लड़की जैसी साहस नहीं
नीमा गढ़िया
कक्षा – 12th
गाँव – पोथिंग, उत्तराखंड
हर कठिनाई को पार कर,
नई उम्मीदें दिल में लिए,
सपने पूरे करने चली है वो,
दुनिया ने रोका-टोका उसे,
लड़की है तू लड़का नहीं,
पर वो एकदम मौन रही,
और कहीं रुकी नहीं,
एक नया उदाहरण बनी,
अपने गाँव की शान बनी,
जो कहते थे उससे कभी,
ये सब तेरे बस की नहीं,
आज वही सब कहते हैं,
लड़की हो तो उसके जैसी,
उसके जैसी साहस नहीं।।

