मकान-व्यापार बचाने का आंदोलन तेज, आवास विकास कार्यालय पर हंगामा, सरकार के भरोसे का इंतजार

मकान-व्यापार बचाने का आंदोलन तेज, आवास विकास कार्यालय पर हंगामा, सरकार के भरोसे का इंतजार

मेरठ। मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में मकान और व्यापार बचाने का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में व्यापारी, स्थानीय लोग, भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता और अस्पताल संचालक आवास विकास परिषद के कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने सैटबैक की कार्रवाई के विरोध में जमकर नारेबाजी की और अधिकारियों से कार्रवाई रोकने तथा समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की। वहीं, लखनऊ से लौटे शास्त्रीनगर सेक्टर-2, स्कीम-7 की महिलाओं ने सरकार के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए कहा कि अब उन्हें नई आवास नीति से राहत की उम्मीद है।

सैटबैक कार्रवाई के विरोध में आवास विकास कार्यालय पर प्रदर्शन

गुरुवार को सेंट्रल मार्केट से जुड़े बड़ी संख्या में लोग आवास विकास परिषद के कार्यालय पहुंचे। लोगों ने आरोप लगाया कि सैटबैक के नाम पर हो रही कार्रवाई से उनके व्यापार और मकानों पर संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन के दौरान कार्यालय परिसर में काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों से कार्रवाई पर रोक लगाने और वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।

आंदोलन जारी रखने का ऐलान

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मकान और व्यापार उनके परिवारों की आजीविका से जुड़े हैं। कार्रवाई होने की स्थिति में उनके सामने बड़ा आर्थिक और आवासीय संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं निकलता, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न संगठनों और प्रभावित लोगों की मौजूदगी रही।

शास्त्रीनगर सेक्टर-2, स्कीम-7 की महिलाओं ने बुधवार को धरनास्थल पर पत्रकारों से बातचीत में लखनऊ में हुई मुलाकात की जानकारी दी। राधा गुप्ता, रुपाली शर्मा, शालू शर्मा, जगरोशनी और शीतल पूजानी ने बताया कि वे मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ गई थीं, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात की।

नई आवास नीति के तहत राहत की उम्मीद

महिलाओं के अनुसार, उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्रीनगर में कार्रवाई को लेकर सरकार गंभीर है और नई आवास नीति के तहत छोटे भूखंड वाले परिवारों को राहत देने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मामले को मंत्रिपरिषद के सामने रखकर स्थायी निर्णय लेने की दिशा में भी प्रयास चल रहा है। महिलाओं का कहना है कि इससे प्रभावित परिवारों को उम्मीद जगी है कि उनके मकानों के लिए कोई रास्ता निकलेगा।

शास्त्रीनगर का सर्वे करा रही टीम

महिलाओं ने बताया कि उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के आवास आयुक्त अनिल ढींगरा ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उनके अनुसार, शास्त्रीनगर में सर्वे के लिए अधिकारियों की टीम लगाई गई है और सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर आगे का रास्ता निकाला जाएगा। महिलाओं ने कहा कि अब उनकी नजर सरकार के अगले फैस

ले पर है।

 

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