श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

25 जुलाई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

राम भगति निरुपम निरुपाधी।
बसइ जासु उर सदा अबाधी।।तेहि बिलोकि माया सकुचाई,
करि न सकइ कछु निज प्रभुताई।
( उत्तरकांड 115/3-4)
राम राम 🙏🙏
काकभुसुंडि जी गरुड़ जी को भक्ति का प्रभाव बताते हुए कहते हैं कि जिसके हृदय में विशुद्ध श्री राम भक्ति बिना किसी बाधा के बसती है , उसे देखकर माया भी संकोच करती है और उस पर अपना कुछ भी प्रभाव नहीं दिखा पाती है ।
आत्मीय जन ! भक्ति के आगे माया की चलती नहीं है , माया दूर भागती है। हममें भक्ति नहीं है, तभी तो हमसे माया निकट है और अपना प्रभाव जमाए रखती है इसीलिए हम सभी परेशान रहते हैं । अस्तु ! श्री सीताराम जी की भक्ति कीजिए और माया से मुक्त रहिए । इसके लिए केवल श्री सीताराम नाम का निरन्तर भजन करते रहिए….. श्री राम जय राम जय जय राम। सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम जय रघुनंदन जय सियाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम,
🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

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