*गन्ना किसानों की खुशहाली का आधार बनी समयबद्ध भुगतान व्यवस्था*

*गन्ना किसानों की खुशहाली का आधार बनी समयबद्ध भुगतान व्यवस्था*

*ब्यूरो रिपोर्ट-जनार्दन श्रीवास्तव*

*शाहजहांपुर* उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में गन्ना क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश सरकार की किसान हितैषी नीतियों, पारदर्शी कार्यप्रणाली तथा तकनीक आधारित व्यवस्थाओं के परिणामस्वरूप गन्ना किसानों को उनकी उपज का मूल्य समयबद्ध रूप से प्राप्त हो रहा है। जनपद शाहजहांपुर में गन्ना विकास एवं गन्ना मूल्य भुगतान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।

जनपद शाहजहाँपुर में गन्ने की फसल का आच्छादन लगभग 1,03,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में है। गन्ना विकास विभाग द्वारा रोजा, निगोही, पुवायाँ एवं तिलहर गन्ना विकास परिषदों के माध्यम से विभिन्न गन्ना विकास कार्यक्रमों एवं योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाता है। सहकारी गन्ना विकास समिति रोजा एवं पुवायाँ तथा चीनी मिल समिति तिलहर द्वारा लगभग 1.96 लाख गन्ना आपूर्तिकर्ता कृषक सदस्यों के गन्ना विपणन एवं कृषि निवेश उपलब्धता की कार्यवाही की जाती है।
जनपद में कुल पाँच चीनी मिलें संचालित हैं, जिनमें तिलहर एवं पुवायाँ सहकारी क्षेत्र की तथा निगोही, रोजा एवं मकसूदापुर निजी क्षेत्र की चीनी मिलें शामिल हैं। ये चीनी मिलें गन्ना किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं तथा गन्ना खरीद एवं मूल्य भुगतान की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित कर रही हैं।
पेराई सत्र 2025-26 में जनपद की चीनी मिलों पर 1029.11 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य देय हुआ, जिसके सापेक्ष 923.60 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। यह कुल देय गन्ना मूल्य का 89.75 प्रतिशत है। जनपद की चीनी मिल निगोही, रोजा, तिलहर एवं पुवायाँ द्वारा कृषकों के शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया गया है। यह उपलब्धि किसानों के प्रति चीनी मिलों की प्रतिबद्धता तथा प्रभावी भुगतान व्यवस्था को दर्शाती है।
गन्ना किसानों को समय पर भुगतान उपलब्ध कराने के साथ-साथ विभाग द्वारा आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्नत प्रजातियों के प्रचार-प्रसार, कृषि निवेश की उपलब्धता तथा विभिन्न विकास कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे गन्ना उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के साथ किसानों की आय में भी निरंतर बढ़ोतरी हो रही है।
गन्ना क्षेत्र में हुए इन सकारात्मक परिवर्तनों का प्रभाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। किसानों की बढ़ी हुई आय से स्थानीय बाजारों में व्यापारिक गतिविधियों को बल मिला है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास को नई दिशा प्राप्त हुई है। गन्ना विकास विभाग और चीनी मिलों के समन्वित प्रयासों से किसानों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है।
जनपद में गन्ना विकास एवं गन्ना मूल्य भुगतान के क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियाँ यह सिद्ध करती हैं कि किसान हितैषी नीतियाँ, प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था तथा समयबद्ध भुगतान प्रणाली किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। भविष्य में भी किसानों की आय वृद्धि, उत्पादन क्षमता में सुधार तथा समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाते रहेंगे।

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