प्रदेश में एक ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी को बढ़ावा देने हेतु माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के योगदान पर होगी परिचर्चा

लखनऊ में उपमा के 6 वें वार्षिक अधिवेशन में जुटेंगे देश के वित्तीय विशेषज्ञ

प्रदेश में एक ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी को बढ़ावा देने हेतु माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के योगदान पर होगी परिचर्चा

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

लखनऊ। माइक्रोफाइनेंस असोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश (उपमा) के दद्वारा साइनर के एक स्थानीय होटल गोमती में एक पेस वार्ता का आयोजन किया गया । कार्यक्रम के दौरान आगामी दिनाक 20 नवंबर 2023 को लखनऊ के होटल ताज में आयोजित होने जा रहे उपमा के 6 वें वार्षिक समारोह के बारे में जानकारी दी गयी। इस अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में कुंवर बृजेश सिंह राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन ने तथा मुख्य वक्ता के रूप में एच आर खान पूर्व गवर्नर भारतीय रिज़र्व बैंक अपनी सहमति प्रदान की है।
उपमा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर सिन्हा ने बताया कि आगामी 20 नवंबर को लखनऊ शहर में आयोजित होने जा रहे इस वार्षिक अधिवेशन में परिचर्चा का मुख्य और अति महत्वपूर्ण विषय चुना गया है और वह हैं “उत्तर प्रदेश में एक ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को सफल बनाने में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों का क्या योगदान होगा। इस कॉन्फ्रेंस में अनेक वित्तीय विशेषज्ञ, माइक्रो फाइनांस कंपनी के सीईओ के साथ साथ नाबार्ड, आरबीआई तथा सिडबी के वरिष्ठ अधिकारीगण भाग लेंगे ।
माइक्रो फाइनेंस एसोसिएशन ऑफ़ उत्तर प्रदेश (उपमा ) प्रति वर्ष अपना वार्षिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं संस्था इस वर्ष अपने स्थापना के दस वर्ष भी पूरे कर रही है।
माइक्रो फाइनेंस एसोसिएशन ऑफ़ उत्तर प्रदेश की स्थापना 15 दिसंबर २०१३ को हुई थी माइक्रो फाइनेंस संस्थाएं भारतीय रिज़र्व बैंक से रजिस्टर्ड होती हैं तथा समाज के | सबसे कमजोर वर्ग को उनके गृह स्थल पर रोजगारपरक ऋण उपलब्ध कराती हैं एसोसिएशन के साथ समान क्षेत्र कार्य करने वाली लगभग तीस संस्थाएं जुड़ी हुई हैं। एसोसिएशन अपने सदस्य संस्थाओं को स्वस्थ एवं पारदर्शी विधि से ग्राहकों को ऋण देने हेतु प्रोत्साहित करती है साथ ही एसोसिएशन इस बात पर नज़र रखती है।
कि सभी संस्थाएं भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रतिपादित नियमों का अक्षरशः पालन करती है एसोसिएशन सदस्य संस्थाओं के लिए अनेक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करती हैं साथ ही ग्राहकों के लिए भी डिजिटल लिटरेसी तथा वित्तीय साक्षरता जैसे कार्यक्रम आयोजित करती रहती है।
आज के कार्यक्रम में एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर सिन्हा सहित बोर्ड सदस्य, सैटिन क्रेडिट केयर से भारत सिंह तथा सोनाटा फाइनेंस से अनूप सिंह एवं अखिलेश सिंह उपस्थित रहे ।
[15/11, 8:03 pm] Ramu Lal Pandey Lucknow Beauru Chif: विज्ञान के रचनात्मक उपयोग से ही होगा मानवता का विकास ‘क्वान्टा २०२३’ में पधारे बाल वैज्ञानिकों की आम राय

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, चौक कैम्पस द्वारा आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय विज्ञान ओलम्पियाड ‘क्वान्टा-२०२३’ में प्रतिभाग हेतु विभिन्न देशों से पधारे बाल वैज्ञानिकों की आम राय है कि विज्ञान के रचनात्मक उपयोग से ही मानवता का विकास होगा। आज यहाँ सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में पत्रकारों से बातचीत करते हुए इन प्रतिभागी छात्रों ने कहा कि मानवतावादी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ही विश्व समाज में रचनात्मक बदलाव लाया जा सकता है। ‘क्वान्टा – २०२३’ का आयोजन १५ से १८ नवम्बर तक सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में किया जा रहा है जिसमें रूस, ब्राजील, नेपाल, थाईलैण्ड, मलेशिया, जर्मनी, श्रीलंका एवं भारत के विभिन्न प्रान्तों के बाल वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे हैं। ये प्रतिभागी छात्र आज प्रेस कान्फ्रेन्स में पत्रकारों से मिले और अपने विचार व्यक्त किए।
प्रेस कान्फ्रेन्स में अपने विचार व्यक्त करते हुए स्टूडेन्ट रिसर्च सेन्टर, जर्मनी से पधारे छात्रों ने कहा कि विज्ञान का उपयोग मानवता के पक्ष में होना चाहिए और क्वान्टा २०२३’ इस तरह के विचार पैदा करने का सर्वोत्तम अन्तर्राष्ट्रीय मंच है । मास्को केमिकल लेसियम, रूस से पधारे छात्रों ने कहा कि विश्व के सभी वैज्ञानिकों को चिंतन व मनन करना चाहिए कि हम विज्ञान का उपयोग कैसे, किस प्रकार और क्यों करें, जिससे कि मानवता फलती-फूलती रहे। आर्चिड कालेज, नेपाल से पधारे छात्रों का कहना था कि सोच में बदलाव आना चाहिये जिससे कि पूरे विश्व में शान्ति की स्थापना हो सके। महिडोल वितयानुसोर्न स्कूल, थाईलैण्ड के छात्रों का कहना था कि इसी तरह के वैज्ञानिक समारोह होने चाहिए, जिससे सभी छात्र मानवता की भलाई के लिए कार्य कर सकें। इसी प्रकार देश-विदेश से पधारे कई अन्य छात्रों ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर सी.एम.एस. संस्थापक डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि यह ओलम्पियाड भावी वैज्ञानिकों को विज्ञान का उपयोग मानवता की खुशहाली के लिए करने हेतु प्रेरित करेगा। क्वान्टा २०२३ के अन्तर्गत देश-विदेश के छात्रों के लिए डिबेट (वाद-विवाद), द आर्टिसंस गिल्ड (कोलाज मेकिंग), मैथमेटिक्स एवं मेन्टल एबिलिटी क्विज, वाटर क्राफ्ट रेस, आब्स्टेकल रोबोट रेस आदि रोचक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी हरि ओम शर्मा ने बताया कि ‘क्वान्टा-२०२३’ का भव्य उद्घाटन आज अपरान्ह: ४.०० बजे सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में होगा। उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर सी. एम. एस. छात्र देश-विदेश से पधारी छात्र टीमों के सम्मान में रंगारंग शिक्षात्मक-सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। क्वान्टा – २०२३ की प्रतियोगितायें कल १६ नवम्बर को प्रातः ८.३० बजे से प्रारम्भ हो जायेंगी।

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