ब्यूरो चीफ / सत्य प्रकाश उपाध्याय
नोएडा : नोएडा के सेक्टर-131 स्थित यमुना किनारे गढ़ी गांव में रविवार को गौशालाओं के विकास, गोवंश संरक्षण एवं गोसेवा को लेकर संतों की उपस्थिति में विशेष प्रेस वार्ता आयोजित की गई। कार्यक्रम में संतों ने समाज से गौशालाओं के उत्थान में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा गोवंश की सुरक्षा और देखभाल को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी मानने का आह्वान किया।
प्रेस वार्ता में संत माधव गिरी जी के साथ महादेवानंद गिरी, अजीत बाबा दास, मनोज गिरी , राम गिरी, सुग्रीव गिरी , मुख्य महंत सहित अनेक संत उपस्थित रहे।
संतों ने कहा कि वर्तमान समय में गोवंश की सुरक्षा और संरक्षण समाज के सामने एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। गौशालाओं को केवल पशुओं को रखने का स्थान न मानकर उनके समुचित भोजन, चिकित्सा, रखरखाव और सुरक्षित वातावरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
अपने संबोधन में यति महादेवानंद गिरी ने समाज और संतों से पारदर्शी एवं जिम्मेदार जीवन जीने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गायों और अन्य दुधारू पशुओं के संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। यदि समय रहते गोवंश की सुरक्षा और देखभाल पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में दुधारू पशुओं की संख्या और उपलब्धता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि गोसेवा केवल किसी एक संस्था या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है| माधव गिरी , जिन्हें गोसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य करने वाले संत के रूप में बताया गया, ने कहा कि जब तक वे नोएडा में हैं, तब तक सड़कों पर पशुओं के आवारा विचरण की समस्या को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गोवंश को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने तथा उनकी उचित देखभाल के लिए गौशालाओं को मजबूत करना जरूरी है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि सड़क पर घूमने वाले गोवंश को लेकर केवल शिकायत करने के बजाय उनके संरक्षण और गौशाला व्यवस्था को मजबूत करने में अपना सहयोग दें। माधव गिरी जी ने जनपदवासियों और समाज के लोगों से नोएडा की गौशाला के निर्माण, नवीनीकरण एवं संचालन में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इच्छुक लोग गौशाला में पहुंचकर दान एवं सहयोग कर सकते हैं। उन्होंने समाज से आग्रह किया कि गौशाला में रहने वाले गायों, बछड़ों और बैलों के भोजन, चिकित्सा तथा रखरखाव में सहयोग देकर गोसेवा के पुण्य कार्य में सहभागी बनें।
उन्होंने बताया कि अब तक समाज के सहयोग से गौशाला में गायों, बछड़ों और बैलों के रखरखाव, चिकित्सा, भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है। भविष्य में इसे और बेहतर एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा|
कार्यक्रम में नोएडा अथॉरिटी की ओर से गौवंश के लिए उपलब्ध कराई गई जगह का भी उल्लेख किया गया। संतों ने कहा कि पशुओं के संरक्षण के लिए स्थान उपलब्ध होना महत्वपूर्ण कदम है। अब समाज, संतों और गौशाला से जुड़े लोगों का दायित्व है कि इस व्यवस्था को और विकसित करते हुए गौशाला को बेहतर स्वरूप दिया जाए।
संतों ने कहा कि गौशाला में पशुओं के लिए भोजन, स्वच्छता, चिकित्सा, पानी और सुरक्षित आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
कार्यक्रम में आगामी समय में गोसेवा एवं जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की बात कही गई। संतों ने बताया कि गौशाला और गोवंश संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दो माह के अंतराल में विभिन्न कार्यक्रम एवं शोभायात्राएं आयोजित की जाएंगी।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को गोवंश संरक्षण, गौशाला के महत्व और समाज की जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जाएगा। संतों ने कहा कि गोसेवा को निरंतर अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि गौशालाओं का विकास हो और सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में संतों ने समाज के लोगों से गौशालाओं के विकास में आर्थिक एवं सामाजिक सहयोग करने तथा गोवंश की सुरक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से गौशालाओं को आत्मनिर्भर और व्यवस्थित बनाया जा सकता है तथा गोसेवा के कार्य को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा सकता है।

