छात्रवृत्ति से वंचित 3.16 लाख विद्यार्थियों को एक और मौका, 1 सितंबर से फिर खुलेगा पोर्टल

छात्रवृत्ति से वंचित 3.16 लाख विद्यार्थियों को एक और मौका, 1 सितंबर से फिर खुलेगा पोर्टल

लखनऊ, (आरएनएस )। वित्तीय वर्ष 2025-26 में तकनीकी कारणों से दशमोत्तर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए पात्र छात्र-छात्राओं को उत्तर प्रदेश सरकार ने एक और अवसर देने का फैसला किया है। बड़ी पहल करते हुए समाज कल्याण विभाग 1 सितंबर 2026 से छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खोलेगा, ताकि तकनीकी कारणों से लाभ से वंचित रह गए पात्र विद्यार्थियों के आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई जा सके। इस व्यवस्था का लाभ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र विद्यार्थियों को मिलेगा।सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के करीब 3 लाख 16 हजार 57 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिलने की उम्मीद है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में तकनीकी कारणों से इन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं हो सका था। विभाग द्वारा अब पोर्टल दोबारा खोलकर पात्र विद्यार्थियों को आवेदन और संबंधित प्रक्रिया पूरी करने का अवसर दिया जाएगा।समाज कल्याण विभाग के अनुसार, छात्रवृत्ति की धनराशि पीएफएमएस के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। भुगतान की प्रक्रिया 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच पूरी किए जाने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। सरकार का प्रयास है कि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जा सके।विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, छात्रवृत्ति से वंचित रहने वाले 3,16,057 विद्यार्थियों में शासकीय संस्थानों के 31,836, शासकीय सहायता प्राप्त संस्थानों के 37,795 और निजी संस्थानों के 2,46,426 विद्यार्थी शामिल हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि तकनीकी कारणों से सबसे अधिक विद्यार्थी निजी शिक्षण संस्थानों के प्रभावित हुए हैं। अब पोर्टल दोबारा खुलने से इन विद्यार्थियों को अपनी छात्रवृत्ति संबंधी प्रक्रिया पूरी करने का अवसर मिलेगा।सरकार के इस निर्णय को आर्थिक रूप से कमजोर और छात्रवृत्ति पर निर्भर विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण राहत के तौर पर देखा जा रहा है। छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा विद्यार्थियों की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। तकनीकी कारणों से भुगतान रुक जाने के कारण कई विद्यार्थियों के सामने आर्थिक कठिनाइयां पैदा होने की आशंका थी। सरकार ने दोबारा पोर्टल खोलकर ऐसे विद्यार्थियों को राहत देने की पहल की है।समाज कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र छात्र-छात्रा छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक या तकनीकी बाधाओं के कारण प्रभावित नहीं होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। पात्र विद्यार्थियों को उनका हक समय पर मिले, इसके लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लिए जा रहे जनहितकारी निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार युवाओं की शिक्षा और उनके भविष्य को लेकर गंभीर है।नई व्यवस्था के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के सभी पात्र छात्र-छात्राओं को लाभ दिया जाएगा। छात्रवृत्ति की धनराशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और बिचौलियों की भूमिका खत्म करने में भी मदद मिलेगी।सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि तकनीकी कारणों से छूटे पात्र विद्यार्थियों को दोबारा अवसर देकर उनकी छात्रवृत्ति प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। विभाग का यह कदम उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो पात्र होने के बावजूद तकनीकी अड़चनों के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ नहीं ले सके थे।प्रदेश सरकार का कहना है कि किसी भी पात्र विद्यार्थी की पढ़ाई धनराशि के अभाव में बाधित नहीं होने दी जाएगी। छात्रवृत्ति पोर्टल को दोबारा खोलने और निर्धारित समय में भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने से लाखों विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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