संसार का सुख सच्चा सुख नहीं- स्वामी विष्णु दास जी महाराज
प्रयागराज। पंचवटी घाट के स्थित प्राचीन श्री लेटे हुए हनुमान जी मंदिर में चल रही सप्त दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास स्वामी विष्णु दास जी महाराज ने कहा – संसार का सुख सच्चा सुख नहीं है, इसे जिसने जान लिया वही भगवान के मार्ग पर बढ़ पाया।
उन्होंने कहा कि मनुष्य नश्वर भौतिक सुखों को ही वास्तविक सुख समझ लेता है, जिससे भगवान से दूरी बढ़ती है। संसार परिवर्तनशील है, परमात्मा का आनंद शाश्वत है। सुख-दुख दोनों में समभाव और संयम ही शांति का मार्ग है। दूसरे दिन विश्वामित्र आगमन, राम-सीता विवाह और राजतिलक में विघ्न के प्रसंगों का वर्णन हुआ।
विवाह उत्सव पर पंडाल में भक्तों ने मंगलगीतों पर नृत्य किया। गरिमा टंडन की ओर से खिलौने व सुहाग सामग्री बांटी गई, पंडाल को गुब्बारों से सजाया गया। कथा संयोजक डॉ. पंकज सिंह भदौरिया ने बताया कि सत्य बोध आश्रम मलिहाबाद से स्वामी अनुपमानंद जी महाराज भी उपस्थित रहे। पूरे परिसर में जय श्रीराम के जयघोष गूंजे।

