(नईदिल्ली)मानसून की विदाई से पहले फिर बदला मौसम का मिजाज
0-कई राज्यों में भारी बारिश के साथ तेज आंधी की चेतावनी, छत्तीसगढ़ में 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान
नई दिल्ली,13 सितंबर (आरएनएस)। मानसून की विदाई का समय नजदीक आते ही देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। मौसम विभाग ने 14 सितंबर को उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और मध्य भारत तक कई क्षेत्रों में भारी बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक के साथ वर्षा की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। पूर्वी भारत के कई हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मध्य असम और उसके आसपास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं मैदानी और पठारी क्षेत्रों में मौसम को प्रभावित कर रही हैं। अगले 24 घंटों के दौरान कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण छत्तीसगढ़ और विदर्भ की ओर बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से मध्य भारत सहित आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
मौसम में इस बदलाव के कारण राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ ओले गिरने की संभावना भी जताई गई है। तेज हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14 सितंबर को मध्यम बारिश के साथ तेज आंधी चलने का अनुमान है। इस दौरान हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ, आगरा, मथुरा, बरेली, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी सहित दो दर्जन से अधिक जिलों में तेज गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। राजधानी लखनऊ में तापमान 26 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। बारिश और तेज हवाओं के कारण कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया सहित कई जिलों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। राज्य में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड में मौसम का रुख काफी सख्त रहने का अनुमान है। देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और ऋषिकेश सहित कई क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी मार्गों पर मलबा आने और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू और मंडी में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। मनाली में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, जम्मू, डोडा और अनंतनाग में भी तेज हवाओं के साथ बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुककर तेज बारिश होने का अनुमान है। वहीं छत्तीसगढ़ में मौसम अधिक सक्रिय रह सकता है। रायपुर और बिलासपुर सहित कई क्षेत्रों में 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की आशंका है। ऐसे में खुले में रखी कमजोर संरचनाओं, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
राजस्थान के जयपुर, कोटा और उदयपुर में तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। पंजाब और हरियाणा में भी तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है। मौसम के अचानक बदलने से तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
पश्चिम बंगाल के कोलकाता और दार्जिलिंग तथा ओडिशा के तटीय जिलों में समुद्री हवाओं के प्रभाव से भारी से मूसलाधार बारिश हो सकती है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और जलाशयों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। तेज आंधी के समय घरों के भीतर सुरक्षित स्थान पर रहने और बिजली चमकने के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। तेज हवाओं के दौरान कमजोर और जर्जर मकानों तथा पेड़ों के आसपास खड़े होने से भी बचने की सलाह दी गई है।
मानसून की विदाई से पहले मौसम में आए इस बदलाव के कारण अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।
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