10 मार्च – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
पापिउ जा कर नाम सुमिरहीं ।
अति अपार भवसागर तरहीं ।।
तासु दूत तुम्ह तजि कदराई।
राम हृदयँ धरि करहु उपाई।।
( किष्किंधाकांड 28/2)
राम राम 🙏🙏
सीताजी को खोजते हुए सभी कपि भालू समुद्र तट पहुँचे हैं , वहाँ जटायु के बड़े भाई संपाती से उनकी भेंट होती है जो कपियों को समझाते हुए कहते हैं कि पापी भी जिनका नाम स्मरण कर अपार भवसागर से तर जाते हैं , आप सब तो उनके दूत हैं , अतः कायरता छोड़कर श्रीराम जी को हृदय में धारण कर उपाय कीजिए , कार्य संपन्न होगा ।
राम नाम में आधे अधूरे मन से लगने पर कार्य पूर्ण नहीं होते हैं । हृदय में राम नाम धारण कर कर्मशील बनें, सब कुछ पूरा होगा । अस्तु! श्री राम जय राम जय जय राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

