8 जून – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
तब लगि कुसल न जीव कहुँ, सपनेहुँ मन विश्राम ।
जब लगि भजत न राम कहुँ,
सोक धाम तजि काम ।।
( सुंदरकाड, दो. 46)
जय जय सियाराम🙏
विभीषण ने राम जी की शरण ली है, राम जी ने विभीषण से पूछा कि दुष्टों के संग रहते हो , धर्म निर्वाह कैसे करते हो । विभीषण कहते हैं कि जीव की तब तक न कुसल न स्वप्न में भी मन को शांति मिलती है जब तक कि वह शोक की घर कामनाओं को छोड़कर राम जी को नहीं भजता है ।
आत्मीय जन ! भजन शांति दायक है , भजन ही हमारी कामनाओं में कमी लाता है , कामनाओं को पीछे ढकेलता है , मन से बाहर का रास्ता दिखाता है । इसलिए अपना भजन बढ़ाएँ, और जीवन के हर आयाम में सुख शांति पाएँ । अतः सतत नाम भजन करते रहें……श्रीराम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम। सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम पतित पावन सीताराम, सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

