समाजसेवी चिकित्सक डॉ. रमेश चंद्रा हुए सम्मानित, कोरोना काल से लेकर आज तक मानवता की सेवा बनी पहचान

समाजसेवी चिकित्सक डॉ. रमेश चंद्रा हुए सम्मानित, कोरोना काल से लेकर आज तक मानवता की सेवा बनी पहचान

 

अमेठी।

 

अमेठी जनपद के जगदीशपुर निवासी वरिष्ठ चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. रमेश चंद्रा को समाज और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए एक पहल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘शाम-ए-ख़ास’ कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह, लखनऊ में आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के राज्य मंत्री वैश्य नटवर गोयल ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में डॉ. चंद्रा की निस्वार्थ सेवा, मानवीय सोच और सामाजिक सरोकारों की मुक्त कंठ से सराहना की गई।

 

कोविड-19 महामारी के सबसे कठिन दौर में जब स्वास्थ्य व्यवस्था अभूतपूर्व संकट का सामना कर रही थी, तब डॉ. रमेश चंद्रा हजारों जरूरतमंद मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आए। उन्होंने अस्पतालों तक सीमित रहने के बजाय फोन, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर के लोगों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया। साथ ही ऑक्सीजन, अस्पतालों में बेड, एम्बुलेंस और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके लिए सेवा का कोई समय निर्धारित नहीं था। दिन-रात लोगों की सहायता कर उन्होंने चिकित्सा सेवा को मानवता की सच्ची मिसाल बना दिया।

 

डॉ. चंद्रा की पहचान ऐसे चिकित्सक के रूप में है, जिन्होंने चिकित्सा को केवल पेशा नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व माना। आधी रात में भी मरीजों के फोन उठाना, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना और हरसंभव मदद उपलब्ध कराना उनकी कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की सहायता और उन्हें बेहतर उपचार दिलाने के लिए उनका समर्पण समाज में विशेष पहचान रखता है।

 

उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में व्याप्त अनैतिक प्रवृत्तियों के खिलाफ भी लगातार आवाज उठाई है। कॉर्पोरेट अस्पतालों में अनावश्यक जांच, महंगे पैकेज और मरीजों के आर्थिक शोषण का विरोध करते हुए उन्होंने हमेशा कहा कि चिकित्सा सेवा का उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि मानव जीवन की रक्षा करना है। उनका स्पष्ट मानना है कि मरीज की मजबूरी को मुनाफे का साधन बनाना सबसे बड़ा अमानवीय अपराध है।

 

इस अवसर पर राज्य मंत्री वैश्य नटवर गोयल ने कहा कि डॉ. रमेश चंद्रा ने अपने सेवा कार्यों से समाज में एक प्रेरणादायी उदाहरण स्थापित किया है। कोविड काल में उनकी सक्रिय भूमिका और जनसेवा की भावना सदैव स्मरणीय रहेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे चिकित्सकों का सम्मान वास्तव में समाज की सेवा और मानवीय मूल्यों का सम्मान है।

 

सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. रमेश चंद्रा ने कहा कि मरीजों और समाज का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि सेवा का यह सफर आगे भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जारी रहेगा तथा हर जरूरतमंद तक चिकित्सा सहायता पहुंचाने का उनका प्रयास निरंतर चलता रहेगा।

 

उल्लेखनीय है कि डॉ. रमेश चंद्रा को समाज सेवा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘बेस्ट सोशल वर्कर’, भारत गौरव सम्मान, उत्तर प्रदेश गौरव पुरस्कार और राष्ट्रीय गौरव सम्मान सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है। देश की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने भी उनके सेवा कार्यों की सराहना की है। चिकित्सा सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय संवेदनाओं के अद्वितीय समन्वय ने उन्हें प्रदेश के अग्रणी समाजसेवी चिकित्सकों में विशिष्ट पहचान दिलाई है।

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