रामायण कालीन वृक्षों से रामनगरी को आच्छादित करेगा नगर निगम – मेयर
(राजन तिवारी सिटी रिपोर्टर)
अयोध्या।जगह-जगह उपवन स्थापित कर अयोध्या को रामायणकालीन वृक्षों से आच्छादित किया जाएगा।इसके अलावा मुख्यमंत्री नगरोदय योजना के तहत डिजिटल लाइब्रेरी भी खोली जाएगी। इस संबंध में महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी एवं नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने निर्देश दिए हैं।वह नगर निगम के अधिकारियों के साथ नगर में संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।महापौर ने कहा कि नगर क्षेत्र में 500 वर्ग मीटर से छोटा एवं बड़ा दोनों श्रेणी के उपलब्ध स्थानों का चयन कर लिया जाये और वहां रामायण कालीन वृक्षों को रोपा जाए। इसके लिए जैन मंदिरों के आसपास जमीन तलाशने का भी निर्देश उन्होंने दिया।नगर आयुक्त ने हीट एक्शन प्लान के मुताबिक अति संवेदनशील नौ वार्डों में इस योजना के तहत विशेष फोकस करने का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में बताया गया कि नगर क्षेत्र में मियावाकी पद्धति के दो उपवन स्थापित किए गए हैं।बैठक में मुख्यमंत्री नगरोदय योजना के तहत डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के लिए छात्रों के बहुलता वाले इलाकों वशिष्ट कुंड, चित्रगुप्त, मलिकपुर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी आदि वार्डों में जगह तलाश करने का भी निर्देश दिया गया। तय किया गया कि नगर निगम निधि से नगर के पांच छोटे तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराकर उनकी वेरीकेटिंग कराई जाएगी और वहां जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। नगर आयुक्त ने समीक्षा के दौरान कहा कि जिन निर्माण कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है, उनके भुगतान को भी समय से सुनिश्चित करा दिया जाय। उन्होंने कार्य में जानबूझकर छह माह से अधिक विलंब करने वाले ठेकेदारों को चिन्हित कर नोटिस दिए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्मार्ट सिटी योजना के तहत निर्मित चार स्कूलों का लोकार्पण स्कूल खुलते ही कराने को कहा।
भजन संध्या स्थल के पास पार्किंग एवं शौचालय के निर्माण की योजना को अंतिम रूप देने का निर्णय लिया गया। समीक्षा बैठक में पाया गया कि स्वीकृत पांच तालाबों का निर्माण कार्य चल रहा है, इस परियोजना को समय से पूरा कराने की हिदायत दी गई।बैठक में मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जिसमें पाया गया कि 32 निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि बाकी 30 परियोजनाओं को जल्द पूरा कराने को कहा गया। सीएम ग्रिड योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के 25 कार्य पूर्ण पाए गए। बताया गया कि सीवरेज एवं जल निकासी के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत दो कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं, जबकि दो कार्य सीवर लाइन के कारण बाधित हैं। समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ, मुख्य अभियंता सिविल पुनीत कुमार ओझा के अलावा संबंधित विभागों के अभियंता एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।

