मेडिकल कालेज जौनपुर में “टेढ़े-मेढ़े पैरों से पीड़ित बच्चों के बेहतर इलाज हेतु प्रधानाचार्य सक्रिय एम०यू० के माध्यम से सुविधा सुदृढ़ होगी

मेडिकल कालेज जौनपुर में “टेढ़े-मेढ़े पैरों से पीड़ित बच्चों के बेहतर इलाज हेतु प्रधानाचार्य सक्रिय एम०यू० के माध्यम से सुविधा सुदृढ़ होगी

जौनपुर:उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर के आर्थोपेडिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० उमेश सरोज के प्रयास से अनुष्का फाउंडेशन का एम०यू० प्रस्ताव प्रधानाचार्य प्रो० आर०बी० कमल को दिया गया।
“प्रधानाचार्य प्रो० आर०बी० कमल ने अनुष्का फाउंडेशन का एम०ओ०यू० प्रस्ताव प्राप्त करते हुए जिला समन्वयक अंकिता श्रीवास्तव को स्पष्ट रूप से अवगत कराया कि उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय जौनपुर का उद्देश्य प्रत्येक मरीज को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ किसी भी प्रकार के अवैध लेन-देन अथवा अनुचित प्रक्रिया को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह चेतावनी कॉलेज प्रशासन की ओर से स्पष्ट है। मरीज हित को सर्वोपरि रखते हुए मेडिकल कॉलेज बेहतर से बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।”
आर्थोपेडिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० उमेश सरोज ने बताया कि टेढ़े पंजे (क्लबफुट) से पीड़ित बच्चों का हर शुक्रवार मेडिकल कॉलेज में इलाज होता है। यह सुविधा अनुष्का फाउंडेशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के सहयोग से मिलती है। क्लबफुट से बच्चों को मुक्त कराने के लिए इसके इलाज की प्रक्रिया तीन चरणों में होता है।
पहला चरण कास्टिंग (प्लास्टर) का होता है, जिसमें पांच से छह प्लास्टर लगाकर पैर सीधा किया जाता है। हर सप्ताह नया प्लास्टर चढ़ाया जाता है।
दूसरे चरण में टेनोटॉमी होती है, जिसमें एड़ी के पीछे छोटा सा चीरा लगाकर पैर को लचीला बनाया जाता है।
तीसरे चरण में ब्रसेज की प्रक्रिया होती है। इस चरण में टेनोटॉमी के बाद बच्चों को विशेष जूते पहनाए जाते हैं।
अनुष्का फाउंडेशन की जिला समन्वयक अंकिता श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चे को यह जूते शुरुआती तीन महीने तक 23 घंटे प्रतिदिन पहनाए जाते हैं। केवल सोते समय एक से दो घंटे निकाले जाते हैं। यह पूरी प्रक्रिया लगभग पांच साल तक चलती रहती है और पूरी तरह से निःशुल्क होती है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डीईआईसी मैनेजर अमित गौड़ ने बताया कि जौनपुर जनपद में इस सत्र में विभिन्न ब्लॉकों से आए 77 बच्चों का सफल उपचार किया गया। जिले में कुल अभी तक 354 बच्चों का इलाज सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इस सत्र में जिलेभर से बड़ी संख्या में बच्चे इलाज के लिए आए और निःशुल्क सुविधा का लाभ उठाया।
संदेशः अनुष्का फाउंडेशन की जिला समन्वयक अंकिता श्रीवास्तव ने बताया कि क्लबफुट का समय पर इलाज संभव है। इलाज के बाद बच्चा पूरी तरह से सामान्य जीवन जी सकता है। उन्होंने अभिभावकों से हर शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज (हड्डी विभाग) में आकर इस निःशुल्क सेवा का लाभ उठाने की अपील की है।

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