19 मई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
धर्म हेतु अवतरेहु गोसाई ।
मारेहु मोहि ब्याध की नाई ।।
मैं बैरी सुग्रीव पिआरा ।
अवगुन कवन नाथ मोहि मारा ।।
( किष्किंधाकांड 8/3)
राम राम 🙏🙏
श्री राम जी ने बाण मारकर बालि को घायल कर दिया है । बालि श्री राम जी को पहचान लेता है और उनसे पूछता है कि प्रभु ! धर्म रक्षा के लिए आपने अवतार लिया और मुझे व्याध की तरह मारा। मैं वैरी और सुग्रीव प्यारा कैसे ? किस अवगुण के कारण नाथ आपने मुझे मारा है ।
भक्तों ! जब तक आप श्री राम जी के समीप नहीं होते हैं तब तक सबमें आप दोष दर्शन करते हैं और जैसे ही आप श्री राम परायण हो जाते हैं वैसे ही सब दोष अपने में दिखाई देने लगता हैं, और आपके प्रश्न समाप्त हो जाते हैं, तब जगत व जगदीश से शिकायत नहीं रहती है । अतः श्री राम जी में प्रेम और भक्ति बढ़ाए और निरन्तर श्री सीताराम नाम का भजन करते रहें…… श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम। जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

