27 जून – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
राम चरन दृढ़ प्रीति करि
बालि कीन्ह तनु त्याग ।
सुमन माल जिमि कंठ ते
गिरत न जानइ नाग ।।
( किष्किंधाकांड, दो. 10)
राम राम 🙏🙏
राम जी ने बाण मारकर बालि को घायल कर दिया है । बालि राम जी से अपने अगले जन्मों में उनके चरणों में प्रेम होने का वर माँगता है और राम चरणों में दृढ प्रीति कर बालि ने शरीर का वैसे ही त्याग कर दिया जैसे हाथी अपने गले से फूलों की माला गिरना न जानें ।
राम चरणों में एक बार आप अपनी प्रीति पक्की कर लें फिर आप कुछ भी आसानी से त्याग सकते हैं , फिर चाहे शरीर हो या काम , क्रोध , लोभ व मोह हो । इसलिए प्रेम करें , राम जी से प्रेम करें । अथ ! जय राम जय राम जय जय राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

