूति से जोड़ने के लिए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया गया है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश हमेशा से भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का केंद्र बिंदु रहा है। बैरकपुर में मंगल पांडे, गोरखपुर में शहीद बंधू सिंह, झांसी में रानी लक्ष्मीबाई, बिठूर-कानपुर में तात्या टोपे तथा मेरठ में धन सिंह कोतवाल ने स्वतंत्रता की जो चिंगारी प्रज्ज्वलित की थी, वह प्रत्येक जनपद और गांव तक पहुंची तथा भारत की आजादी का मंत्र बनी। आजादी हमें अचानक नहीं मिली, बल्कि इसके लिए देशवासियों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। वर्ष 1922 की चौरी-चौरा की ऐतिहासिक घटना ने अंग्रेजी शासन की चूलें हिला दी थीं।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन भी भारत की आजादी का मंत्र था। वर्ष 1925 में पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, चंद्रशेखर आजाद, शचीन्द्रनाथ सान्याल और राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी सहित अनेक क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों द्वारा भारत से लूटकर ब्रिटेन ले जाए जा रहे धन को वापस लेकर उसे देश की आजादी के लिए उपयोग करने का कार्य किया। इसी उद्देश्य से काकोरी ट्रेन एक्शन की ऐतिहासिक घटना को अंजाम दिया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने काकोरी ट्रेन एक्शन को ‘डकैती’ कहा था और देश की आजादी के बाद भी लंबे समय तक काकोरी की घटना को इसी दृष्टिकोण से पढ़ाया जाता रहा। अब काकोरी की घटना को ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ के रूप में प्रतिष्ठित करते हुए क्रांतिकारियों के योगदान को उचित सम्मान दिया जा रहा है। पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां और राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी सहित अनेक क्रांतिकारियों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। अलग-अलग स्थानों की जेलों में इन अमर बलिदानियों को फांसी दी गई।उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक इन क्रांतिकारियों को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। उनकी प्रतिमाएं स्थापित नहीं की जाती थीं और उनके नाम पर सड़कों एवं संस्थाओं के नाम रखने में भी उपेक्षा की गई। अब इन अमर क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को उचित सम्मान दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के अंतर्गत निकलने वाली तिरंगा यात्राओं में उत्साहपूर्वक भाग लें और अपनी सहभागिता से संबंधित सेल्फी अपलोड करें। सरकार ने इस वर्ष उत्तर प्रदेश में पांच करोड़ घरों में तिरंगा फहराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रत्येक सरकारी, अर्द्धसरकारी एवं निजी संस्थान, उद्योग, व्यापारिक प्रतिष्ठान तथा घरों में तिरंगा फहराया जाएगा।उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और क्रांतिकारियों ने जाति-पांति का विचार किए बिना राष्ट्र के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। महान क्रांतिकारियों ने राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य किया। हम सभी तिरंगा, वंदे मातरम् और राष्ट्रगान का सम्मान करके उन क्रांतिकारियों तथा अपनी गौरवशाली विरासत का सम्मान कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और उसके राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान प्रत्येक नागरिक का दायित्व होना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह वर्ष वंदे मातरम् की रचना के 150वें वर्ष के रूप में भी महत्वपूर्ण है। वंदे मातरम् के प्रति सम्मान और राष्ट्रभाव को व्यापक रूप से जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।कार्यक्रम में मत्स्य मंत्री संजय निषाद, सांसद रवि किशन शुक्ल, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, विधायक बिपिन सिंह, फतेह बहादुर सिंह, महेन्द्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, राजेश त्रिपाठी, श्रीराम चौहान, इंजीनियर सरवन कुमार निषाद सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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शराब के लिए रुपये नहीं मिलने पर हाईटेंशन टावर पर चढ़ा ग्रामीण, पुलिस और एसडीआरएफ ने सकुशल उतारा
लखनऊ(आरएनएस )। काकोरी थाना क्षेत्र के अजीतन खेड़ा गांव में रविवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 50 वर्षीय ग्रामीण शिवबरन पुत्र शिवराज यादव हाईटेंशन विद्युत टावर पर चढ़ गया। सूचना मिलते ही काकोरी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विद्युत विभाग, फायर सर्विस और एसडीआरएफ टीम के साथ समन्वय कर ग्रामीण को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए।पुलिस के अनुसार, 9 अगस्त 2026 को रात करीब 11:30 बजे सूचना मिली कि अजीतन खेड़ा निवासी शिवबरन हाईटेंशन विद्युत टावर पर चढ़ गया है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक काकोरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और विद्युत विभाग से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। इसके साथ ही फायर सर्विस और एसडीआरएफ टीम को भी मौके पर बुलाया गया।मौके पर पहुंची फायर सर्विस और एसडीआरएफ टीम ने ग्रामीण को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास किया। काफी प्रयास के बाद दो लोग टावर पर चढ़े और शिवबरन को सकुशल नीचे उतार लिया। इसके बाद उसे एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेहटा भेजा गया, जहां आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।पूछताछ में शिवबरन ने बताया कि उसकी पत्नी उसे शराब के लिए रुपये नहीं दे रही थी। उसने गांव के ही एक व्यक्ति पर करीब चार लाख रुपये बकाया होने की बात भी कही, जिसे उसकी पत्नी ने गलत बताया।चिकित्सकीय परीक्षण के बाद शिवबरन अपने परिजनों के साथ गांव चला गया। पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ और विद्युत विभाग के समन्वित प्रयास से उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
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ऐशबाग रेल पुल पर कार और स्कूटी में भिड़ंत, दो युवक घायल
लखनऊ(आरएनएस )। बाजारखाला थाना क्षेत्र में रविवार देर रात ऐशबाग रेल पुल के ऊपर मारुति सुजुकी सिलेरियो कार और स्कूटी के बीच हुई टक्कर में स्कूटी सवार दो युवक घायल हो गए। दोनों घायलों को पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से उपचार के लिए अस्पताल भेजा।पुलिस के अनुसार, 9 अगस्त 2026 को रात करीब 11:30 बजे ऐशबाग रेल पुल के ऊपर कार संख्या यूपी 32 एमएन 3903 और स्कूटी संख्या यूपी 32 पीवी 4513 के बीच सड़क दुर्घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही ऐशबाग चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ तथा बाजारखाला थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे।मौके पर जांच में पता चला कि स्कूटी सवार मोहम्मद शादाब खान पुत्र अब्दुल रहीम खान निवासी बाग आईना, थाना हुसैनगंज और उनके साथी फैज अली पुत्र इम्तियाज अली, निवासी बाग आईना, थाना हुसैनगंज, ऐशबाग तिराहे से नाका की ओर जा रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही सिलेरियो कार से उनकी स्कूटी की टक्कर हो गई।दुर्घटना में मोहम्मद शादाब खान और फैज अली के पैरों में चोटें आईं। पुलिस ने दोनों घायलों को तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल भेजकर उपचार की व्यवस्था कराई। मौके पर आवश्यक कार्रवाई के साथ यातायात व्यवस्था को भी सुचारू कराया गया। पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर शांति एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।
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दीवार काटकर घर में घुसे चोर, आलमारी का ताला तोड़कर जेवरात किए पार
लखनऊ(आरएनएस )। काकोरी थाना क्षेत्र के सराय अलीपुर गांव में चोरों ने रात के समय दीवार काटकर एक घर में सेंधमारी कर दी और आलमारी का ताला तोड़कर उसमें रखे जेवरात चोरी कर फरार हो गए। सुबह घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।पुलिस के अनुसार, आज सुबह करीब 8:30 बजे सराय अलीपुर निवासी अनिल पुत्र रज्जनलाल ने अपने घर में चोरी होने की सूचना दी। बताया गया कि अज्ञात चोरों ने रात में दीवार काटकर घर में प्रवेश किया और आलमारी का ताला तोड़कर उसमें रखे जेवरात चोरी कर लिए।सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी शैलेश प्रताप सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस द्वारा अन्य साक्ष्यों को भी एकत्र किया जा रहा है।पुलिस ने बताया कि पीड़ित से तहरीर प्राप्त कर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। घटना के शीघ्र खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है। टीम सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात चोरों की पहचान और चोरी गए सामान की बरामदगी के प्रयास में जुटी है। मामले में जांच एवं अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
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सीईआईआर पोर्टल से ट्रेस कर गाजीपुर पुलिस ने बरामद किए 36 गुम मोबाइल, 5.80 लाख रुपये के फोन मालिकों को सौंपे
लखनऊ(आरएनएस )। गाजीपुर थाना पुलिस की साइबर हेल्पडेस्क टीम ने तकनीकी निगरानी और सीईआईआर पोर्टल की मदद से विभिन्न स्थानों से गुम एवं खोए हुए 36 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोनों की अनुमानित कीमत करीब 5.80 लाख रुपये बताई गई है। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने सभी मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए।पुलिस के अनुसार, पुलिस उपायुक्त पूर्वी के पर्यवेक्षण, अपर पुलिस उपायुक्त पूर्वी एवं सहायक पुलिस आयुक्त गाजीपुर के निर्देशन तथा प्रभारी निरीक्षक गाजीपुर राजेश कुमार मौर्य के नेतृत्व में साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा गुम और खोए मोबाइल फोनों की लगातार तकनीकी निगरानी एवं ट्रेसिंग की जा रही थी। इसी क्रम में सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल का प्रभावी उपयोग करते हुए गाजीपुर थाने पर दर्ज विभिन्न मामलों में गुम हुए मोबाइल फोनों की तकनीकी जानकारी जुटाई गई।पुलिस टीम ने मोबाइल फोन के उपयोग एवं स्थान से संबंधित प्राप्त तकनीकी विवरण का विश्लेषण कर अलग-अलग स्थानों से कुल 36 मोबाइल बरामद किए। इनमें कुछ मोबाइल फोन ऐसे भी शामिल हैं, जो वर्ष 2023 और 2024 में गुम हुए थे। लंबे समय बीत जाने के बाद भी साइबर हेल्पडेस्क की लगातार तकनीकी निगरानी और सीईआईआर पोर्टल पर उपलब्ध सूचनाओं के विश्लेषण के आधार पर इन मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया गया।बरामद मोबाइल फोनों में ओप्पो, वीवो, सैमसंग, मोटोरोला, वनप्लस, रियलमी, रेडमी, पोको, लावा और आईटेल सहित विभिन्न कंपनियों के मोबाइल शामिल हैं। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मोबाइल स्वामियों को थाना गाजीपुर बुलाकर उनके फोन सुपुर्द किए गए।लंबे समय बाद अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर मोबाइल स्वामियों ने खुशी जताई और गाजीपुर थाना पुलिस, साइबर हेल्पडेस्क टीम तथा लखनऊ पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।मोबाइल बरामद करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अभिषेक वर्मा, सहायक उपनिरीक्षक एवं कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-‘बी’ आमिर अली खान, कांस्टेबल गौरव शर्मा तथा महिला कांस्टेबल पूजा शर्मा शामिल रहीं।पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल संबंधित थाने अथवा साइबर हेल्पडेस्क को सूचना दें। साथ ही मोबाइल के आईएमईआई नंबर को सीईआईआर पोर्टल पर ब्लॉक एवं ट्रेस कराने की प्रक्रिया अपनाएं, ताकि गुम या चोरी हुए मोबाइल की बरामदगी में पुलिस को सहायता मिल सके।
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तीन मकानों में चोरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, जेवरात, नकदी और तार बरामद
लखनऊ(आरएनएस )। गोमतीनगर और गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र में मकानों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पीली व सफेद धातु के आभूषण, 8,100 रुपये नकद, करीब 2.6 किलोग्राम बिजली के तार तथा वारदात में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों में मोनू गौतम, रामदयाल साहनी और विशाल रावत शामिल हैं।पुलिस के अनुसार, गोमतीनगर विस्तार थाने में 29 जुलाई 2026 की रात विज्ञानखंड निवासी ऊषा कुमारी के मकान की खिड़की तोड़कर घर में घुसने और कीमती जेवरात व नकदी चोरी किए जाने का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अलावा 15 जून को सेक्टर-5 गोमतीनगर विस्तार निवासी प्रांजल त्रिपाठी के मकान का ताला तोड़कर वायरिंग का तार चोरी करने तथा 8 अगस्त की रात विनीतखंड गोमतीनगर निवासी सूरज सिंह के मकान से लेनोवो लैपटॉप, चार्जर, बैग, चांदी की मूर्ति और नकदी चोरी किए जाने के मामले भी दर्ज थे।पुलिस ने इन घटनाओं की जांच के दौरान सुरागरसी-पतारसी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी क्रम में मुखबिर की सूचना पर तीनों आरोपियों को 10 अगस्त 2026 की रात करीब 1:40 बजे गोमतीनगर विस्तार थाना क्षेत्र के सेक्टर-4 स्थित ईदगाह के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोनू गौतम पुत्र दन्नू, निवासी जहांगीरपुरी, नई दिल्ली, हाल निवासी लक्ष्मणपुरी, थाना गाजीपुर, लखनऊ, उम्र करीब 40 वर्ष, रामदयाल साहनी पुत्र मजनू साहनी, निवासी सीतामढ़ी, बिहार, हाल निवासी विजय बिहार, तकरोही, थाना इंदिरानगर, लखनऊ, उम्र करीब 31 वर्ष तथा विशाल रावत पुत्र रामपाल रावत, निवासी कठौता, विजयंतखंड, थाना विभूतिखंड, लखनऊ, उम्र करीब 25 वर्ष के रूप में हुई है।पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से चार पतले और दो चौड़े पीली धातु के कंगन, दो मंगलसूत्र के लॉकेट, एक जोड़ी पुरानी बिछिया, एक पायल, काले, नीले, सफेद और लाल रंग के करीब 2.6 किलोग्राम तार, 8,100 रुपये नकद तथा वारदात में प्रयुक्त नीले रंग की अपाचे मोटरसाइकिल संख्या यूपी 32 एलजे 9318 बरामद हुई है।पुलिस ने बताया कि बरामदगी के आधार पर गोमतीनगर विस्तार थाने में दर्ज दोनों मुकदमों में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। वहीं गोमतीनगर थाने में दर्ज चोरी के मुकदमे का भी अनावरण किया गया है।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मोनू गौतम के खिलाफ वर्ष 2017 में थाना गाजीपुर में आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज रहा है। आरोपी विशाल रावत के खिलाफ गोसाईंगंज, बाराबंकी के कोतवाली और देवा थानों में चोरी, धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में वर्ष 2025 और 2026 में कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ आयुध अधिनियम से संबंधित मुकदमा भी दर्ज है।पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तारी एवं बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक देवानन्द सिंह, उमंग कसौधन, गौरी शंकर चौबे, मिथलेश सिंह, शुभम अवस्थी और अंकित कुमार समेत गोमतीनगर विस्तार थाने के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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बीबीएयू में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए 11 से 18 अगस्त तक पंजीकरण
लखनऊ(आरएनएस )। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के विभिन्न पाठ्यक्रमों में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए सीयूईटी और गैर-सीयूईटी अभ्यर्थियों की पंजीकरण प्रक्रिया 11 से 18 अगस्त 2026 तक चलेगी। विश्वविद्यालय की ओर से जारी प्रवेश काउंसलिंग कार्यक्रम के अनुसार रिक्त सीटों पर प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित अवधि में पंजीकरण करा सकेंगे।विश्वविद्यालय में द्वितीय स्पॉट काउंसलिंग 19 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी। स्पॉट काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। पात्र पाए जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश शुल्क जमा करने हेतु चालान जनरेट किया जाएगा। द्वितीय स्पॉट काउंसलिंग में चयनित अभ्यर्थियों को 23 अगस्त 2026 तक प्रवेश शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा।विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, जिन अभ्यर्थियों ने पहले ही किसी अन्य पाठ्यक्रम में प्रवेश ले लिया है, वे भी रिक्त सीटों पर उपलब्ध अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऐसे अभ्यर्थी अपनी रुचि और निर्धारित पात्रता के अनुसार उपलब्ध पाठ्यक्रमों के लिए तय अवधि में पंजीकरण करा सकेंगे।विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि रिक्त सीटों, पात्रता, पंजीकरण प्रक्रिया और काउंसलिंग से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी अधिसूचनाओं का नियमित रूप से अवलोकन करते रहें। बीबीएयू की आधिकारिक वेबसाइट
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आईटीआई में विकल्प परिवर्तन के लिए 12 अगस्त तक पोर्टल खुला
लखनऊ(आरएनएस )। प्रदेश के राजकीय एवं निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रशिक्षण लेने के इच्छुक अभ्यर्थियों को विकल्प परिवर्तन का अवसर दिया गया है। अभ्यर्थी 9 से 12 अगस्त 2026 तक एससीवीटी पोर्टल के माध्यम से संस्थान अथवा व्यवसाय का विकल्प बदल सकेंगे।व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रदेश के राजकीय एवं निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में संचालित विभिन्न व्यवसायों के साथ-साथ टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से 211 राजकीय संस्थानों में संचालित 10 दीर्घकालीन व्यवसायों में भी प्रवेश के लिए विकल्प परिवर्तन किया जा सकेगा। इसके अलावा पीपीपी मॉडल पर संचालित राजकीय संस्थानों के विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण के लिए भी अभ्यर्थियों को संस्थान अथवा व्यवसाय का विकल्प बदलने की सुविधा दी गई है।विभाग ने अभ्यर्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए 9 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक एससीवीटी पोर्टल को विकल्प परिवर्तन के लिए खोलने का निर्णय लिया है। अभ्यर्थी निर्धारित अवधि के भीतर अपनी पसंद के संस्थान और व्यवसाय का विकल्प चुन सकते हैं।विभाग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर विकल्प परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि प्रवेश प्रक्रिया में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रेस विज्ञप्ति पर विशेष सचिव, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग तथा अधिशासी निदेशक एससीवीटी अभिषेक सिंह के डिजिटल हस्ताक्षर हैं।
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एफसीआरए और परिसीमन बिल पर अखिलेश यादव का भाजपा सरकार पर हमला, बोले- संस्थाओं पर कब्जे और लोगों को डराने की तैयारी
नई दिल्ली,लखनऊ (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एफसीआरए और परिसीमन बिल को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। सोमवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी एफसीआरए बिल और परिसीमन बिल दोनों का विरोध कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संस्थाओं पर कब्जा करने के उद्देश्य से एफसीआरए बिल ला रही है और इसके जरिए ऐसी संस्थाओं तथा उनसे जुड़े लोगों को डराने का प्रयास किया जाएगा, जो विदेश से मिलने वाली आर्थिक सहायता के माध्यम से सामाजिक एवं जनहित के कार्य संचालित कर रहे हैं।अखिलेश यादव ने कहा कि देश में कई ऐसी संस्थाएं हैं जो अच्छे कार्यों के संचालन के लिए विदेश से आर्थिक सहायता प्राप्त करती हैं। सरकार एफसीआरए के माध्यम से इन संस्थाओं पर दबाव बनाएगी और उन्हें डराने का काम करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पहले जमीनों पर कब्जा कर रही है और अब संस्थाओं पर कब्जा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार एफसीआरए बिल के जरिए अल्पसंख्यकों को परेशान करने की कोशिश कर रही है।
सपा अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश में संस्थाओं और जमीनों पर कथित अवैध कब्जों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में संस्थाएं संचालित हो रही हैं और एक बड़े शहर में भाजपा के एक मंत्री द्वारा एक संस्था पर कब्जा किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा बहुत बड़ी भूमाफिया पार्टी बन गई है। उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर जमीनों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। जहां खाली जमीन और तालाब दिखाई देता है, वहां कब्जा करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या जैसी पवित्र धरती पर भी आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया। उन्होंने दावा किया कि जमीनों के दाम कुछ ही समय में कई गुना बढ़ाकर बेचे गए।अखिलेश यादव ने विदेश जाने वाले धन और काले धन के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार से सवाल किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पहले देश से बाहर गया काला धन वापस लाने और देश का पैसा विदेश ले जाने वालों पर कार्रवाई करने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि कई लोग बैंकों का पैसा लेकर भारत से बाहर चले गए, लेकिन सरकार ने उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की, इसका जवाब दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि विदेश से पैसा भारत आए तो उस पर पाबंदी लगाई जाए, लेकिन भारत का पैसा विदेश चला जाए तो उसे रोकने के लिए क्या किया जा रहा है, यह भी स्पष्ट होना चाहिए। सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार को अपने पुराने नारे याद करने चाहिए कि काला धन वापस आएगा और किसी को देश का पैसा लेकर भागने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद पैसे वालों के अच्छे दिन आए हैं। सरकार को यह बताना चाहिए कि कानूनी और गैर-कानूनी तरीके से भारत का पैसा विदेश जाने पर रोक कब लगेगी।उन्

