वैज्ञानिक खेती का गुण सीखने को 63 किसानों का दल पंतनगर के लिए रवाना
सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) योजना के तहत अंतर राज्यीय कृषक भ्रमण/प्रशिक्षण के लिए जिले के समस्त 21 विकास खण्डों से चयनित 63 किसानों का दल शुक्रवार को गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर के लिए रवाना हुआ।
कृषि भवन परिसर से उप परियोजना निदेशक (आत्मा) डा. रमेश चंद्र यादव ने बस को हरी झंडी दिखाकर कृषकों के दल को रवाना किया। किसानों का यह दल तीन से नौ अक्टूबर तक गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर उत्तराखंड में कृषि की आधुनिक तकनीकियों का प्रशिक्षण प्राप्त करेगा।
इस दौरान तीन से छह अक्टूबर तक आयोजित होने वाले अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी में किसान प्रतिभाग करेंगे। यह मेला कृषि कुंभ के नाम से भी जाना जाता है। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को गेहूं, दलहनी एवं तिलहनी फसलों की नवीन प्रजातियों के बीज उनकी खेती की उन्नत तकनीक तथा प्राकृतिक खेती पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी, इसके अलावा सब्जी उत्पादन, मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन और डेयरी में दुग्ध उत्पादन की तकनीक से किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। औषधीय फसलों की उपयोगिता और उनकी खेती के तौर तरीकों की जानकारी भी प्रशिक्षण का हिस्सा होगी। कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक किसानों को रबी फसलों उत्पादन विषयक प्रशिक्षण देंगे। इससे किसानों को कृषि क्षेत्र में अपनाई जा रही नई तकनीकियों और उन्नत उत्पादन विधियों को समझने का अवसर मिलेगा।
सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) योजना के तहत अंतर राज्यीय कृषक भ्रमण/प्रशिक्षण के लिए जिले के समस्त 21 विकास खण्डों से चयनित 63 किसानों का दल शुक्रवार को गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर के लिए रवाना हुआ।
कृषि भवन परिसर से उप परियोजना निदेशक (आत्मा) डा. रमेश चंद्र यादव ने बस को हरी झंडी दिखाकर कृषकों के दल को रवाना किया। किसानों का यह दल तीन से नौ अक्टूबर तक गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर उत्तराखंड में कृषि की आधुनिक तकनीकियों का प्रशिक्षण प्राप्त करेगा।
इस दौरान तीन से छह अक्टूबर तक आयोजित होने वाले अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी में किसान प्रतिभाग करेंगे। यह मेला कृषि कुंभ के नाम से भी जाना जाता है। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को गेहूं, दलहनी एवं तिलहनी फसलों की नवीन प्रजातियों के बीज उनकी खेती की उन्नत तकनीक तथा प्राकृतिक खेती पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी, इसके अलावा सब्जी उत्पादन, मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन और डेयरी में दुग्ध उत्पादन की तकनीक से किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। औषधीय फसलों की उपयोगिता और उनकी खेती के तौर तरीकों की जानकारी भी प्रशिक्षण का हिस्सा होगी। कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक किसानों को रबी फसलों उत्पादन विषयक प्रशिक्षण देंगे। इससे किसानों को कृषि क्षेत्र में अपनाई जा रही नई तकनीकियों और उन्नत उत्पादन विधियों को समझने का अवसर मिलेगा।
इस मौके पर बस प्रभारी एटीएम अश्वनी कुमार, मोतीयरपुर एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी के शुभम मिश्र, अवर अभियंता पीयूष मौर्य, पटल सहायक सुरेंद्र शर्मा सहित मुर्तजा, ऋषभ, बरसाती लाल, प्रेमचंद, लालजी सहित 63 किसान उपस्थित रहे।

