मेडिकल कॉलेज जौनपुर में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
देश की उपासना संवाददाता प्रवीण अस्थाना
*जौनपुरः* दिनांक 01 जुलाई 2026 को उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (Doctors’ Day) का आयोजन गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
*कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रोफेसर आर.बी. कमल* के प्रेरणादायी उद्बोधन से हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने चिकित्सक दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि चिकित्सा सेवा केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज वह पावन संस्था है जहाँ भावी चिकित्सकों का निर्माण होता है, जो भविष्य में समाज को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के साथ-साथ नई पीढ़ी के चिकित्सकों का मार्गदर्शन भी करते हैं। उन्होंने चिकित्सकों एवं नर्सिंग अधिकारियों की भूमिका को समान रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि दोनों का कार्यक्षेत्र भले ही अलग-अलग हो, किंतु उनका मूल उद्देश्य रोगियों की समर्पित सेवा, गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं मानवीय संवेदनाओं के साथ स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों एवं समस्त स्वास्थ्यकर्मियों के पारस्परिक समन्वय, सहयोग एवं टीम भावना से ही रोगियों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।
*चीफ प्राक्टर प्रो0 रूचिरा सेठी अपने संबोधन* में चिकित्सकों के व्हाइट कोट के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक परिधान नहीं, बल्कि चिकित्सा व्यवसाय की गरिमा, पवित्रता, सेवा, नैतिकता एवं उत्तरदायित्व का प्रतीक है। व्हाइट कोट प्रत्येक चिकित्सक को यह निरंतर स्मरण कराता है कि रोगी का हित सर्वोपरि है तथा प्रत्येक निर्णय वैज्ञानिक साक्ष्यों, करुणा एवं मानवीय मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्हाइट कोट धारण करने के साथ ही चिकित्सक पर समाज का विश्वास और उत्तरदायित्व दोनों बढ़ जाते हैं। अतः प्रत्येक चिकित्सक को अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, संवेदनशीलता, अनुशासन, गोपनीयता एवं उच्च व्यावसायिक आचरण के साथ करते हुए रोगियों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने का सतत प्रयास करना चाहिए।
*मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर ए. ए. जाफरी* ने डॉक्टर्स डे के अवसर पर समस्त चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि चिकित्सक समाज के लिए आशा, सेवा और समर्पण का प्रतीक होता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चिकित्सक का प्रथम दायित्व मरीज को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है।
उन्होंने मुख्य चिकित्सालय से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अस्पताल में मरीजों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी टीम भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने आपातकालीन सेवाओं, रोगी सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता, चिकित्सा अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव तथा मरीज एवं उनके परिजनों के प्रति मानवीय एवं संवेदनशील व्यवहार पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम में एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं द्वारा महान चिकित्सक बिधान चंद्र राय के जीवन, चिकित्सा सेवा, संघर्ष तथा राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान पर आधारित प्रेरणादायी प्रस्तुति की गई, जिसे उपस्थित सभी चिकित्सकों एवं प्रतिभागियों ने सराहा।
इस अवसर पर डीन एकेडमिक प्रो0 तबस्सुम यासमिन, सेंट्रल लाइब्रेरी इंचार्ज प्रो0 साधना अजय, चिकित्सा अधीक्षक डा0 विनोद कुमार, परीक्षा नियंत्रक डा0 ले0 सी0बी0एस0 कर्नल पटेल, चिकित्सा शिक्षक- डा0 अनुज सिंह, डा0 अरविन्द पटेल, डा0 राजश्री यादव, डा0 अचल सिंह, डा0 आदर्श कुमार यादव, डा0 जितेन्द्र कुमार, डा0 विनोद वर्मा, डा0 मुदित चौहान, डा0 नवीन सिंह, डा0 पूजा पाठक, डा0 अनिल कुमार, डा0 चन्द्रभान, डा0 अवधेश गुप्ता, डा0 कुलदीप गुप्ता, डा0 अरविन्द यादव, डा0 मिथिलेश सिंह, डा0 दीपिका, डा0 नाजिया, डा0 इमरान, डा0 पंकज, डा0 फरहत फातिमा, डा0 साधना यादव, डा0 आशीष कुमार, डा0 इसदत्त, डा0 उस्मान, डा0 मतीन, डा0 सत्यप्रकाश, डा0 ज्योत्सना, डा रेफत, डा0 जयन्त शर्मा, डा0 संदीप सिंह व अन्य चिकित्सक तथा नर्सिग अधिकारी व एम0बी0बी0एस0 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें।

