22 अप्रैल- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
रामचरितमानस मुनि भावन ।
बिरचेउ संभु सुहावन पावन ।।
त्रिबिध दोष दुख दारिद दावन ।
कलि कुचालि कुलि कलुष नसावन ।।
( बालकांड 34/5)
राम राम 🙏🙏
मानस जी के आरंभ में देवताओं आदि की वंदना, नाम महिमा उपरांत गोस्वामी श्री तुलसीदास जी महाराज कहते हैं कि यह रामचरितमानस मुनियों का प्रिय है, इस पावन मानस की रचना शिव जी ने की है । यह तीनों प्रकार के दोषों, दुखों और दरिद्रता तथा कलियुग की कुचालों तथा सब पापों का नाश करने वाला है ।
भक्तों ! श्री रामचरितमानस हमारे दोषों, दुखों व पापों को दूर करने वाला है । शिव जी के इस प्रसाद को जब आप आत्मसात करेंगे तभी यह संभव होगा । यह जिस प्रकार मुनियों को प्रिय है उसी प्रकार इसे अपना प्रिय बनाइए व जगत के सब झंझटों से मुक्ति पाइए ! जय श्री रामचरितमानस साथ ही सीताराम नाम का निरन्तर भजन करते रहें,…….. श्री राम जय राम जय जय राम जय सियाराम जय जय सियाराम । श्री राम जय राम जय जय राम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम ।
सीताराम जय सीताराम जय सियाराम जय जय सियाराम। जय जय श्री सीताराम ।
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संकलन तरूण जी लखनऊ

