राजभाषा हिंदी उत्सव-2026 का पोस्टर विमोचन, माहभर होंगे विविध आयोजन

राजभाषा हिंदी उत्सव-2026 का पोस्टर विमोचन, माहभर होंगे विविध आयोजन
लखनऊ, 3 सितंबर। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ में आयोजित किए जा रहे ‘राजभाषा हिंदी उत्सव-2026’ के अंतर्गत होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के पोस्टर का विमोचन कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने किया। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संगठक एवं समाजसेवी कश्मीरी लाल तथा सहायक निदेशक, राजभाषा डॉ. बलजीत कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहे।कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि हिंदी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा, सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय एकता की महत्वपूर्ण आधारशिला है। विश्वविद्यालयों जैसे शैक्षणिक संस्थानों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने से राजभाषा के प्रति जागरूकता के साथ विद्यार्थियों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय परिवार में अपनी भाषा एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रति गौरव की भावना मजबूत होती है।उन्होंने कहा कि ‘राजभाषा हिंदी उत्सव-2026’ के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम हिंदी के व्यावहारिक, रचनात्मक और अकादमिक प्रयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। इन आयोजनों के माध्यम से हिंदी को केवल औपचारिक कार्यों तक सीमित न रखकर कार्यालयीन कार्यों, शिक्षण-अधिगम, शोध और रचनात्मक गतिविधियों में अधिक व्यापक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से सभी कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आह्वान किया।कश्मीरी लाल ने कहा कि हिंदी को बढ़ावा देने के लिए स्वदेशी माध्यमों और उत्पादों को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। हिंदी देश की विविधता को एक सूत्र में पिरोने वाली भाषा है और विभिन्न क्षेत्रों, संस्कृतियों तथा समुदायों के लोगों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग और स्वदेशी के माध्यम से इसके प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।विश्वविद्यालय में 1 से 30 सितंबर तक ‘राजभाषा हिंदी उत्सव-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग, राजभाषा के प्रति जागरूकता तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना है।उत्सव के दौरान हिंदी प्रकोष्ठ द्वारा पूरे माह विभिन्न शैक्षणिक, रचनात्मक एवं प्रतियोगितात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें श्रुतिलेख एवं सुलेख, टिप्पणी एवं प्रारूपण, हिंदी टंकण, राजभाषा सामान्य ज्ञान तथा स्वरचित कविता पाठ प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सात दिवसीय हिंदी कार्यशाला, पं. दीनदयाल उपाध्याय एवं आनंद मठ विषयक एक दिवसीय कार्यक्रम तथा हिंदी के विविध आयामों, साहित्य, राजभाषा एवं समकालीन संदर्भों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।उत्सव के समापन अवसर पर हिंदी पखवाड़ा समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह होगा, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी इन सभी कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से सहभागिता करेंगे।

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