बीसीआई अध्यक्ष मनन मिश्रा के बयान पर फतेहपुर बार का विरोध पूर्व विधायक सरवर अली ने बताया लोकतंत्र की रक्षा का साहसिक कदम

बीसीआई अध्यक्ष मनन मिश्रा के बयान पर फतेहपुर बार का विरोध
पूर्व विधायक सरवर अली ने बताया लोकतंत्र की रक्षा का साहसिक कदम

बाराबंकी। पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ समाजवादी नेता सरवर अली खान ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के बयान को अलोकतांत्रिक बताते हुए तहसील फतेहपुर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं द्वारा किए गए विरोध की सराहना की है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज ने हमेशा लोकतंत्र, संविधान और न्याय व्यवस्था की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और फतेहपुर बार का यह कदम उसी परंपरा का प्रतीक है। गौरतलब है कि हाल ही में बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने देश के 35 से 40 प्रतिशत अधिवक्ताओं के पास फर्जी विधि डिग्रियां होने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने अधिवक्ताओं को अपनी वाजिब मांगों के लिए हड़ताल या कोर्ट बहिष्कार करना जरूरी नहीं बताया है, जो अलोकतांत्रिक व्यवस्था प्रमाण है। इस बयान पर फतेहपुर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने कड़ा विरोध जताते हुए इसकी निंदा की थी। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस प्रकार की टिप्पणी से देशभर के लाखों अधिवक्ताओं की गरिमा, प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगता है। सरवर अली खान ने कहा कि यदि वास्तव में इतनी बड़ी संख्या में फर्जी डिग्रीधारी अधिवक्ता हैं तो केवल अधिवक्ताओं को कठघरे में खड़ा करना पर्याप्त नहीं है। नामांकन, सत्यापन और मान्यता की प्रक्रिया से जुड़े संस्थानों एवं अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना ठोस प्रमाण के पूरे अधिवक्ता समुदाय पर सवाल उठाना न्यायोचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं का वाजिब हथियार ही संघर्ष और अन्याय का प्रतिकार करना है। पूर्व विधायक ने कहा कि फतेहपुर बार एसोसिएशन ने जिस दृढ़ता से अपनी बात रखी है, वह पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक चेतना और संगठनात्मक स्वाभिमान का उदाहरण बनकर उभरा है। अधिवक्ता समाज लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ है, जो समाज के कमजोर, वंचित और पीड़ित वर्गों को न्याय दिलाने का कार्य करता है। ऐसे में अधिवक्ताओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले बयानों का विरोध होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में अनेक अवसर ऐसे आए हैं जब अधिवक्ताओं ने संविधान और न्यायपालिका के माध्यम से अन्याय के विरुद्ध संघर्ष कर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की है। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा प्रदत्त संविधान की मूल भावना को जीवित रखने में अधिवक्ता समुदाय की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। सरवर अली खान ने स्वयं तथा संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय में विश्वास रखने वाले सभी लोगों की ओर से फतेहपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, पदाधिकारियों और समस्त अधिवक्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अधिवक्ता समाज भविष्य में भी संवैधानिक अधिकारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और न्याय की रक्षा के लिए इसी तरह सजग और सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।

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