श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

1 मार्च- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

नाथ भगति अति सुखदायनी ।
देहु कृपा करि अनपायनी ।।
सुनि प्रभु परम सरल कपि बानी
एवमस्तु तब कहेउ भवानी ।।
( सुंदरकांड 33/1)

राम राम 🙏🙏
श्री हनुमान जी श्री सीता जी का पता लगाकर लंका से लौट आए हैं तथा सब कुछ राम जी को बताते हैं । श्री राम जी ने हनुमान जी से पूछा है कि कैसे आपने लंका जलाई , हनुमान जी ने कहा कि सब आपका प्रताप है , इसमें मेरा कुछ भी योगदान नहीं है । वे आगे कहते हैं कि हे नाथ! अत्यंत सुख देने के लिये अपनी निश्चल भक्ति, कृपा करके दीजिए । उनकी अत्यंत सरल वाणी सुनकर श्री राम जी ने कहा कि ऐसा ही हो ।
श्री राम भक्ति अति सुखदायिनी है , परंतु हम आप श्री राम जी से सुख का सामान मांगते हैं , इसीलिए सुखी नहीं हैं । अतएव सुख चाहते हैं तो और कुछ नहीं बस भक्ति मांगें । अथ ! भजिए श्री राम जय राम जय जय राम । श्री राम जय राम जय जय राम ।। सीताराम जय सीताराम ।।
संकलन तरूण जी लखनऊ
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