मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की जिलाधिकारी ने बैठक कर प्रगति के बारे में ली जानकारी
*लक्ष्य के अनुरूप ऋण स्वीकृति व वितरण में तेजी लाने के निर्देश, पात्र युवाओं को बिना भटकाए मिले योजना का लाभ – जिलाधिकारी
मीरजापुर। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना की प्रगति, ऋण स्वीकृति, ऋण वितरण, लंबित आवेदनों के निस्तारण तथा पात्र युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र युवक एवं युवती को समयबद्ध तरीके से योजना का लाभ उपलब्ध कराना सभी संबंधित विभागों एवं बैंक अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत प्राप्त होने वाले प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी परीक्षण किया जाए तथा अनावश्यक रूप से किसी भी आवेदन को लंबित न रखा जाए। पात्र अभ्यर्थियों के आवेदन निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वीकृत कर ऋण वितरण की प्रक्रिया पूर्ण कराई जाए।जिलाधिकारी ने बैंकवार प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि जिन बैंक शाखाओं में आवेदन लंबित हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बैंक अधिकारी आवेदकों को बार-बार चक्कर लगाने के लिए विवश न करें। यदि किसी आवेदन में कोई कमी हो तो संबंधित अभ्यर्थी को तत्काल सूचित करते हुए निर्धारित समय में कमी पूर्ण कराई जाए।जिलाधिकारी ने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आपके बैंकों में 662 आवेदन पेंडिंग हैं। उन्होंने कहा कि जो निस्तारण योग्य हैं उसका निस्तारण करें तथा जिन आवेदनों में कतिपय कमियां हैं उसकी सूची बनाकर एक सप्ताह के अन्दर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने उद्योग विभाग के अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जो आवेदन बैंकों द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया है उसे अपने स्तर पर कमियां दूर कर पुनः बैंकों को भेजें। उन्होंने प्रबंधक लीड बैंक को निर्देशित करते हुए कहा कि जो भी आवेदन लम्बित हैं उसे बैंकवार क्लस्टरवार सूची बनाकर उपलब्ध कराएं ताकि उसका निस्तारण कराया जा सके।बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए शासन द्वारा बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ऐसे में सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक पात्र युवाओं को योजना से जोड़ें। उन्होंने उद्योग विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान संचालित किया जाए ताकि अधिकाधिक युवा योजना के बारे में जानकारी प्राप्त कर आवेदन कर सकें। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर पात्र युवाओं को आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों तथा योजना के लाभों की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति को जानकारी के अभाव में योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए।बैठक के दौरान लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों का व्यक्तिगत स्तर पर अनुश्रवण करते हुए शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें तथा प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। शासन की मंशा के अनुरूप समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य ही प्राथमिकता होनी चाहिए।जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि स्वरोजगार आधारित योजनाएं जनपद के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा उद्यमिता को नई गति मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लाभार्थियों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए तथा योजना के संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।बैठक में योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के उद्यमों की स्थापना के लिए प्राप्त आवेदनों की स्थिति, बैंकवार स्वीकृति, ऋण वितरण तथा लंबित मामलों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी संबंधित अधिकारी नियमित रूप से बैंक शाखाओं के साथ समन्वय बैठक आयोजित करें तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जाए ताकि जनपद में नए उद्यम स्थापित हों और रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, सहायक आयुक्त उद्योग रेशमा आरा, प्रबंधक लीड बैंक आनंद कुमार झा सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

