मलेरिया का एक नया मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने मरीज के घर एवं आसपास के क्षेत्र में किया छिड़काव, बचाव की दिया जानकारी

मलेरिया का एक नया मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने मरीज के घर एवं आसपास के क्षेत्र में किया छिड़काव, बचाव की दिया जानकारी

जौनपुर 30 जुलाई, जनपद के विकासखंड करंजाकला अंतर्गत ग्राम काजीबाजार में मलेरिया का एक नया धनात्मक मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मरीज के घर एवं आसपास के क्षेत्र में निरोधात्मक गतिविधियां संचालित कीं। जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने मरीज का सत्यापन, मलेरिया जागरूकता, स्वास्थ्य शिक्षा, ब्रीडिंग सोर्स सर्वे, सोर्स रिडक्शन, पोस्टर चस्पा करने तथा पम्पलेट वितरण का कार्य किया।नोडल अधिकारी वीबीडी डॉ. आलोक सिंह ने बताया कि मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाला संक्रामक रोग है। इसके प्रमुख परजीवी प्लाज्मोडियम वाइवैक्स एवं प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम हैं। उत्तर भारत में अधिकांश मामले प्लाज्मोडियम वाइवैक्स के होते हैं, जबकि प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम अधिक गंभीर एवं जानलेवा हो सकता है। मलेरिया का मच्छर साफ एवं रुके हुए पानी में पनपता है तथा अंधेरे, नम एवं छायादार स्थानों में रहता है।
उन्होंने बताया कि संक्रमित मच्छर के काटने के लगभग 9 से 12 दिन बाद मलेरिया के लक्षण दिखाई देते हैं। इनमें ठंड लगकर तेज बुखार आना, कंपकंपी, सिर एवं शरीर में दर्द, उल्टी, मितली, भूख कम लगना, खून की कमी, सांस फूलना तथा लीवर एवं तिल्ली का बढ़ना शामिल है। गंभीर मामलों में दिमागी मलेरिया भी हो सकता है।
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर घबराने की आवश्यकता नहीं है। जनपद के मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर मलेरिया की जांच एवं उपचार की निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध है। समय पर जांच एवं उपचार कराने से रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है।

उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक जनपद में 1,76,094 संभावित मरीजों की मलेरिया जांच की जा चुकी है, जिनमें 14 मरीज मलेरिया धनात्मक पाए गए हैं। इनमें से 11 मरीजों का जांच उपचार हो चुका हैं, जबकि 3 मरीजों का उपचार जारी है। जनपद में मलेरिया से किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है।

जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि जनपद में नियमित मलेरिया जॉच किया जा रहा है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच किट एवं आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। आशा एवं एएनएम द्वारा क्षेत्र में संभावित बुखार के मरीजों की पहचान कर मलेरिया की जांच कराई जा रही है। साथ ही जनसमुदाय को स्वास्थ्य शिक्षा, प्रचार-प्रसार, ब्रीडिंग सोर्स सर्वे एवं सोर्स रिडक्शन के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है।

इसी क्रम में 30 जुलाई 2026 को जिला मलेरिया अधिकारी के नेतृत्व में सहायक मलेरिया अधिकारी अशोक कुमार, एसएफडब्ल्यू इंद्रजीत सिंह, एफडब्ल्यू रामरूप यादव एवं आशा अमृता देवी सहित मलेरिया टीम ने ग्राम काजीबाजार में मलेरिया मरीज रेशमा पत्नी बदरे आलम के घर पहुंचकर सत्यापन, स्वास्थ्य शिक्षा, मलेरिया जागरूकता, ब्रीडिंग सोर्स सर्वे, सोर्स रिडक्शन, पोस्टर चस्पा एवं पम्पलेट वितरण सहित निरोधात्मक गतिविधियां संचालित कीं।

स्वास्थ्य विभाग ने जनसामान्य से अपील की है कि मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें, घर एवं आसपास साफ-सफाई रखें, जलभराव न होने दें, कूलर, गमलों एवं फ्रिज की ट्रे का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदलें, पानी की टंकियों को ढककर रखें तथा बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तत्काल निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर निःशुल्क जांच एवं उपचार कराएं।

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