सहायक अध्यापक, प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी (पुरुष/महिला शाखा) (प्रा०) परीक्षा-2025 के सफल आयोजन को लेकर जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक संपन्न हुई। बैठक में परीक्षा की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में अवगत कराया गया कि परीक्षा का आयोजन 17 जनवरी 2026 (शनिवार) को दो पालियों में किया जाएगा। प्रथम पाली प्रातः 09ः00 बजे से 11ः00 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 03ः00 बजे से 05ः00 बजे तक निर्धारित है।
जनपद में परीक्षा के लिए प्रथम पाली में 21 एवं द्वितीय पाली में 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। केंद्र व्यवस्थापकों, सह-केंद्र व्यवस्थापकों सहित आवश्यक प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। परीक्षा में प्रथम पाली में 9600 तथा द्वितीय पाली में 4992 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे।
परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु स्टेटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा कक्ष निरीक्षकों (आंतरिक एवं बाह्य) की पर्याप्त संख्या में तैनाती की गई है। लगभग 800 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। बाह्य कक्ष निरीक्षकों की तैनाती एवं प्रशिक्षण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जौनपुर द्वारा किया जा रहा है। सभी कक्ष निरीक्षकों का जनपद स्तरीय प्रशिक्षण 13 जनवरी 2026 को दोपहर 12ः00 बजे टीडी डिग्री तथा इंटर कॉलेज में संपन्न कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जो भी नियम संगत तरीके से कार्य नहीं करेगा उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी फ्रिस्किंग की जो पद्धति है उसका पालन किया जाएगा, परीक्षा को शुचितापूर्ण तरीके से संपादित कराने के लिए सभी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार करेंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, नकल-विहीन एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष श्रीवास्तव, समन्वयी पर्यवेक्षक बीआर पटेल, बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ0 गोरखनाथ पटेल, सह जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार, ट्रेज़री ऑफिसर उमाशंकर सहित आयोग के प्रतिनिधि सहित अन्य उपस्थित रहे।
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जौनपुर, 09 जनवरी 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-09
जब शासन की दूरदर्शी नीतियाँ और जनसामान्य की जागरूकता एक सूत्र में बंधती हैं, तब राष्ट्र निर्माण की आधारशिला और अधिक सुदृढ़ होती है। इसी प्रेरक क्रम में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आह्वान पर मीरपुर, भण्डारी स्टेशन निवासी विद्वान व कर्मनिष्ठ शिक्षक राममूरत यादव, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय रामपुर बैजापुर, विकास खंड करंजाकला ने भारत सरकार की महत्त्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को अपने जीवन में साकार कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
यह योजना आधुनिक युग का मानो वह शुभ आदेश है, जिसके माध्यम से सूर्य स्वयं प्रत्येक गृह को प्रकाश और शक्ति की सौगात प्रदान कर रहा है। इस पहल से न केवल विद्युत व्यय में उल्लेखनीय कमी आती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का मार्ग भी प्रशस्त होता है।
राममूरत यादव ने जनसामान्य को प्रेरित करते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत अपने आवास की छत पर सोलर संयंत्र स्थापित करने वाले प्रत्येक परिवार को वर्ष भर में 300 यूनिट तक निःशुल्क विद्युत की सुविधा प्राप्त होती है। साथ ही सोलर पैनल की स्थापना पर 40 प्रतिशत तक अनुदान (सब्सिडी) भी प्रदान की जाती है, जिससे मासिक विद्युत व्यय में उल्लेखनीय राहत मिलती है।
उन्होंने कहा कि जब घर सूर्य की स्वच्छ ऊर्जा से आलोकित होते हैं, तब न धुआँ उठता है और न ही कार्बन उत्सर्जन का भार बढ़ता है। इससे स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ता है और पर्यावरणीय संतुलन बना रहता है। उन्होंने जनमानस से आह्वान किया कि वे इस योजना को अपनाकर न केवल अपने घरों को, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी उज्ज्वल बनाएं।
इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने राममूरत यादव को अंगवस्त्र एवं बुके भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शासन की इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ शीघ्रता से उठाएं तथा ऊर्जा संरक्षण के माध्यम से देश और पर्यावरण निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दें।

