पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अवसरों के असंतुलन पर शिक्षकों का विरोध, कुलपति को सौंपा ज्ञापन

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अवसरों के असंतुलन पर शिक्षकों का विरोध, कुलपति को सौंपा ज्ञापन

जौनपुर,06 अप्रैल। यूपी के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्यों के असंतुलित वितरण को लेकर शिक्षकों का असंतोष सामने आया। सोमवार को बड़ी संख्या में शिक्षकों ने एकत्र होकर कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए समान अवसर और पारदर्शिता की मांग उठाई हैं।
शिक्षकों का आरोप है कि लंबे समय से समितियों, मूल्यांकन, निरीक्षण व अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में कुछ चुनिंदा लोगों को ही बार-बार जिम्मेदारी दी जा रही है, जबकि कई योग्य शिक्षक इससे वंचित रह जाते हैं। इससे विश्वविद्यालय में असमानता का माहौल बन रहा है और शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
इस दौरान डॉ. जे.पी. सिंह ने कहा कि सभी शिक्षकों को समान अवसर मिलना चाहिए और किसी प्रकार का पक्षपात नहीं होना चाहिए। डॉ. राज बहादुर यादव ने योग्य शिक्षकों की अनदेखी को चिंता का विषय बताया। डॉ. यदुवंश ने पारदर्शी व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि इससे शिक्षकों का विश्वास मजबूत होगा।
डॉ. लक्ष्मण सिंह ने रोटेशन प्रणाली लागू करने की मांग की, ताकि हर शिक्षक को अवसर मिल सके। डॉ. संजय शर्मा ने विश्वविद्यालय को एक परिवार बताते हुए समानता और पारदर्शिता को जरूरी बताया। वहीं डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि शिक्षकों की सहभागिता बढ़ने से शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा।
शिक्षक संघ के पदाधिकारी डॉ. उज्ज्वल सिंह ने कहा कि प्रतिनिधियों को केवल उनके अधिकार के अनुसार ही अवसर दिए जाएं, इससे अधिक देना अन्य शिक्षकों के अधिकारों का हनन है। उन्होंने पैनल, प्रैक्टिकल, निरीक्षण व ऑब्जर्वर की सूची सार्वजनिक करने की मांग की।
ज्ञापन के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। अंत में शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए समान अवसर और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।

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