नारी शक्ति वंदन अधिनियम में देरी पर महिलाओं का आक्रोश धरना प्रदर्शन कर महिलाओं ने उठाई 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग
जौनपुर,11 मई। यूपी में महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक भागीदारी को लेकर सोमवार को जौनपुर में ‘महिला जन आक्रोश’ कार्यक्रम के तहत महिलाओं ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार जल्द देने की मांग उठाई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला मंत्री अंशु कुशवाहा ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी उनका अधिकार है, कोई खैरात नहीं। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को उनका हक नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में हो रही देरी करोड़ों महिलाओं के सपनों और उम्मीदों में देरी है।
भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रागिनी सिंह ने भी धरना स्थल पर महिलाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया, जिसके तहत लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
रागिनी सिंह ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग महिलाओं के सम्मान की बात तो करते हैं, लेकिन संसद में महिला आरक्षण के मुद्दे पर विरोध और भ्रम फैलाने का काम करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक हो चुकी हैं और अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं।
धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की मांग को लेकर आवाज बुलंद की।

