संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भाकियू ने तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर भेजा ज्ञापन
भाकियू नेताओं ने दिया समस्याओं का समाधान न होने पर आन्दोलन की चेतावनी
बस्ती। गुरूवार को भारतीय किसान यूूनियन जिलाध्यक्ष विनोद कुमार चौधरी के नेतृत्व में पदाधिकारियों, किसानों, मजदूरों ने संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्र व्यापी आवाहन पर जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को 9 सूत्रीय ज्ञापन भेजा। इसी कड़ी में स्थानीय समस्याओं के समाधान हेतु जिलाधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।ज्ञापन सौंपने के बाद जिलाध्यक्ष विनोद कुमार चौधरी ने बताया कि भाकियू द्वारा प्रति वर्ष स्वाधीनता दिवस के उपलक्ष्य में टैªक्टर तिरंगा यात्रा निकाली जाती थी किन्तु भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष गौरीशंकर चौधरी के आकस्मिक निधन के कारण तिरंगा यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। बताया कि हर्रैया, भानपुर और रूधौली तहसील मुख्यालयों पर भाकियू द्वारा प्रदर्शन कर ज्ञापन भेजा गया।भाकियू के प्रदेश सचिव दिवान चन्द पटेल, मण्डल अध्यक्ष जयराम चौधरी, त्रिवेनी चौधरी, दीपनरायन आदि ने कहा कि सरकार किसान हितों के प्रति गंभीर नहीं है। स्थानीय स्तर पर भी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। यदि शीघ्र समस्याओं का समाधान न हुआ तो भाकियू निर्णायक आन्दोलन को बाध्य होगी।
अंग्रेजों भारत छोड़ो दिवस की वर्षगांठ और अगस्त क्रांति के अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान तथा केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के समर्थन में गुरुवार को किसानों और श्रमिक संगठनों ने विरोध कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम जिलाधिकारी बस्ती के माध्यम से मांग पत्र सौंपा गया।राष्ट्रपति को भेजे मांग पत्र में किसानों, कृषि श्रमिकों, औद्योगिक श्रमिकों, ग्रामीण मजदूरों, आदिवासियों, कर्मचारियों, युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने 9 दिसंबर 2021 को किसान आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार द्वारा किए गए लिखित आश्वासनों को लागू नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। किसानों ने सभी फसलों के लिए सी 2़50 प्रतिशत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की मांग की। इसके साथ ही किसानों एवं दिहाड़ी मजदूरों की ऋण ग्रस्तता समाप्त करने के लिए व्यापक कर्जमाफी तथा किसान आत्महत्या पीड़ित परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी रखी गई।मांग पत्र में चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने और सभी श्रमिकों के लिए 42 हजार रुपये प्रतिमाह वैधानिक न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की मांग की गई। मनरेगा को मजबूत करते हुए साल में 200 दिनों के रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की गारंटी देने की मांग भी प्रमुख रही। किसानों ने विद्युत निजीकरण विधेयक 2025, बीज विधेयक 2025 तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों को वापस लेने की मांग की। साथ ही जबरन भूमि अधिग्रहण रोकने और भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम 2013, वन अधिकार अधिनियम 2006 तथा पेसा कानून के तहत अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।मांग पत्र में कहा गया है कि ये मांगें देशभर के किसानों, श्रमिकों और आम नागरिकों की आजीविका, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ी हैं। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति से अपने संवैधानिक पद का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार को इन मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई के लिए आवश्यक निर्देश एवं हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के राकेश, इमरान अहमद, ब्रम्हदेव चौधरी, अवनीश पटेल, तिलकराम, बंश गोपाल, दिलीप, रामकिशुन के साथ ही भाकियू के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे।
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भानपुर में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, राष्ट्र की एकता, अखण्डता का दिया संदेश
राष्ट्रध्वज देश की आन, बान और शान-संजय प्रताप जायसवाल
बस्ती। भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत गुरुवार को रूधौली विधानसभा क्षेत्र के भानपुर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। पूर्व विधायक संजय प्रताप जायसवाल एवं पूर्व प्रत्याशी संगीता प्रताप जायसवाल की अगुवाई में आयोजित यात्रा में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।तिरंगा यात्रा की शुरुआत भानपुर स्थित आदर्श पेट्रोल पंप से हुई। इस दौरान पूर्व विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों को राष्ट्रध्वज वितरित किया। हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों के साथ यात्रा आगे बढ़ी और उकड़ा शिव मंदिर पहुंची, जहां राष्ट्र के नाम जनसंबोधन किया गया।
पूर्व विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। यह देश की आन, बान और शान है। उन्होंने कहा कि जब हम सभी मिलकर आगे बढ़ेंगे, तभी भारत दुनिया का सबसे मजबूत और महान देश बनेगा। तिरंगा यात्रा नागरिकों के दिलों में देशभक्ति की भावना जगाने के साथ स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने और राष्ट्र की एकता एवं सुरक्षा का संदेश देने का माध्यम है।भाजपा नेत्री एवं पूर्व प्रत्याशी संगीता प्रताप जायसवाल ने कहा कि हाथों में तिरंगा लेकर आगे बढ़ने से मन में ऊर्जा और राष्ट्रगौरव की भावना पैदा होती है। तिरंगा उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और सपनों का प्रतीक है, जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में नारी शक्ति की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है और महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित की है।तिरंगा यात्रा में राजेश सिंह, मनोज सिंह, मुन्ना जायसवाल, राधे चौधरी, अनिल सिंह, गिरजेश मिश्रा, विकास शर्मा, बचेन प्रसाद, अंशू पाण्डेय, पंकज सिंह, सुनील चौधरी, सुनील सिंह, राजू पाण्डेय, बब्लू सिंह, बलराम सिंह राहुल, उमेश सिंह, विक्की सिंह, मानू पाठक, भोला सिंह, मंटू दूबे, अनुज शुक्ला, गिरजेश सिंह, राकेश सिंह, विक्की शर्मा, प्रिन्शू, परवेज कुमार, प्रिन्स जायसवाल, छत्रसेन चतुर्वेदी, असलम खान, शनी कुमार, राज कुमार चौधरी, कन्हैया लाल जायसवाल, सत्य प्रकाश चौबे, विवेक चौबे, राम प्रकाश यादव, जोखई प्रसाद यादव, चिन्ता हरण पाण्डेय सहित सैकड़ों कार्यकर्ता, पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक शामिल रहे।
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मनरेगा भुगतान में अनियमितता के आरोपों को लेकर उपनिरीक्षक के खिलाफ जांच की मांग
पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि आसमान सिंह ने उच्चाधिकारियों को भेजा पत्र
बस्ती। कुदरहा विकास खण्ड क्षेत्र के पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि आसमान सिंह ने पुलिस महानिदेशक, मुख्य सचिव भारत सरकार, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक के साथ ही अनेक सम्बंधित अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात एक उपनिरीक्षक पर सरकारी सेवा में रहते हुए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत मजदूरी भुगतान प्राप्त करने का आरोप लगाते हुये प्रभावी कार्यवाही की मांग किया है।पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि आसमान सिंह ने शिकायती पत्र में कहा है कि कलवारी थाना क्षेत्र के थन्हवा मुडियारी निवासी अमरनाथ वर्तमान में रायबरेली जनपद के थाना लालगंज में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि अमरनाथ की वर्ष 2019 में उत्तर प्रदेश पीएसी में आरक्षी पद पर नियुक्ति हुई थी और वर्ष 2023 में उपनिरीक्षक पद पर नियुक्तिध्पदोन्नति के बाद वह पुलिस सेवा में कार्यरत हैं।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पुलिस सेवा में नियुक्ति के बाद भी वर्ष 2019 से 2020 के बीच मनरेगा योजना में स्वयं को मजदूर दर्शाकर कथित रूप से मजदूरी का भुगतान प्राप्त किया गया। प्रार्थना-पत्र में इस संबंध में फर्जी या कूटरचित अभिलेखों के इस्तेमाल की आशंका जताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की गई है।शिकायत में मनरेगा के मस्टर रोल, जॉब कार्ड, उपस्थिति पंजिका, भुगतान विवरण और बैंक खाते समेत संबंधित अभिलेखों का मिलान पुलिस विभाग के नियुक्ति एवं सेवा अभिलेखों से कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सेवा नियमों के तहत विभागीय कार्रवाई और कथित रूप से प्राप्त धनराशि की नियमानुसार वसूली की जाए।इसके अलावा शिकायतकर्ता ने मनरेगा से जुड़े ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम रोजगार सेवक, पंचायत सचिव अथवा अन्य संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि यदि जांच के दौरान कूटरचना, फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी अथवा अन्य दंडनीय कृत्य सामने आते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए।हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित अभिलेखों की जांच और सक्षम स्तर से जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
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प्राथमिक शिक्षक संघ ने सौंपा तीन सूत्रीय मांग पत्र
शिक्षकों की समस्याओं का हो प्रभावी निस्तारण-देवेन्द्र कुमार वर्मा
बस्ती। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला संयोजक देवेन्द्र कुमार वर्मा के नेतृत्व में पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरूवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रतिनिधि एमडीएम समन्वयक अमित कुमार मिश्र को बीएसए को संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर परिषदीय शिक्षकों की लंबित समस्याओं के त्वरित निस्तारण की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि कोर्ट के आदेशों और विभागीय नियमों के बावजूद जिला स्तर पर शिक्षकों के समस्याओं का लंबित रहना न्यायसंगत नहीं है।प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्य रूप से तीन गंभीर मुद्दों पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का ध्यान आकर्षित किया। पहली मांग के तहत, उच्च न्यायालय द्वारा रिट याचिका संख्या 12439ध्2025 में पारित आदेश का हवाला देते हुए प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रभारी प्रधानाध्यापकों को नियमित प्रधानाध्यापक के समान वेतन, सभी वित्तीय लाभ और कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से एरियर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया है।दूसरी मांग में, शासनादेश के अनुसार 31 मार्च 2014 के बाद नियुक्त हुए शिक्षकों के वेतन से की गई सामूहिक बीमा (जीआईएस) के कटौती की धनराशि को अविलंब वापस करने की बात कही गई है। इसके अलावा, परिषदीय विद्यालयों में सह-अवस्थित आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के मिड-डे मील (एमडीएम) की कन्वर्जन कास्ट सीधे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खातों में जाने और वहां से भोजन तैयार करने वाले प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों को राशि हस्तांतरित न होने का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया गया। इसके कारण मध्यान्ह भोजन व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने में अत्यंत कठिनाई आ रही है। संघ ने बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग से समन्वय बनाकर तत्काल कड़ा दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से जिला सह-संयोजक विजय प्रकाश चौधरी, महेश कुमार, चंद्रभान चौरसिया, राम भरत वर्मा, सहित शिव प्रकाश सिंह, प्रताप नारायण चौधरी, ज्ञानदास कन्नौजिया, कुदरहा अध्यक्ष, दुर्गा प्रसाद सिंह, गिरजा शंकर चौधरी, ज्ञानराज चौधरी, त्रिलोकी कुमार, रामपाल चौधरी, विजय कनौजिया, अखिलेश मिश्रा, शिव कुमार, विवेकानन्द वर्मा, मुनिराम वर्मा, रामतीरथ सहित तमाम शिक्षक साथी उपस्थित रहे।
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1.40 करोड़ की ठगी से सदमे में पशु चिकित्साधिकारी ने अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से कूदकर दी जान
गोरखपुर, 13 अगस्त। महराजगंज में तैनात पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर परमात्मा सिंह ने गुरुवार सुबह गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र स्थित बसंत इंक्लेव अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर कुछ समय से 1.40 करोड़ रुपये की कथित ठगी के बाद मानसिक तनाव में थे। पुलिस को उनकी जेब से एक पन्ने का सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए कथित तौर पर ठगी करने वाली महिला गरिमा सिंह को जिम्मेदार बताया है। मामले की जांच जारी है।52 वर्षीय डॉक्टर परमात्मा सिंह गोरखनाथ क्षेत्र की राजेंद्र नगर कॉलोनी स्थित बसंत इंक्लेव के 213-बी ब्लॉक की दूसरी मंजिल पर पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते थे। उनकी पत्नी सावित्री सिंह भी पशु चिकित्सक हैं। परमात्मा सिंह महराजगंज जिले के रतनपुर ब्लॉक में पशु चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात थे।बताया गया कि गुरुवार सुबह करीब 9:13 बजे खाना खाने के बाद डॉक्टर अपार्टमेंट की छत पर गए। करीब 15 मिनट तक वहां टहलने के बाद उन्होंने आठवीं मंजिल से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में उनकी पत्नी उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचीं, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।पुलिस के अनुसार, डॉक्टर ने इसी वर्ष फरवरी में कथित तौर पर हुई धोखाधड़ी के संबंध में शिकायत की थी। आरोप है कि खोराबार क्षेत्र के पंप नहर कॉलोनी, झारखंडी मंदिर निवासी गरिमा सिंह ने करीबी रिश्तेदार होने का फायदा उठाते हुए होम लोन माफ कराने का झांसा दिया। आरोप है कि डॉक्टर के दस्तावेज हासिल करने के बाद महज दो दिनों में छह अलग-अलग बैंकों से उनके नाम पर करीब 1.40 करोड़ रुपये के ऋण कराए गए और रकम दूसरे खातों में स्थानांतरित कर दी गई।शिकायत के मुताबिक, बंधन बैंक से 24 लाख 50 हजार 139 रुपये, चोलामंडलम से 19 लाख 32 हजार 202 रुपये, भारतीय स्टेट बैंक से 31 लाख 75 हजार रुपये, एचडीएफसी बैंक से 29 लाख 92 हजार 130 रुपये, आईसीआईसीआई बैंक से 24 लाख 88 हजार 201 रुपये और सीएफएमएस से 9 लाख 62 हजार 968 रुपये के ऋण कराए जाने का आरोप है। इसके बाद बैंकों की ओर से डॉक्टर के पास लगातार वसूली के लिए फोन आने लगे, जिससे वह कथित तौर पर काफी तनाव में थे।परमात्मा सिंह ने 5 अगस्त को गरिमा सिंह, उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह, पति और अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस पहले ही गरिमा सिंह और उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। ध्रुव नारायण सिंह सहजनवा रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक के पद पर तैनात बताए गए हैं। डॉक्टर ने शिकायत में कई अन्य लोगों तथा विभिन्न बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की थी।पुलिस के अनुसार, गरिमा सिंह और उसके पिता पर अन्य लोगों तथा रिश्तेदारों के साथ भी करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोपों की जांच की जा रही है। डॉक्टर की मौत के बाद पुलिस सुसाइड नोट, पूर्व में दर्ज मुकदमे और ठगी से जुड़े सभी तथ्यों को जोड़कर मामले की आगे की जांच कर रही है।
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भारत मुक्ति मोर्चा पूर्वांचल जोन अध्यक्ष आर.के. आरतियन को पुलिस द्वारा ले जाने का वीडियो वायरलः समर्थकों ने जताया विरोध
बस्ती। भारत मुक्ति मोर्चा के पूर्वांचल जोन अध्यक्ष आर.के. आरतियन को कोतवाली पुलिस द्वारा गुरूवार को अपने साथ ले जाने का मामला सामने आया है। पुलिस उन्हें किस मामले में और किस आधार पर अपने साथ लेकर गई, इसकी स्पष्ट जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। इस बीच पुलिस द्वारा आर.के. आरतियन को अपने साथ ले जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।घटना को लेकर भारत मुक्ति मोर्चा से जुड़े लोगों और समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है। हृदय गौतम और सरिता भारती ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि शोषित और पीड़ित लोगों की आवाज उठाने वाले आर.के. आरतियन के साथ इस तरह की कार्रवाई गलत है। उन्होंने इसे स्वतंत्रता पर प्रहार बताया और मामले की निष्पक्ष जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग की।हृदय गौतम और सरिता भारती ने यह भी दावा किया कि आर.के. आरतियन को पूर्व में फोन के माध्यम से धमकियां भी मिल चुकी हैं। उन्होंने इस पहलू की भी जांच किए जाने की बात कही है। फिलहाल आर.के. आरतियन को पुलिस किस मामले में अपने साथ ले गई है, उनकी वर्तमान स्थिति क्या है और पुलिस की ओर से इस संबंध में क्या कार्रवाई की जा रही है, इन सवालों पर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
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महिला के साथ छेड़खानी, आरोपित पर केस
बस्ती: महिला के घर में घुस कर उसके साथ छेड़खानी किए जाने की घटना सामने आई है। मामला रुधौली क्षेत्र के एक गांव का है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर गैर संप्रदाय के आराेपित कैफ पुत्र तफजुल निवासी ग्राम खंभा, थाना रुधौली के खिलाफ छेड़खानी व दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। महिला के साथ हुए आपराधिक घटना की विवेचना पुलिस क्षेत्राधिकारी रुधौली अनिल कुमार सिंह ने आरंभ कर दी है। बताया कि आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हुई हैं।
पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट
बस्ती: दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट किए जाने की घटना सामने आई है। मामला मुंडेरवा क्षेत्र के अमरडोभा गांव का है। पुलिस ने पीड़ित रामअवतार की तहरीर पर उसी गांव के रवि यादव, अनिल व उदयराज के खिलाफ मारपीट व धमकी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़ित ने अपनी तहरीर में बताया कि पुरानी रंजिश को लेकर उनकी बहन अंजली को घर के अन्दर से खींचकर बाहर लाकर मारा पीटा गया। शाेर सुनकर गांव के लोग आए और बीच-बचाव किए तब जाकर बहन को बचाया जा सका।
दंपत्ती पर मारपीट व धमकी का केस दर्ज
बस्ती : पहले से चली आ रही पुरानी रंजिश को लेकर आरोपित दंपत्ती पर पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर मारपीट व धमकी का केस दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है। मामला पुरानी बस्ती क्षेत्र के हवेलीखास गांव का है। पीड़िता कृष्णावती ने अपनी तहरीर में बताया कि आरोपित अरविंद व उनकी पत्नी पूजा ने मिलकर पहले गाली गलौज फिर उन्हें मारपीट कर घायल कर दिया। एसएचओ शशांक राय ने बताया कि मामला दो पक्षों के बीच मारपीट पुरानी रंजिश की है। आरोपित दंपत्ती के उपर दर्ज केस के आधार पर घटना की छानबीन की जा रही है।
डिवाइडर से टकराकर बाइक सवार घायल
बस्ती: बाइक सवार डिवाइडर से टकराने के बाद गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना कुसौरा बाजार में स्थित झिनकू लाल इंटर कालेज के सामने बुधवार की देर शाम हुई। संतकबीरनगर के बखिरा निवासी 39 वर्षीय काजू पुत्र अनीश टांडा, अंबेडकरनगर से वापस बाइक से घर जा रहे थे। उनकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और वह सड़क पर गिर पड़े। हादसे में उनके बाएं कंधे में गंभीर चोट आई। घटना के समय बस्ती से लौट रहे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवक प्रेम त्रिपाठी ने अपनी टीम के साथ घायल को तत्काल एंबुलेंस की मदद से सीएचसी कलवारी पहुंचाया।
करंट की चपेट में आने से 52 वर्षीय अधेड़ की मृत्यु
बस्ती: पकड़ी बख्तावर गांव में घर में लगे पानी पंप में उतर रहे करंट की चपेट में आने से 52 वर्षीय त्रिभुवन गम्भीर रूप से झुलस गये, स्वजन इलाज के लिए निजी अस्पताल में ले गये जहां पर चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
दुबौलिया के पकड़ी बख्तावर निवासी त्रिभुवन गुरुवार को दिन में करीब ग्यारह बजे घर में स्नान करने गये थे अचानक टूल्लूपंप में उतर रहे करंट की चपेट में आ कर गम्भीर रूप से झुलस गये।मौके पर मौजूद स्वजन इलाज के लिए अस्पताल ले गये जहां पर चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। त्रिभुवन दुबौलिया थाने पर चौकीदार का काम करते थे। पत्नी जानकी देवी आंगनबाड़ी कार्यकत्री है।त्रिभुवन के दो बच्चे हैं। जिनमें बेटे प्रदीप की शादी हो चुकी है जिसकी बेटी सुनीता की शादी नहीं हुई है।
14 वर्षीय किशोरी का शादी की नीयत से अपहरण
पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया मामला
10 अगस्त 26 को शाम पांच की है, अगवा करने की घटना
बस्ती: दो युवकों ने मिलकर महज 14 वर्षीय एक नाबालिग किशोरी को शादी की नीयत से अगवा कर लिया। इस सनसनीखेज घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। किशोरी के स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। किशाेरी काे अगवा करने की यह घटना 10 अगस्त 2026 को शाम पांच बजे की है। काफी खोजबीन के बाद पता चला कि इस मामले को दो युवकों ने मिल कर अंजाम दिया है। थाने में दी गई शिकायत के मुताबिक, उनकी बेटी घर के पास ही मौजूद थी, तभी योजनाबद्ध तरीके से दो आरोपित वहां पहुंचे और जबरन उसे अपने साथ ले गए। किशाेरी की मां का आरोप है कि आरोपितों में से एक की नीयत किशोरी के साथ जबरन शादी करने की थी। घटना की जानकारी मिलते ही मां ने तुरंत स्थानीय पुलिस थाने से संपर्क किया और आपबीती सुनाई। अपहरण का यह मामला दुबौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पुलिस ने किशोरी की मां की तहरीर पर गुदुन पुत्र नियामतदीन निवासी रज्जूपुर थाना अहिरौली अंबेडकरनगर व मुमताज पुत्र मेहताब साकिन पेठिया लश्करी थाना दुबौलिया पर केस दर्ज कर लिया है। पीड़ित पिता का आरोप है कि नामजद तहरीर व आरोपितों के मोबाइल नंबर ट्रेस होने के बाद भी पुलिस उनकी बेटी का पता लगाने में आनाकानी कर रही है। पीड़िता ने बताया कि उनकी बेटी को शादी का झांसा देकर आरोपित-बहला फुसला कर अंबेडकरनगर भगा ले गए हैं। सीओ कलवारी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि किशाेरी संबंधी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है। आरोपितो और अपहृत किशोरी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पीड़िता मां जल्द से जल्द आरोपितों की गिरफ्तारी व बेटी की सुरक्षित वापसी की गुहार की है।
अदालत की नोटिस तामील कराने गए पुलिसकर्मी से हाथापाई
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मुख्य आरोपित गिरफ्तार
आरोपित आरके आरतियन पर शांतिभंग में कार्रवाई
कोतवाली के आवास विकास कालोनी की घटना
बस्ती: आवास विकास कालोनी में अदालत की नोटिस तामील कराने गए पुलिसकर्मी के साथ कथित तौर पर हाथापाई और अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सरकारी काम में बाधा डालने और बदसलूकी करने के आरोप में मुख्य आरोपित आरके आरतियन को शांतिभंग की आशंका के तहत गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और अन्य आरोपितों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। कोतवाली थाने से आरक्षी (कांस्टेबल) न्यायालय द्वारा जारी किए गए एक मामले की नोटिस / समन तामील कराने के लिए एक आरोपित के कार्यालय पहुंचा था। पुलिसकर्मी जब तय प्रक्रिया के तहत नोटिस तामील कराने और नियमानुसार हस्ताक्षर लेने की कार्रवाई कर रहा था, तभी आरोपित और उसके साथियो ने अचानक विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि आरोपित और उसके समर्थकों ने पुलिसकर्मी के साथ गाली-गलौज और हाथापाई शुरू कर दी। आरोप है कि शासकीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे आरक्षी को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया और उससे दस्तावेज छीनने की कोशिश भी की गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की अतिरिक्त पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक अन्य लोग मौके से तितर-बितर हो चुके थे। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए मुख्य आरोपित को अपनी हिरासत में ले लिया। शहर कोतवाल बृजानंद सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कानून का उल्लंघन करने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के साथ दुर्व्यवहार करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है और एहतियात के तौर पर उसे शांतिभंग की धाराओं के तहत पाबंद करते हुए विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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न्यायालय के आदेशों का पालन कराने और कानून व्यवस्था बनाए जाने के लिए जाने वाले पुलिसकर्मियों के साथ इस तरह का असहयोग या मारपीट का कृत्य कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कराई जा रही है, और साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार अतिरिक्त वैधानिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।अनिल कमार सिंह, सीओ रुधौली, प्रभारी सिटी, बस्ती
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