पटोइया में श्रीराम कथा में राष्ट्रीय अध्यक्ष देवप्रकाश शुक्ला का भव्य आगमन

पटोइया में श्रीराम कथा में राष्ट्रीय अध्यक्ष देवप्रकाश शुक्ला का भव्य आगमन

 

बोले—“बच्चों का भविष्य मोबाइल से नहीं, संस्कारों से बनेगा; भारत को वैदिक सनातन राष्ट्र बनाने के लिए हर परिवार को आगे आना होगा”

 

पटोइया, 11 अगस्त 2026।

ग्राम पटोइया में मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को आयोजित पावन श्री राम कथा के अवसर पर हिंदू राष्ट्र युवा वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री देवप्रकाश शुक्ला जी का आगमन हुआ। उनके आगमन पर ग्रामवासियों एवं कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और हर्ष का वातावरण देखने को मिला। ग्रामीणों एवं आयोजन से जुड़े लोगों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।

 

श्रीराम कथा के पावन वातावरण में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष देवप्रकाश शुक्ला जी ने कहा कि आज के समय में बच्चों को केवल महंगे स्कूल, मोबाइल, गाड़ी और बंगला देने से उनका भविष्य सुरक्षित नहीं होगा। बच्चों के जीवन की वास्तविक नींव अच्छे संस्कार, चरित्र, अनुशासन, संस्कृति और धर्म से मजबूत होगी।

 

उन्होंने कहा कि “मोबाइल से नहीं, संस्कारों से भारत का भविष्य बनेगा।” माता-पिता का दायित्व है कि वे बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, श्रीराम के आदर्श, माता-पिता के सम्मान, गुरु के प्रति श्रद्धा और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य का भाव भी सिखाएं।

 

“घर-घर राम के आदर्श और संस्कार पहुंचाने होंगे”

 

राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन केवल कथा सुनने का विषय नहीं, बल्कि उसे अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा है। श्रीराम ने सत्य, मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और परिवार के प्रति सम्मान का जो आदर्श प्रस्तुत किया, वह आज भी प्रत्येक परिवार के लिए मार्गदर्शक है।

 

उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि बच्चों को छोटी उम्र से ही रामायण, गीता, भारतीय इतिहास, महापुरुषों के जीवन और सनातन संस्कृति से जोड़ें, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों, संस्कृति और गौरव को समझ सके।

 

बहनों को रानी लक्ष्मीबाई और रानी दुर्गावती के पदचिह्नों पर चलना होगा

 

महिला शक्ति के विषय में राष्ट्रीय अध्यक्ष देवप्रकाश शुक्ला जी ने कहा कि भारत की बेटियां और बहनें सदैव साहस, त्याग और स्वाभिमान की प्रतीक रही हैं। उन्होंने कहा कि आज की बेटियों को वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई और वीरांगना रानी दुर्गावती के जीवन से प्रेरणा लेकर शिक्षा, आत्मविश्वास, साहस और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि नारी केवल परिवार की शक्ति नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की भी महत्वपूर्ण आधारशिला है। यदि हमारी बेटियां संस्कारित, शिक्षित और आत्मनिर्भर होंगी तो आने वाली पीढ़ियां भी मजबूत होंगी।

 

“भारत को वैदिक सनातन राष्ट्र बनाने के संकल्प में समाज की भूमिका महत्वपूर्ण”

 

राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने कहा कि भारत की पहचान उसकी प्राचीन संस्कृति, वेदों, उपनिषदों, सनातन परंपराओं और महान ऋषि-मुनियों की ज्ञान परंपरा से है। उन्होंने भारत को वैदिक सनातन राष्ट्र बनाने के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग से सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

 

उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार और प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। हमें अपने बच्चों को अपनी संस्कृति से जोड़ना होगा, गौसेवा, धर्म, शिक्षा, सेवा, संस्कार और राष्ट्रहित को जीवन का हिस्सा बनाना होगा।

 

श्रीराम कथा बनी आध्यात्मिक एवं सामाजिक जागरण का माध्यम

 

पटोइया में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ कथा का श्रवण किया। पूरे कार्यक्रम में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के आगमन से कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं ग्रामवासियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

 

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपने संकल्प को मजबूत करने का संदेश लिया। कार्यक्रम के दौरान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने तथा नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

 

ग्रामवासियों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री देवप्रकाश शुक्ला जी का स्वागत करते हुए उनके विचारों की सराहना की और कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा, एकता और संस्कारों का संदेश देते हैं।

 

कार्यक्रम का समापन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ हुआ।

 

🚩 जय श्री राम 🚩

🚩 जय सनातन 🚩

🔱 हर हर महादेव 🔱

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