मेडिकल कॉलेज जौनपुर में नशा मुक्ति जनजागरूकता पखवाड़ा के अंतर्गत जागरूकता रैली आयोजित किया गया
संवाददाता प्रवीण अस्थाना
*जौनपुरः* उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर के प्रधानाचार्य प्रो0 (डा0) आर0बी0 कमल के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो0 (डा0) ए0ए0 जाफरी के मार्गदर्शन में 25 जुलाई से 08 अगस्त, 2026 तक संचालित नशा मुक्ति जनजागरूकता पखवाड़ा के अंतर्गत आज जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली का संचालन तंबाकू नियंत्रण नोडल अधिकारी डा0 अनिल कुमार तथा नशा मुक्ति नोडल अधिकारी डा0 विनोद वर्मा के समन्वय से किया गया।
रैली में एलाइड एवं हेल्थकेयर (पैरामेडिकल) विद्यार्थियों, चिकित्सा शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। रैली के माध्यम से आमजन को तंबाकू, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट, शराब एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।
रैली के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न जागरूकता नारों एवं संदेशों के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि नशा व्यक्ति, परिवार एवं समाजकृतीनों के लिए हानिकारक है तथा नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की सशक्त आधारशिला हैं।
रैली में “विकसित भारत के लिए, नशामुक्त युवा” थीम के अनुरूप युवाओं एवं आमजन से नशे के विरुद्ध संकल्प लेने तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। विद्यार्थियों ने यह भी संदेश दिया कि आज की व्यस्त जीवनशैली, साथियों के दबाव एवं जागरूकता के अभाव में अनेक युवा नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं। समय रहते सही मार्गदर्शन, परामर्श एवं दृढ़ संकल्प के माध्यम से नशे से बचा जा सकता है।
रैली के माध्यम से आमजन को नशे की लत से बचाव के साथ-साथ नशे के आदी व्यक्तियों को उचित चिकित्सा एवं परामर्श उपलब्ध कराने के प्रति भी जागरूक किया गया। रैली ने उपस्थित लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया तथा नशामुक्ति के प्रति सकारात्मक संदेश प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य प्रो0 (डा0) आर0बी0 कमल ने नशा मुक्ति जनजागरूकता पखवाड़ा के सफल आयोजन के लिए नशा मुक्ति नोडल अधिकारी एवं तंबाकू नियंत्रण नोडल अधिकारी सहित आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले सभी विभागों, चिकित्सा शिक्षकों, पैरामेडिकल विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहितकारी जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को नशामुक्त एवं स्वस्थ बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।

