पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली को लेकर केन्द्रीय व राज्य कर्मचारी शिक्षक एकजुट : अखिल भारतीय स्तर पर पूरे देश में हुआ प्रदर्शन

मृत्युंजय प्रताप सिंह की रिपोर्ट
लखनऊ । लखनऊ राज्य कर्मचारियों/शिक्षकों के साथ केन्द्रीय कर्मचारी संगठनों ने मिलकर पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली को लेकर एकजुट होकर जिला मुख्यालयों पर धरना प्रर्दशन कर सरकार को घेरा। ‘‘पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली संयुक्त मंच‘ बनाकर केन्द्रीय व राज्य कर्मक्चारी संगठनों के साथ शिक्षकों के संगठनों ने देश व्यापी आन्दोलन जनवरी, 2023 से प्रारम्भ कर दिया है। इसी क्रम में 21 मार्च को लखनऊ के ‘‘कर्मचारी प्रेरणा स्थल‘‘ बी0एन0 सिंह प्रतिमा स्थल सरोजनी नायडू पार्क में इकट्ठा होकर जोरदार प्रदर्शन किया गया।
आल इण्डिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के जोनल सेक्रेटरी एस0यू0 शाहा, डिवीजनल सेक्रेटरी आर0के0 पाण्डेय डिवीवजन अध्यक्ष, भूभूती मिश्रा, आल इण्डिया पोस्टल एकाउन्ट इम्पलाइज एसो0 के महासचिव काम0 शत्रुघ्न यादव, प्रेम कुमार सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयु क्त परिषद, उ0प्र0 जी.एन. सिंह डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ इं. दिवाकर राय, विकास यादव, विक्रम शाह, आयकर से संतोष मिश्रा, बृजेश यादव, पासपोर्ट से संजय वर्मा, दूरदर्शन से एस0बी0 सिंह, आकाशवाणी से प्रमोद कुमार वर्मा राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद परिषद, उ0प्र0 अध्यक्ष इं0 हरि किशोर तिवारी महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, अमिता त्रिपाठी, फहीम अख्तर, उद्यान से अविनाश चन्द्र श्रीवास्तव सुभाष चन्द्र तिवारी, अमरजीत मिश्रा, सिंचाई विभाग ड्राइंग स्टाफ एसो0, अशोक कुमार सिंह, राजस्व निरीक्षक संघ, कृषि से राधारमन मिश्रा, समाज कल्याण से धर्मेन्द्र ंिसह, मुकेश जोशी, मण्डी परिषद, प्रदूषण नियंत्रण, रोडवेज, सेतु निगम, लेखपाल संघ, अमीन संघ, अनुसेवक संघ, ग्राम विकास अधिकारी संघ ग्राम पंचायत अधिकारी संघ, परिवहन कर्मचारी संघ श्रम विभाग कर्मचारी संघ कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय, रिमोट सेन्सिग, स्पोर्ट्स कालेज, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, चकबन्दी लेखपाल, चकबन्दीकर्ता संघ, सूचना विभाग, सिंचाई, अर्थ एवं संख्या, मातृ शिशु कल्याण, डिप्लोमा इंजीनियर्स, कृषि विपणन सहित कई अन्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे। धरने को सम्बोधित करते हुए  श्री आर.के. पाण्डेय, रेलवे ने कहा किपुरानी पेंशन कर्मचारी के बुढापे का सहारा है। श्री एस.यू. शाहा, रेलवे ने कहा कि पेंशन के लिए सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है। इं. हरि किशोर तिवारी ने कहा कि पेंशन भीख नही है, आन्दोलनों के उपरान्त सरकार द्वारा दिया गया।श्री शिवबरन ंिसंह यादव, परिषद ने अपने सम्बोधन में कहा कि सरकार कर्मचारियों की बात को अनुसना कर रही है। जो घातक हो सकता है। यदि पुरानी पेंशन नही दी गई तो पूरा कर्मचारी समाज एक साथ सड़को पर आकर आन्दोलन करेगें। इं.एन.डी. द्विवेदी, पीडब्लूडी ने कहा कि बिना आन्दोलन के कुछ नही हो सकता है। अब केन्द्रीय व राज्य के कार्मिक एक हैं। आन्दोलन बड़ा होगा। श्री शत्रुघ्न यादव, ने कहा कि  पोस्टल पहले भी आन्दोलन हुए है किन्तु केन्द्र व राज्य एक साथ मिलकर शिक्षकों को साथ लेकर बड़ा आन्दोलन होने जा रहा है। सरकार दबाव में है।श्री एस0बी0 सिंह, दूरदर्शन, ने कहा कि सरकार वोट की राजनीति से डरती है इस बार 2024 का लोक सभा चुनाव व मुद्दा बनेगा।
  श्री अविनाश चन्द्र श्रीवास्तव, उद्यान ने कहा कि व्यापक जनसम्पर्क के बाद ही यह आन्दोलन चलाया जा रहा है इसलिए इसका व्यापक प्रभाव होगा। श्री विवेक कुमार, ने कहा कि  आई.टी.आई.सभी कर्मचारी एकजुट है केन्द्रीय कर्मचारी संगठन साथ है। इसलिए आन्देालन व्यापक असर कारी रहेगा।
    श्रीमती अमिता त्रिपाठी परिषद लखनऊ ने कहा कि  प्रदेश के सभी जिलों में जोर-शोर से कार्यक्रम हो रहे है। किन्तु लखनऊ प्रदेश की राजधानी होने के कारण विशेष प्रभाव छोड़ता है। सभी संगठनों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। हमारा आन्दोलन सफल होगा। श्री प्रमोद वर्मा, आकाशवाणी ने कहा कि  राज्य कर्मचारियों के साथ मिलकर पुरानी पेंशन मुद्दे पर आन्दोलन करना नया प्रयोग है। राज्य कर्मचारी संगठनों का पूरा समर्थन केन्द्रीय कर्मचारी संगठनों को प्राप्त हो रहा है। सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। हमारी जीत होगी।श्री सुजीत कुमार , लेखपाल संघ ने कहा कि लेखपाल जमीन स्तर पर कार्य करता है। बुढ़ापे में दर दर की ठोकरे नही खाना चाहता है।सरकार जिम्मेदारी लेे। लेखपाल संघ के राममूरत यादव ने कहा कि जब तक पुरानी पेंशन बहाल नही होती तब तक कर्मचारी शिक्षक समाज का संघर्ष जारी रहेगा। आजमगढ़, बलिया, बस्ती, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर हापुड़ बाँदा, चित्रकूट, कानपुर, इटावा, वाराणसी, फतेहपुर, अयोध्या, गोण्डा, बहराइच, बाराबंकी, सीतापुर, पीलीभीत, बदायूँ, बेरली, मुरादाबाद, सहारनपुर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, झाँसी, जालौन, श्रावस्ती, महराजगंज, सुल्तानपुर, जौनपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, बलरामपुर, मिर्जापुर गाजीपुर, मऊ, सिद्धार्थनगर, देवरिया, कुशीनगर, मुरादाबाद, सहित, प्रदेश भर के सभी जनपदों में प्रर्दशन/धरना व्यापक रुप से रहा।

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