2 अगस्त – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
रावनारि जसु पावन
गावहिं सुनहिं जे लोग ।
राम भगति दृढ़ पावहिं
बिनु बिराग जप जोग ।।
( अरण्यकांड, दो. 46)
जय सियाराम 🙏 🙏
अरण्यकांड के अंत में संत की महिमा बताने के बाद पूज्यपाद गोस्वामी श्री तुलसीदास जी कहते हैं कि जो लोग श्री राम जी का पवित्र यश गाएँगे व सुनेंगे, वे लोग वैराग्य, जप और योग के बिना ही श्री राम जी की दृढ़ भक्ति पा जाएँगे ।
आत्मीय जन ! श्री राम जी का यश पावन है , इसे सुनने व गाने से हम आप जैसे अपावन भी पावन हो जाते हैं, पावन होते ही भक्ति आ जाएँगी कारण भक्ति आंतरिक पवित्रता में बसती है। अतः हम सभी को अपना श्री राम जी का यश, गाना व सुनना बढ़ाना चाहिए ताकि बिना अन्य कठोर उपाय के दृढ़ राम भक्ति मिल जाय। अथ….. श्री राम जय राम जय जय राम , सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम ।
संकलन तरूण जी लखनऊ
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