25 अप्रैल- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
श्रीगुरु चरन सरोज रज
निज मनु मुकुरु सुधारि ।
बरनउँ रघुबर बिमल जसु
जो दायकु फल चारि ।।
( अयोध्याकाण्ड, दो. श्लोक उपरांत)
राम राम 🙏🙏
अयोध्याकांड की शुरुआत करते हुए शिव जी व श्री राम जी की वंदना उपरांत पूज्यपद गोस्वामी श्री तुलसीदास जी कहते हैं कि सदगुरुदेव जी के चरणों की रज से अपने मन रूपी दर्पण को साफ़ करके श्री सीताराम जी राम के निर्मल यश का वर्णन करता हूँ जो धर्म , अर्थ , काम व मोक्ष देने वाला है ।
भक्तों! बस पावन मन से आप श्री राम जी के यश का गान करें, आपको सभी प्रकार के भौतिक और आध्यात्मिक जो भी आवश्यकता होगी वो सब कुछ आपके मुठ्ठी में होगा, इसलिए अपने मन चित्त को इधर उधर भटकाने से अच्छा है श्री सीताराम जी का गुणगान करिए सुनिए तथा निरन्तर नाम भजन करते रहिए,……अथ ! श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम। श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम। जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम।
राय राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

