मूसलाधार बारिश में बच्चे को लेकर ‘जनता दर्शन’ पहुंचीं मां, सीएम योगी ने इलाज के लिए तत्काल आर्थिक सहायता के दिए निर्देश

मूसलाधार बारिश में बच्चे को लेकर ‘जनता दर्शन’ पहुंचीं मां, सीएम योगी ने इलाज के लिए तत्काल आर्थिक सहायता के दिए निर्देश

लखनऊ, (आरएनएस )। मां अपने बच्चे की खुशियों और बेहतर स्वास्थ्य के लिए हर मुश्किल का सामना करने से पीछे नहीं हटती। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘जनता दर्शन’ में इसका भावुक उदाहरण देखने को मिला। मूसलाधार बारिश के बावजूद सीतापुर की रोली अपने थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचीं और उसके इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने उनकी पीड़ा को गंभीरता से सुना और बच्चे के सिर पर हाथ रखकर उसके शीघ्र स्वस्थ होने का आशीर्वाद दिया। साथ ही इलाज में आर्थिक बाधा न आए, इसके लिए तत्काल अस्पताल से इलाज का एस्टीमेट मंगवाकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।मुख्यमंत्री से मिले भरोसे के बाद रोली की आंखों में उम्मीद और खुशी की चमक दिखाई दी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार से मिले इस भरोसे से उनके बच्चे के इलाज की राह आसान होगी। मुख्यमंत्री ने भी उन्हें आश्वस्त किया कि गंभीर बीमारी के इलाज में धन की कमी किसी भी स्थिति में बाधक नहीं बनने दी जाएगी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे लोगों की समस्याओं को बेहद आत्मीयता के साथ सुनते हैं। सोमवार को भी उन्होंने एक-एक फरियादी के पास जाकर उनकी समस्याएं जानीं और अपनत्व के भाव से पूछा कि वे कहां से आए हैं और उन्हें क्या परेशानी है। उन्होंने सभी पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है और किसी को भी परेशान या घबराने की आवश्यकता नहीं है।‘जनता दर्शन’ में गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों और उनके परिजनों ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जरूरतमंद लोगों के इलाज में लगातार आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित अस्पतालों से इलाज का एस्टीमेट प्राप्त करने और उसकी औपचारिक प्रक्रिया को जल्द पूरा कर शासन को भेजने में किसी प्रकार की देरी न हो। पात्र लोगों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस, राजस्व, चिकित्सा, भूमि विवाद, कब्जे और अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें भी सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रार्थना पत्र का निस्तारण समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और फरियादी की संतुष्टि के अनुरूप किया जाए। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और संबंधित अधिकारी मौके की स्थिति के अनुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।भूमि संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने राजस्व अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, जबकि पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। चिकित्सा से संबंधित मामलों में भी उन्होंने संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने और जरूरतमंदों को शासन की सहायता योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता और जवाबदेही दोनों दिखाई देनी चाहिए। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े। ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे लोगों के प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक मामले का निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और कार्रवाई की प्रभावी निगरानी भी की जाए।थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे को लेकर मूसलाधार बारिश में सीतापुर से लखनऊ पहुंची रोली के मामले में मुख्यमंत्री की त्वरित संवेदनशीलता ने यह संदेश भी दिया कि जरूरतमंदों की मदद के लिए सरकार गंभीर बीमारियों के उपचार में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री के आश्वासन से रोली को अपने बच्चे के इलाज की नई उम्मीद मिली और वह संतोष के साथ वापस लौटीं।

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भाजपा राज में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल, किसान और जनता महंगाई से परेशान: अखिलेश यादव

लखनऊ, (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा राज में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह बदहाल हो गई हैं। किसान अपनी समस्याओं को लेकर परेशान हैं और उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। महंगाई और भ्रष्टाचार ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि जब भाजपा सरकार का अंत होगा, तभी प्रदेश की समस्याओं और जनता की परेशानियों का समाधान संभव होगा।अखिलेश यादव सोमवार को समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय, लखनऊ स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों और नौजवानों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान डॉ. दिग्विजय भाटी के नेतृत्व में भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के बड़ी संख्या में किसानों ने उनसे मुलाकात की। डॉ. दिग्विजय भाटी ने बताया कि किसान अमरोहा से लगभग 400 किलोमीटर का सफर एक बड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से तय कर लखनऊ पहुंचे हैं।इस अवसर पर मुकेश सिद्धार्थ, राष्ट्रीय संयोजक, आंबेडकर सेना मेरठ ने बहुचर्चित ललिता गौतम प्रकरण में न्याय की लड़ाई के दौरान अखिलेश यादव द्वारा उनकी पीड़ा को समझने और मदद करने के लिए आभार जताया। उन्होंने बताया कि इस संघर्ष के दौरान 16 आंदोलनकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। वहीं गाजियाबाद के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कृष्ण रूहेला ने अखिलेश यादव को ‘गुमनाम क्रांतिकारी’ पुस्तक भेंट की।अखिलेश यादव ने फिरोजाबाद के एक नौजवान का हालचाल लेते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि शिकोहाबाद के अंकित राठौर के संबंध में उन्हें जानकारी मिली कि लोहिया संस्थान में एक डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसका हाथ काटना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्होंने लोहिया अस्पताल के प्रशासन से भी बातचीत की है।इस घटना पर दुख और क्षोभ जताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चौपट हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आए दिन ऐसी खबरें सामने आती हैं, जिनमें चिकित्सा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि मरीजों को गलत दवाएं दिए जाने से गंभीर नुकसान होने की शिकायतें मिलती हैं और इलाज के नाम पर मरीजों से लूट की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्वास्थ्य व्यवस्था में इस तरह की घटनाएं हो रही हों तो मरीजों की सुध लेने वाला कौन है।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के समय घायलों को समय से अस्पताल पहुंचाने और उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 108 एंबुलेंस सेवा शुरू की गई थी। नवजात शिशुओं और प्रसूताओं की सुविधा के लिए 102 एंबुलेंस सेवा तथा अपराध नियंत्रण के लिए तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूपी डायल 100 सेवा शुरू की गई थी। इन जनहितकारी सेवाओं का उद्देश्य प्रदेश की जनता को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना और लोगों के जीवन को सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इन जनहित की सुविधाओं को बर्बाद कर दिया है।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। किसानों की समस्याओं पर सरकार गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है। महंगाई और भ्रष्टाचार के कारण आम आदमी का जीवन कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि जनता अब भाजपा सरकार से मुक्ति चाहती है और आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी।किसान नेताओं ने एक स्वर में कहा कि देश और प्रदेश को बचाने के लिए अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना होगा और सामाजिक न्याय की व्यवस्था स्थापित करनी होगी। उन्होंने लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण की रक्षा के लिए समाजवादी पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहने का संकल्प जताया।अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2027 में अब कुछ ही समय बचा है। जनता में भाजपा सरकार के खिलाफ काफी आक्रोश और समाजवादी पार्टी के प्रति उत्साह दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा राज से छुटकारा पाने के लिए पीडीए के लोग बूथ स्तर तक समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए संकल्पित हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से जनता के बीच जाकर भाजपा सरकार की नीतियों और जनसमस्याओं को उठाने तथा समाजवादी पार्टी को मजबूत करने का आह्वान किया।

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प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत विभिन्न परियोजनाओं के लिए 24 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन

खनऊ (आरएनएस )उत्तर प्रदेश के मत्स्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। योजना के तहत खारे जल में तालाब निर्माण एवं निवेश, मध्याकार आरएएस, रियरिंग यूनिट, बैकयार्ड आरएएस, जलाशयों में मत्स्य अंगुलिका संचय तथा पारंपरिक मछुआरा परिवारों के लिए आजीविका एवं पोषण संबंधी सहायता परियोजनाओं का लाभ पात्र लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा। इन परियोजनाओं के लिए विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 24 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।मत्स्य विभाग के अनुसार प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत उपलब्ध अवशेष लक्ष्यों के सापेक्ष जनसामान्य को योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन प्रक्रिया 14 अगस्त 2026 से शुरू की गई है। इसके तहत खारे जल में तालाब निर्माण एवं निवेश के लिए कुल 33.93 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें सामान्य वर्ग, महिला तथा अनुसूचित जाति के लाभार्थी शामिल हैं।इसी प्रकार मध्याकार आरएएस के लिए सामान्य वर्ग में तीन इकाइयों का लक्ष्य रखा गया है। रियरिंग यूनिट के निर्माण के लिए महिला एवं अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 22.667 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैकयार्ड आरएएस के लिए महिला वर्ग में 241 इकाइयों का लक्ष्य है। जलाशयों में मत्स्य अंगुलिका संचय के लिए सामान्य, महिला एवं अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थियों के लिए 65,000 अंगुलिकाओं का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।इसके अतिरिक्त पारंपरिक मछुआरों के परिवारों को आजीविका एवं पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराने के लिए 500 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभाग का उद्देश्य योजना के माध्यम से मत्स्य पालन से जुड़े लोगों की आय बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।त्स्य विभाग ने इच्छुक एवं पात्र लाभार्थियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। आवेदन करने के लिए विभागीय पोर्टल fisheries.up.gov.in पर जाना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 24 अगस्त 2026 है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।योजनाओं के अंतर्गत परियोजनाओं का विस्तृत विवरण, इकाई लागत, पात्रता, ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया तथा आवेदन के साथ संलग्न किए जाने वाले आवश्यक अभिलेखों की जानकारी विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध है। इच्छुक आवेदक आवेदन करने से पहले पोर्टल पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों और विज्ञापन को ध्यानपूर्वक देख सकते हैं।इसके अलावा योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक मत्स्य विभाग के जनपदीय एवं मंडलीय कार्यालयों के साथ-साथ संबंधित विभागीय कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस में संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने पात्र लोगों से योजना का लाभ उठाने के लिए समय रहते आवेदन करने की अपील की है।

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परिवहन निगम के आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में 5 प्रतिशत वृद्धि, जुलाई से मिलेगा बढ़ा भुगतान

लखनऊ, (आरएनएस )। उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में कार्यरत एवं संबद्ध आउटसोर्स कार्मिकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर तथा प्रोग्रामर के मानदेय में पांच प्रतिशत की वृद्धि की है। बढ़ा हुआ मानदेय संबंधित कार्मिकों को जुलाई 2026 से प्रदान किया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से परिवहन निगम में कार्यरत बड़ी संख्या में आउटसोर्स कार्मिकों को आर्थिक लाभ मिलेगा।परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि परिवहन निगम में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान किया गया है। इसके तहत पांच प्रतिशत की वृद्धि जनवरी माह में तथा शेष पांच प्रतिशत की वृद्धि जुलाई माह में प्रदान की जाती है। इसी व्यवस्था के तहत जुलाई माह से संबंधित कार्मिकों के मानदेय में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के साथ उन्हें आधुनिक, प्रभावी और यात्री केंद्रित बनाने में आउटसोर्स कार्मिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर जैसे तकनीकी एवं कार्यालयीन कार्यों से जुड़े कार्मिक निगम की विभिन्न सेवाओं और व्यवस्थाओं के संचालन में अपनी तकनीकी दक्षता का उपयोग करते हुए महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।परिवहन राज्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों एवं कार्मिकों के हितों के प्रति संवेदनशील है। सरकार का प्रयास है कि निगम में कार्यरत कार्मिकों को उनके कार्य और योगदान के अनुरूप आर्थिक एवं कार्य संबंधी बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए। मानदेय में नियमित वृद्धि इसी नीति का हिस्सा हैउन्होंने कहा कि परिवहन निगम को बेहतर, आधुनिक और यात्रियों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने में प्रत्येक कार्मिक का योगदान महत्वपूर्ण है। कार्मिकों को आर्थिक रूप से सशक्त करने से उनमें कार्य के प्रति उत्साह और प्रतिबद्धता बढ़ेगी, जिसका सकारात्मक प्रभाव परिवहन निगम की सेवाओं की गुणवत्ता पर भी पड़ेगा।सरकार के इस निर्णय से आउटसोर्स कार्मिकों को आर्थिक संबल मिलेगा और वे अधिक उत्साह एवं प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे। परिवहन विभाग का उद्देश्य प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाना तथा यात्रियों को सुविधाजनक, सुचारू और प्रभावी परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराना है।

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दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0 में 1,559 दिव्यांगजन रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े

लखनऊ, (आरएनएस ) योगी सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर, सशक्त और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा मिशन निदेशक पुलकित खरे के निर्देशन में 3 से 13 अगस्त तक चलाए गए ‘दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0’ को बड़ी सफलता मिली है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में 11 दिन तक चले इस विशेष अभियान के दौरान रोजगार मेलों, नियुक्ति अभियान और स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से कुल 1,559 दिव्यांगजन रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़े। इनमें 1,021 दिव्यांगजनों को नौकरी के अवसर मिले, जबकि 538 दिव्यांगजनों को अपना रोजगार शुरू करने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं से जोड़ा गया।व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी दिव्यांगजन रोजगार से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ‘दिव्यांगजन रोजगार अभियान’ केवल नौकरी उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि दिव्यांग युवाओं को आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने का अवसर देने की पहल है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के माध्यम से दिव्यांगजनों को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने का प्रयास किया जा रहा है।अभियान में रोजगार के साथ स्वरोजगार पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 538 से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हुए। विभिन्न जनपदों में दिव्यांगजनों को छोटे-छोटे उद्यम शुरू करने के लिए ऋण और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति दिलाने की दिशा में भी कार्रवाई की गई। इसके तहत दिव्यांगजनों को मोबाइल मरम्मत, विद्युत कार्य, सिलाई-कढ़ाई, जनसेवा केंद्र, डेयरी और पशुपालन सहित विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़ा गया।अभियान के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में रोजगार शिविर, नियुक्ति अभियान और रोजगार मेलों का आयोजन किया गया। इनमें निजी क्षेत्र की कंपनियों ने भाग लेकर दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। कई कंपनियों ने मौके पर ही अभ्यर्थियों का चयन कर उन्हें नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। स्वास्थ्य सेवा, वित्त, बीमा, दूरसंचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में आंकड़ा प्रविष्टि संचालक, ग्राहक सहायता कार्यकारी, स्वास्थ्य सेवा सहायक, ड्रेसर, दूरभाष सहायक, मशीन संचालक, तकनीकी सहायक और सहायक जैसे पदों पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। चयनित अभ्यर्थियों को लगभग 10 हजार से 18 हजार रुपये तक का मासिक वेतन प्रस्तावित किया गया।अभियान में एमएसएमई प्रमोशनल काउंसिल, वी-मार्ट, फ्लिपकार्ट, मल्टी स्किल्स वेलफेयर सोसाइटी, एचडीएफसी फाइनेंस, ग्लोबल मैनपावर-प्लेसमेंट सर्विस, आरोग्य हॉस्पिटल और आरके इंडस्ट्रीज सहित विभिन्न कंपनियों ने सहयोग किया। निजी क्षेत्र की भागीदारी से दिव्यांगजनों को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिली।जनपदवार प्रदर्शन की बात करें तो कानपुर नगर अभियान में सबसे आगे रहा, जहां 149 दिव्यांगजनों का चयन किया गया। इसके बाद आजमगढ़ में 77, अमरोहा में 69, बरेली में 63 और सुलतानपुर में 56 दिव्यांगजन रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़े। इन जिलों में आयोजित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बड़ी संख्या में दिव्यांग अभ्यर्थियों को रोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए गए।अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने जरूरत पड़ने पर लाभार्थियों के घर तक पहुंचकर व्यक्तिगत परामर्श भी दिया। जिन दिव्यांगजनों से मोबाइल बंद होने या किसी अन्य कारण से संपर्क नहीं हो सका, उनसे घर जाकर संपर्क किया गया। अधिकारियों ने उनकी रुचि, योग्यता और आवश्यकताओं को समझते हुए रोजगार एवं स्वरोजगार के उपयुक्त विकल्पों की जानकारी दी। इससे अभियान का लाभ उन दिव्यांगजनों तक भी पहुंचाने में मदद मिली, जो किसी कारणवश रोजगार शिविरों में स्वयं उपस्थित नहीं हो सके।उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा दिव्यांगजन रोजगार अभियान 1.0 और 2.0 के दौरान रोजगार से जुड़े 2,000 से अधिक दिव्यांगजनों की वर्तमान स्थिति की भी निगरानी की जा रही है। इसका उद्देश्य यह जानना है कि पूर्व अभियानों से रोजगार पाने वाले दिव्यांगजन वर्तमान में किस स्थिति में हैं और उन्हें आगे किसी अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता तो नहीं है।मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि अभियान 3.0 के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में 1,559 दिव्यांगजनों का रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ना मिशन की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि प्रत्येक दिव्यांगजन को उसकी क्षमता, योग्यता और रुचि के अनुरूप बेहतर अवसर उपलब्ध हों। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन भविष्य में भी ऐसे अभियानों को और मजबूत करते हुए अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।इस अभियान के परिणाम से स्पष्ट है कि सरकार दिव्यांगजनों को केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में भी काम कर रही है। नौकरी के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर दिव्यांगजनों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 में 200 से अधिक जापानी उद्योगपति जुटेंगे, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई गति

लखनऊ, (आरएनएस )। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और विदेशी निवेश को गति देने के उद्देश्य से 18 से 23 अगस्त 2026 तक ‘यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026’ का आयोजन उत्तर प्रदेश और दिल्ली में किया जाएगा। पांच दिवसीय इस महत्वपूर्ण निवेश सम्मेलन में जापान के 200 से अधिक प्रमुख उद्योगपति, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, व्यापारिक प्रतिनिधि और नीति-निर्माता हिस्सा लेंगे। सम्मेलन के माध्यम से जापान के साथ उत्तर प्रदेश के औद्योगिक, तकनीकी और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा निवेश के नए अवसरों को जमीन पर उतारने पर जोर रहेगा।सम्मेलन में भाग लेने वाले उच्चस्तरीय जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यमानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी करेंगे। प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, अत्याधुनिक तकनीक के हस्तांतरण, संयुक्त परियोजनाओं तथा बड़े पैमाने पर स्थानीय रोजगार सृजन की संभावनाओं पर सरकार और उद्योग जगत के साथ चर्चा करेगा। इन्वेस्ट यूपी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल बुनियादी ढांचा, कौशल विकास, पर्यटन और इससे जुड़े क्षेत्रों में जापानी कंपनियों की कारोबारी रुचि को ठोस निवेश में बदलना है।जापानी प्रतिनिधिमंडल का 18 अगस्त को नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा स्वागत किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान जापानी कंपनियों को केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, भारतीय उद्योग जगत तथा शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद का अवसर मिलेगा। दिल्ली, लखनऊ, आगरा, ग्रेटर नोएडा और वाराणसी में आयोजित विभिन्न सत्रों में निवेश, तकनीकी सहयोग, कौशल विकास और औद्योगिक साझेदारी के नए अवसर तलाशे जाएंगे।पांच दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत 19 अगस्त को नई दिल्ली के ताज पैलेस में उच्चस्तरीय मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोलमेज बैठक और उद्घाटन सत्र से होगी। इसमें केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस दौरान जापानी निवेशकों के साथ उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं, नीतिगत सहयोग और औद्योगिक विकास के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी।मुख्य राज्य स्तरीय निवेश सम्मेलन 21 अगस्त को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया जाएगा। इसमें सरकार से उद्योग और उद्योग से उद्योग के बीच सीधे संवाद तथा कारोबारी मेल-मिलाप के सत्र होंगे। इन सत्रों में निवेशकों और सरकार के बीच संभावित साझेदारियों, निवेश परियोजनाओं, तकनीकी सहयोग तथा कारोबार विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी।सम्मेलन में जेट्रो, एस्कॉर्ट्स कुबोटा, कुबोटा कॉर्पोरेशन जापान, तोशिबा इंडिया, मदरसन ग्रुप, सेतोलास एशिया, होंडा ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन इंडिया, डाइकिन एयरकंडीशनिंग इंडिया, सुमितोमो कॉर्पोरेशन इंडिया, स्पार्क मिंडा टोयो डेंसो और पैनासोनिक जैसी प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश में विस्तार, तकनीकी सहयोग और निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे।कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन की परियोजनाओं के लिए वर्चुअल ग्राउंड-ब्रेकिंग समारोह होगा। इसके जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि कई परियोजनाएं अब धरातल पर आकार ले रही हैं।यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र उत्तर प्रदेश में जापानी विनिर्माण गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। सेक्टर-10 में एस्कॉर्ट्स कुबोटा की 2,025 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत ट्रैक्टर, निर्माण उपकरण और संबंधित उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना से घरेलू और निर्यात बाजारों

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