12 अप्रैल – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
जौं परलोक इहाँ सुख चहहू ।
सुनि मम बचन हृदयँ दृढ़ गहहू ।।
सुलभ सुखद मारग यह भाई ।
भगति मोरि पुरान श्रुति गाई।।
( उत्तरकांड 44/1)
राम राम🙏🙏
श्री राम जी ने एकबार सभी नगरवासियों को बुलाया है । वे कहते हैं कि यदि आप लोग परलोक व इहलोक दोनों जगह का सुख चाहते हैं तो मेरी बात सुनकर उसे हृदय में मजबूती से धारण कर लीजिए । भाइयों ! यह मेरी भक्ति का मार्ग सुलभ व सुखदायक है, पुराणों और वेदों ने इसके बारे में बताया है ।
भक्तों ! हम सब सुख चाहते हैं, और सुख भक्ति में है, पर श्री राम जी के इस वचन को विरले ही अपनाते हैं, इसी कारण सुख से दूर रहते हैं । अतः सुखी होना चाहते हैं तो श्री राम जी के वचनों का पालन करें और भक्ति मार्ग अपनाकर सुख प्राप्त करें तथा अपने हृदय पटल पर श्री सीताराम जी को धारण कर निरन्तर नाम भजन करते रहें…..श्रीराम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम। जय सियाराम जय जय सियाराम, सीताराम जय सीताराम, जानकीवल्लभ राजाराम।
सीताराम हनुमान, सीताराम हनुमान सीताराम हनुमान सीताराम हनुमान । 🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

