देश की पहली एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिस्पलिनरी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के उन्नाव कैंपस का यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी भारत की पहली एआई-ऑगमेंटेड मल्टीडिस्प्लीनरी प्राइवेट यूनिवर्सिटी, जो देश की शिक्षा में लाएगी क्रांति : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश एआई-ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी एजुकेशन के साथ प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए है एक नया अध्याय: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
चंडीगढ़ उत्तर प्रदेश में एसएएस और केपीएमजी के एआई सेंटर ऑफ यूनिवर्सिटीएक्सीलेंस का यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश, उन्नाव में स्टूडेंट्स को स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ’सेंटर फॉर यूनिरवर्सल बिजनेस एंड एंटरप्रेन्योरशिप’ (क्यूब) का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के फ्यूचरिस्टिक कैंपस में अकादमिक सेशन 2025-26 के पहले बैच के स्टूडेंट्स के साथ यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने की मुलाकात
सिटी रिपोर्टर प्रत्यूष पाण्डेय
उन्नाव।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश की पहली एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिस्पलिनरी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश, उन्नाव के नेक्सट जेनरेशन फ्यूचरिस्टिक कैंपस का उद्घाटन किया। कैंपस के भव्य उद्घाटन समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, उत्तर प्रदेश के टेक्नोलॉजी विकास, निर्यात संवर्धन, एनआरआई और निवेश प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता, सांसद (राज्यसभा) और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू के अलावा उन्नाव के एमपी स्वामी सच्चिदानंद हरि साक्षी जी महाराज, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर जय इंदर सिंह संधू, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की प्रो-चांसलर प्रोफेसर हिमानी सूद और 20 से अधिक शीर्ष भारतीय और ग्लोबल कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे, जिन्होंने इंडस्ट्री ड्रिवन अकादमिक प्रोग्राम्स की पेशकश के लिए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूनिवर्सिटी के साथ कोलेबोरेशन की है।
इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में नए स्थापित किए गए सेंटर ऑफ एक्सिलेंस का दौरा किया। जिन्हें टॉप ग्लोबल कंसल्टिंग फर्म केपीएमजी और एसएएस के साथ कोलेबोरेशन से स्थापित किया है, जो एआई और मशीन लर्निंग में टॉप है।
इसके अलावा, भारत के नेक्स्ट जेनरेशन के स्टार्टअप फाउंडर्स को सशक्त बनाने के लिए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के उत्तर प्रदेश कैंपस में ’सेंटर फॉर यूनिवर्सल बिजनेस एंड एंटरप्रेन्योरशिपश् (क्यूब) का भी उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। यह सेंटर स्टूडेंट्स की उद्यमशीलता संबंधी आकांक्षाओं में सहयोग करेगा और उनके इन्नोवेशन को साकार करने के लिए संसाधन, मार्गदर्शन और बुनियादी ढाँचा प्रदान करके उनके स्टार्टअप विचारों को विकसित करेगा। उद्घाटन समारोह के दौरान, मुख्यमंत्री योगी ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के स्टूडेंट्स से भी मुलाकात की।
लखनऊ-कानपुर राजमार्ग पर 2500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के 100 से ज्यादा एकड़ के विशाल स्मार्ट कैंपस में अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा, टिकाऊ डिजाइन, एडवांस्ड रिसर्च, मेकरस्पेस और वर्ल्ड क्लास फेकल्टी और इंडस्ट्री मेंटर्स शामिल हैं। भारत की पहली एआई सिटी लखनऊ में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश, उन्नाव का निर्माण स्टूडेंट्स को मल्टीडिस्प्लीनरी कौशल और ग्लोबल एक्सपोजर के लिए किया गया है।
आगामी 2025-26 अकादमिक सेशन से, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में पेश किए जा रहे 39 इंडस्ट्री ड्रिवन, फ्यूचर रेडी अकादमिक प्रोग्राम छह प्रमुख क्षेत्रों में करवाए जा रहे हैं, जिनमें इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस और टेक्नोलॉजी, बिजनेस मैनेजमेंट, हेल्थ एंड लाइफ साइंसेज, ह्यूमेनिटी और लीगल स्टडीज शामिल हैं।
उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी पहली एआई-ऑग्मेंटेड निजी यूनिवर्सिटी है जो देश में शिक्षा की क्रांति लाएगी। उन्होंने यूनिवर्सिटी को उन्नाव के लोगों के लिए एक नया उपहार बताया क्योंकि शैक्षणिक शिक्षा के अलावा, इस कैंपस में देश और इंडस्ट्री की आवश्यकता के अनुसार युवाओं की नई वर्कफोर्स तैयार करेगी। इस यूनिवर्सिटी में भारत के विकास के द्वार खोलने की नई ऊर्जा और संकल्प है। यह कैंपस नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार मल्टीडिसिप्लिनरी शिक्षा का एक नया केंद्र बनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपनों को साकार करने का एक नया अध्याय है।
देश न केवल आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में, बल्कि स्वास्थ्य सेवा, कृषि, खेल और रक्षा निर्माण के क्षेत्र में भी विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश कैंपस अपने विजन और आगे बढ़ने के मिशन के साथ इस क्षेत्र में एक केंद्र बिंदु बनेगा। इस कैंपस के माध्यम से हम विकसित भारत के विजन को साकार करने की योजना का क्रियान्वयन भी देख सकते हैं।”
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के उत्तर प्रदेश कैंपस में पहले बैच के स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी के विज़न के क्रियान्वयन को देखने के लिए भाग्यशाली हैं। मैं यूनिवर्सिटी को पहले चरण में एआई सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के माध्यम से चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा और कृषि में एआई के उपयोग की खोज के लिए आधार तैयार करने के लिए धन्यवाद देता हूँ और विभिन्न चरणों में एआई के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, इस यूनिवर्सिटी में काम शुरू हो चुका है।
भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है और आज चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी जैसे अकादमिक संस्थान इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में प्रमुख भूमिका निभाएंगे। उत्तर प्रदेश में इस एआई ऑग्मेंटेड यूनिवर्सिटी के खुलने के साथ, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने उस दिशा में कदम बढ़ाना भी शुरू कर दिया है और कई लोगों के लिए अवसरों के द्वार खोल दिए हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी एआई सिटी परियोजना का हिस्सा है, इसलिए इसका स्टूडेंट्स को इसका लाभ मिलेगा। इससे काफ़ी कुछ हासिल हुआ है। हमने एआई सिटी परियोजना के ज़रिए 50,000 से ज़्यादा रोज़गार देने का लक्ष्य रखा है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के नए ज़माने के पाठ्यक्रमों और एआई एकीकरण के साथ उत्तर प्रदेश की पारंपरिक शिक्षा के सम्मिश्रण ने वास्तव में उत्तर प्रदेश में एक नए मिशन को जन्म दिया है।”
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के रूप में अकेले इस कैंपस के माध्यम से इस जिले में 2,500 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है ताकि युवाओं को आधुनिकता के साथ-साथ संस्कारवान शिक्षा भी मिले।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, कंप्यूटर एप्लीकेशन, मैनेजमेंट और कॉमर्स के क्षेत्र में अगली पीढ़ी के इंडस्ट्री कोलेबोरेटिव प्रोग्राम्स की पेशकश के लिए ऐतिहासिक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर करके 20 से अधिक ग्लोबल और भारतीय कंपनियों के साथ कोलेबोरेशन की है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने वाली उद्योग की दिग्गज कंपनियों में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, आईबीएम, एसएएस, रैबिट एआई, क्विक हील, केपीएमजी, पीडब्ल्यूसी, एनएसई और ग्रांट थॉर्नटन शामिल हैं।
इसी के तहत जहाँ केपीएमजी ने मार्केटिंग स्ट्रैटेजीस में एआई एप्लिकेशन के लिए सेंटर ऑफ एक्ससीलेंस (सीओई) की स्थापना की है, वहीं एसएएस का कंप्यूटर विजन और डीप टेक्नोलॉजी में एआई एप्लिकेशन में सेंटर ऑफ एक्ससीलेंस, डेटा विजुअलाइजेशन के लिए मशीन इंटेलिजेंस में अग्रणी भूमिका पर केंद्रित है। वैश्विक आईटी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट और भारत की शीर्ष साइबर सुरक्षा फर्म क्विक हील के सहयोग से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश कैंपस में जल्द ही दो और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) स्थापित किए जाएँगे।
अपने संबोधन में सांसद (राज्य सभा) और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा, ’’मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, उत्तर प्रदेश पिछले आठ वर्षों में समृद्धि और विकास के पथ पर अग्रसर हुआ है। 25.48 लाख करोड़ रुपये की जीडीपी के साथ, यह राज्य न केवल देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, बल्कि अगले पाँच वर्षों में 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर भी अग्रसर है। योगी सरकार की सफलता इस बात से स्पष्ट है कि पिछले सात वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय दोगुनी हो गई है और राज्य देश के विकास का इंजन बन रहा है।’’
संधू ने आगे कहा, लखनऊ में भारत की पहली एआई सिटी की स्थापना इस दिशा में एक बड़ा कदम है क्योंकि यह कुशल जनशक्ति तैयार करने और उत्तर प्रदेश में इंडस्ट्री को आकर्षित करने में सहायक होगी, जिससे उत्तर प्रदेश की 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के सपने को साकार करने में मदद मिलेगी। मुझे विश्वास है कि एआई सिटी उत्तर प्रदेश को एक टेक्नोलॉजी पॉवरहाऊस के रूप में स्थापित करेगी और देश के एआई-ड्रिवन आर्थिक विकास के व्यापक लक्ष्य में सहायक होगी।
संधू ने कहा ”यूपी राज्य राधानी क्षेत्र रणनीतिक सरकारी पहलों और बुनियादी ढाँचे के विकास के कारण उत्तर प्रदेश में एक प्रमुख एजुकेशन हब के रूप में उभर रहा है, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने अपने उत्तर प्रदेश कैंपस में अकादमिक एक्सीलेंस के लिए विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त अपनी विशिष्ट विरासत को लाया है। एआई- ऑग्मेंटेड चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश कैंपस का शुभारंभ उभरते क्षेत्रों में टेक ड्रिवन भविष्य के कार्यबल को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जो राज्य को न केवल एक शैक्षिक केंद्र, बल्कि एक विकास इंजन के रूप में स्थापित करेगा जो देश की अर्थव्यवस्था को और आगे बढ़ाएगा।”

