श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

1 नवम्बर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

अब नाथ करि करुना बिलोकहु,
देहु जो बर मागऊँ ।
जेहिं जोनि जन्मौं कर्म बस,
तहँ राम पद अनुरागऊँ ।।
( किष्किंधाकांड, छंद )
जय श्री राम 🙏🙏
श्री राम जी ने बालि को बाण मारकर घायल कर दिया है । बालि श्री राम जी को पहचान कर श्री राम शरण लेता है । श्री राम जी ने बालि से कहा कि तुम्हारा शरीर ठीक कर देता हूँ । बालि कहता है कि प्रभु मुझे अति अभिमानी जानकर आपने शरीर रखने के लिए कहा परंतु अब नाथ मुझ पर दया कीजिए , मैं जो वर माँगता हूँ वह दीजिए । कर्मवश जिस भी योनि में मेरा जन्म हो , उस योनि में भी आपके चरणों में प्रेम करुँ ।
बंधुवर ! दुष्ट बालि तो श्री राम दर्शन पाकर हर जन्म में श्री राम जी का होना चाहता है । श्री राम जी की करुणा का स्मरण कर हम आप भी अपने को श्री राम पद में लगा दें और अपना जीवन सुधार लें। अथ…… श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

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