जाम से मुक्ति दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन मंथन मे जुटी

जाम से मुक्ति दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन मंथन मे जुटी

(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ)

अयोध्या।रामनगरी में दो दिन के ट्रायल के बाद अब जिला प्रशासन का मुख्य केन्द्र बिंदु रामपथ के सबसे भीड़ भाड़ वाले हिस्से श्रीराम अस्पताल से हनुमानगढ़ी तिराहे तक करीब 150 मीटर क्षेत्र को पूरी तरह जाम मुक्त बनाने पर है।इसके लिए प्रशासन ए और बी दो तरह के प्लान पर काम कर रहा है, ताकि भीड़ रहने और न रहने की स्थिति में अलग-अलग व्यवस्था लागू की जा सके।जाम से निजात दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालु अपने वाहनों से अधिकतम दूरी तक राम मंदिर के करीब पहुंच सकें,जिससे उन्हें पैदल कम चलना पड़े। साथ ही स्थानीय निवासियों को आवागमन में होने वाली दिक्कतों से राहत देने के लिए भी विशेष रणनीति बनाई जा रही है।देखा जाये तो दो दिन के ट्रायल के दौरान रामपथ और संपर्क मार्गों के 52 बैरियर से वाहनों की रोक हटा दी गई थी।इस दौरान मालवाहन से लेकर चार पहिया वाहन तक सभी मार्गों पर सुचारु रूप से चलते नजर आए।हालांकि, टेढ़ी बाजार से लता मंगेशकर चौराहे के बीच केवल श्रीराम अस्पताल से हनुमानगढ़ी तिराहे तक ही वाहनों का दबाव ज्यादा दिखा।बाकी मार्गों पर जाम की स्थिति नहीं रही।ट्रायल के दौरान यह भी सामने आया कि कई संवेदनशील बैरियरों पर बिना जांच के ही वाहनों को प्रवेश मिलता रहा। कई जगह पुलिसकर्मी केवल डायवर्जन तक सीमित नजर आए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर से लगभग तीन किलोमीटर के दायरे में कई नई पार्किंग बनाने की योजना है। पुराने धर्मकांटा चौराहे के पास पार्किंग बनने के बाद बाहरी वाहनों को वहीं तक आने की अनुमति दी जा सकती है। अयोध्या कैंट की ओर से आने वाले वाहनों को सामान्य दिनों में टेढ़ी बाजार और श्रीराम अस्पताल बैरियर तक आने की छूट देने पर भी सहमति बनी है। देखा जाए तो रामनगरी में इस समय सबसे अधिक चुनौती ई-रिक्शा और गोल्फ कार्ट है।श्रीराम अस्पताल बैरियर के पास इनकी लंबी कतारें नजर आईं। वहीं,हनुमानगढ़ी तिराहे तक ठेले-खोमचे भी लाइन में लगे रहे, जिससे रास्ता संकरा हो गया। इस संबंध में सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि ई-रिक्शा को पूर्व की भांति राम पथ पर प्रतिबंधित रहेगा।सीओ अयोध्या
आशुतोष तिवारी ने बताया कि राम नगरी वासियों को आवागमन में कोई परेशानी न हो,इसके लिए काम किया जा रहा है।शहर के 52 स्थानों पर बैरियर को अयोध्या वासियों और श्रद्धालुओं को खोल दिया गया है।कुछ स्थानों पर जाम की स्थिति बन रही है, जिसके लिए प्लान के अनुसार काम किया जा रहा है, बैरियर फिलहाल यथावत बने रहेंगे,लेकिन अब वहां सुरक्षा व्यवस्था के साथ यात्री वाहनों के आवागमन को भी नियंत्रित रूप से अनुमति दी जाएगी।अधिकारियों के अनुसार, पहले भी जरूरत के आधार पर बैरियरों पर वाहनों के प्रवेश को सीमित किया जाता था।अब नई समीक्षा बैठक के बाद यातायात व्यवस्था में और लचीलापन लाते हुए वाहनों के आवागमन की छूट कुछ और बढ़ाई जाएगी, ताकि सुरक्षा और सुविधा दोनों का संतुलन बना रहे।वही यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्थानीय लोगों ने कई सुझाव दिए हैं।गोल्फ कार्ट और ई-रिक्शा की संख्या सीमित की जाए, इलेक्ट्रिक बसें बढ़ाई जाएं।फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त कर पैदल आवागमन बढ़ाया जाए।श्रीराम अस्पताल से कोतवाली तक ई-रिक्शा पूरी तरह प्रतिबंधित हों।

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