अयोध्या।(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ अयोध्या) अयोध्या में हो रहे राम मंदिर निर्माण को लेकर राममंदिर निर्माण समिति की बैठक में इंजीनियरों ने राममंदिर की हाईटेक प्रकाश व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नृपेंद्र मिश्र व ट्रस्ट के पदाधिकारियों के समक्ष अपना प्रजेंटेशन दिया।इस बैठक में चर्चा हुई कि राममंदिर की प्रकाश व सुरक्षा व्यवस्था हाईटेक हो।तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाए। बिजली के लिए तारों का उपयोग नहीं किया जाएगा।श्री राममंदिर निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन मंगलवार को राममंदिर की सुरक्षा व प्रकाश व्यवस्था पर गहन मंथन हुआ। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की अध्यक्षता में दो पालियों में बैठक की गई।इस बैठक में इंजीनियरों ने राममंदिर की हाईटेक प्रकाश व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नृपेंद्र मिश्र व ट्रस्ट के पदाधिकारियों के समक्ष अपना प्रजेंटेशन दिया।चर्चा हुई कि राममंदिर की प्रकाश व सुरक्षा व्यवस्था हाईटेक हो, तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाए। बिजली के लिए तारों का उपयोग नहीं किया जाएगा।मंदिर निर्माण समिति की दूसरे दिन की बैठक समाप्त होने के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि दो दिनों के भीतर मंदिर की भव्यता, सुरक्षा सहित आधुनिक तकनीक के प्रयोग को लेकर चर्चा हुई है।पूरे मंदिर में किस तरह प्रकाश व ध्वनि की व्यवस्था हो। विशेष अवसरों पर मंदिर की प्रकाश व्यवस्था भी विशेष हो।खासकर रामजन्मोत्सव के दिन पूरा मंदिर किस रंग में प्रकाशमय हो इसको लेकर इंजीनियरों के साथ गहन मंथन किया गया।उन्होंने बताया कि तय हुआ है कि राममंदिर की प्रकाश व सुरक्षा व्यवस्था में अधिक से अधिक आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। मंदिर में 24 घंटे भजन की ध्वनि गूंजती रहेगी।बिजली के लिए तारों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। जिस तरह से साउंड सिस्टम बेतार होता है कुछ इसी तरह मंदिर की प्रकाश व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई है। सुरक्षा के लिए मैन पॉवर का अधिक उपयोग करने के बजाए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है।वही मंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा के साथ आए इंजीनियरों ने इसके लिए नृपेंद्र मिश्र के समक्ष प्रजेंटेशन दिया है। बैठक में शामिल राममंदिर के ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र ने कहा कि राममंदिर करोड़ों भक्तों की भावनाओं के अनुरूप बने, इसलिए छोटे-छोटे पहलुओं पर समीक्षा की जाती है। राममंदिर न सिर्फ भव्यता की मिसाल होगा बल्कि तकनीक के मामले में भी देश के चुनिंदा मंदिरों में इसकी गणना होगी ऐसी ट्रस्ट की मंशा है। बैठक में एलएंडटी, टाटा कंसल्टेंसी सहित अन्य एजेंसियों के एक्सपर्ट व इंजीनियर मौजूद रहे।राममंदिर परिसर में प्रवेश करते ही भक्तों को राममय माहौल लगे, धार्मिकता का अहसास हो इसके भी इंतजाम किए जा रहे हैं। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि इसके लिए पूरे मंदिर सहित प्लिंथ व परकोटा में मूर्तियां उकेरी जाएंगी। आईकोनो ग्राफी तकनीक से रामकथा सहित भिन्न-भिन्न कलाकृतियों का चित्रण राममंदिर की अलग-अलग दीवारों पर किया जाएगा।इस मौके पर दशावतार, नवग्रह, शक्तिपीठ आदि के चित्रण सहित हमारे शास्त्रों व पौराणिक ग्रंथों में मंदिर में बनने वाली मूर्तियों का जो वर्णन है उस पर चर्चा हुई है। ऐसे ग्रंथों की एक लिस्ट भी तैयार की गई है। बताया कि रामनवमी के दिन सूर्य की किरणें रामलला का अभिषेक करें, उनके मुख को प्रकाशित करें इसके लिए अंतरिक्ष विज्ञानी शोध करने में जुटे हैं।

