12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के योग सप्ताह का हुआ शुभारंभ।

 

12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के योग सप्ताह का हुआ शुभारंभ।

 

शासन के मंशानुरूप जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन के निर्देश के क्रम में 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के योग सप्ताह के प्रथम दिवस का शुभारंभ पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपा शंकर सिंह के द्वारा लोहिया पार्क में दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के प्रोटोकॉल का पूर्वाभ्यास पतंजलि योग समिति उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी अचल हरीमूर्ति और मुख्य योग शिक्षक अरविंद कुमार के द्वारा कराया गया।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के प्रोटोकॉल के पूर्वाभ्यास के तहत गर्दन, कंधो और कमर से संबंधित होनी वाली समस्याओं सर्वाइकल, स्पोंडिलाइटिस, कमर और रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु विभिन्न प्रकार के सरल और सहज व्यायामों का अभ्यास कराया गया।

शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ता के लिए खड़े होकर, बैठकर और पेट व पीठ के बल लेटकर किये जाने वाले आसनों का अभ्यास कराया गया, जिसमें मुख्य रूप से ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंध आसन, उत्तानपादासन,पवन मुक्तासन के साथ शव आसन या योग निद्रा का अभ्यास रहा। योग सप्ताह के अंतर्गत लोहिया पार्क में संगीतमय योगाभ्यास कराया जा रहा है।

 

स्वास्थ्य की दृष्टि से प्राणायामों के साथ ध्यान का विशेष महत्व होता है और प्रोटोकॉल के तहत कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और उद्गगीथ प्राणायामों के साथ शीतली और सित्कारी प्राणायामों के साथ ध्यान का अभ्यास कराया गया।

इस दौरान पूर्व गृृृृहराज्य मंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति सदैव जागरूक रहना चाहिए जिसके लिए मध्यम गति के साथ लम्बी दूरी तक टहलना या किसी खेल को खेलकर अथवा नियमित योग को अपनी जीवन शैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाकर अपने स्वास्थ्य को सर्वोत्तम बनाया जा सकता है।

इस अवसर पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं युनानी अधिकारी डॉ कमल, जिला उद्यान अधिकारी सीमा सिंह, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी धर्मराज सिंह, आयुष विभाग के समस्त स्टाफ के साथ सभी योग प्रशिक्षकों के साथ सैकड़ों की संख्या में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगों की उपस्थिति रहे।

 

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जिला सूचना कार्यालय, जौनपुर द्वारा जारी

 

जौनपुर 15 जून, 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-02

 

विश्व डेंगू दिवस के अवसर पर जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव के निर्देशन में मलेरिया फाइलेरिया टीम द्वारा सहायक मलेरिया अधिकारी संजीव कुमार मिश्रा के नेतृत्व में ब्लॉक जलालपुर के उदपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संदीप पटेल के सहयोग से डेंगू जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें लोगों को डेंगू एवं अन्य मच्छर जनित बीमारियों के कारण ,लक्षण, बचाव के प्रति जानकारी दी गई और पोस्टर,पैम्फलेट भी वितरित किए गए।

सहायक मलेरिया अधिकारी अशोक कुमार द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करंजाकला में गोष्ठी, पोस्टर आदि प्रदर्शित किए गए।

मलेरिया निरीक्षक चंद्रेश कुमार पटेल के नेतृत्व में सुपरवाइजर शिव शंकर वर्मा, श्री इंद्रजीत ,फील्ड वर्कर रामरूप के सहयोग से नगरीय क्षेत्र जौनपुर के प्रेमराजपुर में डेंगू निरोधात्मक एवं जन जागरूकता संबंधित गतिविधियां जैसे प्रचार प्रसार, पोस्टर पैम्फलेट वितरण, ब्रीडिंग सोर्स सर्वे, ब्रीडिंग सोर्स रिडक्शन, स्वास्थ्य शिक्षा, एंटीलार्वा रसायन स्प्रे आदि संपादित कराई गयीं।

जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया है कि डेंगू मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलने वाला एक संक्रामक वायरस जनित रोग होता है। एडीज मच्छर रुके हुए साफ पानी जैसे कूलर, गमला, टब, बाल्टी, मग, खुली हुई पानी की टंकी, फ्रिज की ट्रे आदि में पैदा होते हैं और नम, अंधेरे, छाया दार स्थानों में रहता है, यह मच्छर दिन में काटता है खास कर सुबह, शाम ज्यादा काटता है।इसके शरीर पर काली सफेद स्पॉट होते हैं इसे टाइगर मच्छर भी कहा जाता है।

डेंगू में हड्डियों, जोड़ों में दर्द के साथ बुखार तेज बुखार आता है शरीर पर चकत्ते निकल जाते हैं, भूख न लगना, उल्टी, मितली आना,खून की कमी, प्लेट लेट्स की कमी आदि लक्षण आते हैं,जांच उपचार में देरी पर रक्तस्राव भी हो सकता है।

डेंगू में जांच उपचार में देरी पड़ सकती है भारी। अतः उपरोक्त में से कोई लक्षण आये तो तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र जाकर अपना निःशुल्क जांच उपचार कराएं। डेंगू के जांच उपचार की व्यवस्था जनपद के समस्त सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, आयुष्मान आरोग मंदिर,जिला चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध है, जिला चिकित्सालय जौनपुर में एलिजा जांच मशीन एवं किट, आइसोलेटेड डेंगू वार्ड ,ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन भी उपलब्ध है।

जिला मलेरिया अधिकारी ने जन समुदाय से अपील की है कि डेंगू धनात्मक पाए जाने पर पूरी तरह से आराम करें,तरल खाद्य सामग्रियों का अधिक से अधिक सेवन करें, तला भुना गरिष्ठ भोजन न करें, मच्छरदानी में सोएं, खुली बदन न सोएं, झोला छाप से दवा न लें ,अपने से दवा न लें।अपने घरों के अंदर बाहर साफ सफाई रखें, झाड़ियां साफ करें, जल जमाव न होने दें,कूलर का ,फ्रिज की ट्रे का पानी सप्ताह में एक बार बदल दें। टंकी को ढक कर रखें।

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