श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

6 मार्च- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

जप तप मख सम दम ब्रत दाना
बिरति बिबेक जोग बिग्याना ।।
सब कर रघुपति पद प्रेमा ।
तेहि बिनु कोउ न पावइ छेमा ।।
( उत्तरकांड 94/3)
राम राम 🙏🙏
गरूड़ जी को काकभुसुंडि ने राम कथा सुनाई है, अपना मोह बताया है तब गरुड़ जी कहते हैं कि क्या कारण है कि आपके आश्रम आते ही मेरा मोह, भ्रम आदि दूर हो गया । काकभुसुंडि जी कहते हैं कि अनेक जप , तप , यज्ञ, शम , दम , व्रत , वैराग्य, योग , तत्वज्ञान आदि सबका फल राम चरणों में प्रेम होना है , राम प्रेम के बिना किसी का कल्याण नहीं हो सकता है ।
कल्याण राम प्रेम में है । योग , जप , तप , व्रत , दान आदि का फल राम प्रेम की प्राप्ति है। राम प्रेम हो नहीं रहा है , अतः अपने जीवन में इन्हें बढ़ाएँ पुनि राम पाएँ, कल्याण पाएँ । अथ ! जय राम , जय राम , जय जय राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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