अयोध्या।(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ अयोध्या) रामनगरी अयोध्या में तेज तर्रार व अनुभवी पुलिस कप्तान शैलेश कुमार पाण्डेय की सख्त कार्यवाही के खौफ में पुलिस की आमदनी क्या कम हुई आरोप के मुताबिक जिले की पुलिस जमीनों की दलाली करने में जुट गई।जब दुनिया भर के लोग जान चुके हैं कि इन दिनों राम नगरी अयोध्या की जमीन बेशकीमती हो चुकी हैं तो भला तीन स्टार लगाए दरोगा को नहीं मालूम की जमीनों में सांठगांठ करने से उनकी जेबे कितनी भरी जा सकती हैं।भले ही यह बात उनके दिलो-दिमाग से नदारद हो लेकिन प्रॉपर्टी डीलर उन्हें थाने में बैठ बैठ कर समझाने में आखिर कामयाब हो ही जाते हैं।अब बात करते हैं ताजे वाकये की जहां एक दलित किसान की सड़क किनारे जमीन खरीदने को लेकर प्रॉपर्टी डीलरों की बात की।आरोप के मुताबिक उक्त दलित को फंसाने को लेकर प्रॉपर्टी डीलरों ने ऐसा चक्र बुना कि पहले दलित की जमीन खरीदने के लिए एक दलित ग्राहक बनाया और फिर किसान को एडवांस के तौर पर दो लाख रुपये भी दे दिए रुपए भी कोई ऐसे वैसे नहीं पूरी दो चेकों के माध्यम से दिए हुए चेकों का भुगतान भी हुआ।दिए हुए वक्त के अनुसार रजिस्ट्री टलती रही और आखिरकार पूरे एक साल के बाद दलित किसान ने जब यह कहा कि साहब मुझे पैसे की जरूरत है मुझसे या तो पैसे वापस ले ले और या फिर पूरे पैसे देकर अपनी रजिस्ट्री करवा ले।आरोप के मुताबिक इतने में प्रॉपर्टी डीलरों ने एक के बाद एक लगातार दलित किसान के घर जाकर दबाव बनाना शुरू कर दिया मारपीट की और गाली गलौज भी की और इतना ही नहीं पीडित आरोप के मुताबिक जान पहचान के जिले के पूराकलंदर थाने के थानेदार से घर पर पुलिस भी भिजवाई।सूत्र के मुताबिक आनन-फानन में उक्त थाने की पुलिस जबरन किसान को थाने लाकर मुकदमा दर्ज कर देने की धमकी दे डाली। पीड़ित किसान का आरोप है कि जैसे ही उसने मैं गवाहान बताया 50 हजार साहेब वापस भी लिए है और मैंने कोई बेईमानी नहीं की है बेईमानी का नाम सुनते ही योगी सरकार में उक्त थाने के थानेदार उग्र हो गए और हाथों से लाठी पटकते हुए बोले कि तुम जैसे लोगों को सुधारना मुझे अच्छी तरह आता है।पुलिस के खौफ से दलित किसान का परिवार आज अन्न जल का त्याग कर अधिकारियों से न्याय दिलाने की फरियाद में धरना देते हुए शहर के तिकोनिया पार्क में बैठा हुआ है और न्याय भी कोई भारत चीन बॉर्डर की सीमा से जुड़ी जमीन की पीड़ा से जुड़ा नहीं बल्कि दलित गरीब के पास आई रकम को वापस दिलाने या फिर गए हुए सौदे के अनुसार बकाया भुगतान दिलाए जाने का है।पीड़ित किसान ने परिवार समेत धरना क्या दिया उक्त थाने की पुलिस और भी उदार हो गई।उदारता में पीड़ित दलित किसान के ऊपर ही जालसाजी समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।जब नाम ले विजय लगी हो तो भला पुलिस बहरहाल पूरे मामले में सूत्रधार व आरोप के मुताबिक जिले के थाना पूराकलंदर आरक्षी दुर्गेश के विरुद्ध दलित परिवार के समर्थन में पहुंचे स्थानीय ग्रामीण बेहद ही आक्रोशित दिखाई पड़ रहे है। पीड़ित किसान के समर्थक आज की तारीख में आ रहे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर शिकायत करने बात करेगे।

