श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

24 दिसंबर.श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

सुमति कुमति सब कें उर रहहीं ।
नाथ पुरान निगम अस कहहीं ।।
जहाँ सुमति तहँ संपति नाना ।
जहाँ कुमति तहँ बिपति निदाना।
( सुंदरकांड 39/3)
राम राम जी 🙏🙏
लंका दहन के बाद निसाचर डरे हुए हैं पर रावण अविचलित है । श्री राम जी सेना सहित समुद्र तट पर पहुँच चुके हैं । विभीषण रावण को समझाते हुए कहते हैं कि भैया ! पुराण व वेद ऐसा कहते हैं कि अच्छी बुद्धि और बुरी बुद्धि सबके हृदय में रहती है परंतु जहाँ अच्छी बुद्धि होती है वहाँ बहुत सुख रहता है और जहाँ बुरी बुद्धि रहती है वहाँ बहुत दुःख रहता है ।
आत्मीय जन ! हम आप अपनी समीक्षा स्वयं कर लें, आपके जीवन में सुख है तो आप सुमतिवान हैं अन्यथा कुमति युक्त हैं । ऐसे में श्री राम जी को हृदय में धारण कर लें क्योंकि श्री राम जी सुमति हैं और सुमति के आते ही सुख संपत्ति आपके जीवन में दस्तक देने लगेगी । अतः अपने तन मन में श्री राम जी को बसा लें, जीवन धन्य हो जाएगा । अथ….. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी

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