छत्रपति शाहूजी महाराज विवि, कानपुर के कुलपति प्रो. विनय पाठक के करीबी अजय मिश्रा को लेकर भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच में पता चला है कि प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों में अजय का इतना दखल था कि उसकी मर्जी के बिना कोई भी टेंडर पास नहीं हो सकता था। जिन कंपनियों को काम मिलता था, उससे अजय का कोई न कोई संबंध जरूर रहता था। एसटीएफ ने जांच में पाया है कि कानपुर विवि समेत कई अन्य विश्वविद्यालयों की कॉपियां व सामग्री अजय मिश्रा की एक्सिलिक्ट प्रिंटिंग प्रेस में छप रही थीं। सूत्रों के मुताबिक सॉलिटेयर प्रिंटो टेक कंपनी में अजय मिश्रा का नौकर संतोष व विवेक निदेशक हैं। यह कंपनी हरियाणा के फरीदाबाद में पंजीकृत है। एसटीएफ इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिन विश्वविद्यालयों के प्रश्नपत्र व कॉपियां छापे के दौरान मिली हैं, उनका काम किस कंपनी को दिया गया था? इसके लिए संबंधित दस्तावेज विश्वविद्यालयों से मांगे जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि कानपुर विवि के प्रश्नपत्र का ठेका फरीदाबाद की कंपनी को दिया गया था। फिलहाल पता लगाया जा रहा है कि ऐसी और कितनी कंपनियां हैं।

