27 नवंबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
होइ न बिषय बिराग
भवन बसत भा चौथपन।
हृदयँ बहुत दुख लाग,
जनम गयउ हरिभगति बिनु।।
( बालकांड, दो. 142)
राम राम जी 🙏🙏
नारद मोह की कथा सुनाने के बाद भगवान शिव जी भगवान के अवतार की दूसरी कथा सुनाते हुए माता पार्वती जी से कहते हैं कि मनु व सतरूपा जिनसे मनुष्यों की सृष्टि हुई, वे दोनों धर्मत: जीवन जीते थे । घर में रहते हुए उनकी चौथी अवस्था आ गई परंतु विषयों से वैराग्य न हुआ । मनु व सतरुपा को इस बात का बहुत दुख हुआ कि भगवान की भक्ति के बिना उनका जन्म यों ही बीत गया ।
बंधुवर ! भगवान की भक्ति के बिना जीवन किस काम का ? ऐसा न हो कि मनु व सतरूपा की तरह हमें भी पछताना पड़े, भक्ति के बिना विषयों से अप्रियता कभी भी कम न होगी । अतः श्री सीताराम जी की भक्ति करें, श्री सीताराम जी के युगल चरणों में मन चित्त बुद्धि का समर्पण और ध्यान करते हुए श्री सीताराम नाम का भजन निरन्तर करते रहें। अथ….. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

