श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

3 मई – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

ब्यापक ब्रह्म निरंजन
निर्गुन बिगत बिनोद ।
सो अज प्रेम भगति बस
कौसल्या कें गोद ।।
( बालकांड, दो. 198)

जय जय सियाराम 🙏🙏
राम जी का जन्म हो चुका है , सारी अयोध्या उत्सव में है, चारों बालकों का नामकरण किया जाता है । माताएँ बच्चों को कभी गोद तो कभी पालने में लिटाकर दुलार करती हैं। पूज्य पाद गोस्वामी श्री तुलसीदास जी कहते हैं कि जो सर्वव्यापक, मायारहित, निर्गुण, विनोदरहित , अजन्मा ब्रह्म है वही भक्ति व प्रेम के वश कौशल्या मां के गोद में खेल रहे हैं ।
हम आप भी तो श्री राम जी का सामीप्य पाना चाहते हैं। श्री राम जी प्रेम व भक्ति से वश में होते हैं । जिनके प्रति आपका प्रेम व भक्ति है, वे हर क्षण आपके समीप ही रहते हैं । आप जिस स्वरूप में पाना चाहते हैं वे उसी स्वरूप में आपके हो जाते है अतएव रामानंद चाहते हैं तो राम जी के प्रति अपना प्रेम व भक्ति बढ़ाएँ । अथ ! श्रीराम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम। जय सियाराम जय जय सियाराम, सीताराम जय सीताराम जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम।🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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