हौसले को मिला हुनर, सपनों को मिली उड़ानः सीएम युवा ने हरेन्द्र को बनाया रोजगारदाता
आजमगढ़, 29 अगस्त(आर एन एस)उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना आज युवाओं के सपनों को पंख देने और उन्हें नौकरी तलाशने वाले से नौकरी देने वाले उद्यमी के रूप में स्थापित करने का सशक्त माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आत्मनिर्भर युवा और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की परिकल्पना को धरातल पर साकार करते हुए यह योजना शिक्षित एवं प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रही है।जनपद आजमगढ़ के बधाईगंज निवासी हरेन्द्र यादव की कहानी इसी बदलाव की प्रेरक मिसाल है। कभी बेहतर रोजगार की तलाश में मायानगरी मुंबई में करीब 12 वर्षों तक संघर्ष करने वाले हरेन्द्र आज अपने ही जिले में न केवल सफल उद्यमी हैं, बल्कि 8 लोगों को रोजगार देने वाले रोजगारदाता भी बन चुके हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान ने उनके अधूरे सपने को अवसर, आर्थिक सहयोग और आत्मविश्वास देकर नई दिशा प्रदान की।मुंबई से आजमगढ़ लौटे, तो मिला अपने सपनों को साकार करने का अवसर स्नातक शिक्षा प्राप्त हरेन्द्र यादव एक सामान्य परिवार से आते हैं। परिवार की जिम्मेदारियों और सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण अपना व्यवसाय शुरू करने का सपना लंबे समय तक सपना ही बना रहा। इसी तलाश में वे रोजगार के लिए मुंबई चले गए, जहां उन्होंने लगभग 12 वर्षों तक संघर्ष किया। मुंबई में रहकर काम करते हुए उनके मन में हमेशा अपना व्यवसाय शुरू करने की इच्छा थी, लेकिन पर्याप्त पूंजी और उचित मार्गदर्शन का अभाव बड़ी बाधा बना रहा। परिस्थितियों ने उन्हें वापस आजमगढ़ लौटने का अवसर दिया। इसी दौरान उन्हें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की जानकारी मिली। सरकारी योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध होने की जानकारी ने हरेन्द्र के भीतर एक नई उम्मीद जगाई। उन्होंने तय किया कि अब वे किसी दूसरे शहर में रोजगार तलाशने के बजाय अपने गांव-क्षेत्र में ही अपना रोजगार स्थापित करेंगे।
पांच लाख रुपये के ऋण से शुरू हुई नई यात्रा
हरेन्द्र यादव ने रेडीमेड गारमेंट एवं सिलाई कार्य से संबंधित इकाई स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत आवेदन किया। जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र तथा संबंधित विभागों के सहयोग से उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें बैंक के माध्यम से 5 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। ऋण मिलने के बाद उन्होंने आवश्यक मशीनें खरीदीं और ‘अवनि स्पोर्ट्स’ के नाम से रेडीमेड गारमेंट एवं स्पोर्ट्सवेयर का उत्पादन शुरू किया। लोवर, टी-शर्ट, ट्रैक शूट, स्कूल ड्रेस और अन्य स्पोर्ट्स वियर तैयार किए जाने लगे। शुरुआत आसान नहीं थी। नए व्यवसाय के सामने बाजार में अपनी पहचान बनाना सबसे बड़ी चुनौती थी। लेकिन हरेन्द्र ने गुणवत्ता और उचित कीमत को अपने व्यवसाय का आधार बनाया। ग्राहकों को बेहतर उत्पाद और समयबद्ध सेवा देने पर विशेष ध्यान दिया। धीरे-धीरे उनके उत्पादों ने बाजार में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी।
आठ लोगों को मिला रोजगार, बढ़ी स्थानीय आर्थिक गतिविधि
हरेन्द्र की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत आत्मनिर्भरता तक सीमित नहीं रही। उनका उद्यम बढ़ा तो रोजगार के अवसर भी बढ़े। आज ‘अवनि स्पोर्ट्स एण्ड गारमेन्ट्स’ में 8 लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने आजमगढ़ के निजी विद्यालयों से संपर्क स्थापित किया। विद्यालयों से छात्र-छात्राओं की स्कूल ड्रेस, ट्रैक शूट और स्पोर्ट्स वियर के ऑर्डर मिलने लगे। विद्यालयों की आवश्यकता के अनुसार निर्धारित सिंबल एवं लोगो की कढ़ाई कर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराए गए। गुणवत्ता और समयबद्ध आपूर्ति के कारण उनके व्यवसाय का दायरा आजमगढ़ से निकलकर पूर्वांचल के अन्य जनपदों तक पहुंच गया है। उनके उत्पादों की मांग वाराणसी, गाजीपुर, मऊ और बलिया तक है। वर्तमान में उनकी इकाई का वार्षिक टर्नओवर लगभग 12 से 15 लाख रुपये है।
योजना बनी सपनों और सफलता के बीच की कड़ी
हरेन्द्र यादव बताते हैं कि यदि उन्हें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की जानकारी नहीं मिली होती और समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध नहीं होती, तो शायद अपने व्यवसाय का सपना पूरा करना इतना आसान नहीं होता। उनके अनुसार सरकार की योजनाएं युवाओं के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने की क्षमता रखती हैं। जरूरत है कि युवा योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें, सही मार्गदर्शन लें और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर आगे बढ़ें। हरेन्द्र की कहानी यह बताती है कि अवसर मिलने पर जिले का युवा केवल अपने लिए रोजगार नहीं तलाशता, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के द्वार खोल सकता है। यही आत्मनिर्भरता से रोजगारदाता बनने की यात्रा है।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षित एवं प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित कराना और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना है। योजना के तहत 21 से 40 वर्ष आयु के न्यूनतम 8वीं पास पात्र युवा विनिर्माण, सेवा, फ्रेंचाइजी और ‘बिजनेस ऑन व्हील्स’ जैसे क्षेत्रों में उद्यम स्थापित करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक की परियोजनाओं के लिए 4 वर्षों तक 100 प्रतिशत ब्याज मुक्त एवं बिना गारंटी ऋण की सुविधा तथा परियोजना लागत पर 10 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान का प्रावधान है। यह सहायता उन युवाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिनके पास हुनर तो है, लेकिन अपने व्यवसाय को शुरू करने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की परिकल्पना है कि प्रदेश का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। इसी सोच के अनुरूप प्रतिवर्ष एक लाख युवाओं को वित्त पोषित कर आगामी 10 वर्षों में 10 लाख सूक्ष्म इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।
आजमगढ़ में दिख रहा बदलाव
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में जनपद आजमगढ़ में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। जनपद में अब तक लगभग 6100 युवाओं के ऋण स्वीकृत हो चुके हैं। ये युवा विभिन्न क्षेत्रों में अपने उद्यम स्थापित कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार का कहना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक युवा इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि जब कोई युवा अपना उद्यम स्थापित करता है तो वह केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत नहीं करता, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने और अन्य लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।हरेन्द्र की कहानीः आत्मनिर्भर आजमगढ़ की तस्वीर
मुंबई की भागदौड़ से निकलकर आजमगढ़ की धरती पर अपना भविष्य गढ़ने वाले हरेन्द्र यादव की कहानी केवल एक व्यक्ति की सफलता की कहानी नहीं है। यह उस बदलते आजमगढ़ की तस्वीर है, जहां सरकारी योजनाओं का सहयोग, युवा शक्ति का हुनर और उद्यमिता का संकल्प मिलकर नई संभावनाओं को जन्म दे रहे हैं। कभी रोजगार की तलाश में महानगर का रुख करने वाले हरेन्द्र आज अपने ही क्षेत्र में रोजगार का सृजन कर रहे हैं। उनके हाथों में अब केवल हुनर नहीं, बल्कि अपने और दूसरों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी भी है। यही है मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का उद्देश्यकृयुवा को अवसर देना, उसके हुनर को उद्यम में बदलना और उद्यम को रोजगार का माध्यम बनाना।बदल रहा आजमगढ़, उभर रहा प्रदेश।

